{"_id":"5b4e28b84f1c1b44748b54b8","slug":"91531848888-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांड़ ने हमला कर किसान को मार डाला, स्कूल में जमाया डेरा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सांड़ ने हमला कर किसान को मार डाला, स्कूल में जमाया डेरा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
victims kin
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम पंचायत थरवरनपुर के गांव छेदीपुर निवासी 55 वर्षीय सेवाराम चौहान सोमवार की शाम अपने खेत पर जा रहे थे। इसी बीच करीब सात बजे थरबरनपुर प्राथमिक विद्यालय के पास मौजूद एक सांड़ ने उन पर हमला कर दिया। सेवाराम के बेटे रमेेश चंद्र ने बताया कि सांड़ नेे पहले पिता सेवाराम को अपनी सींगों में टांग लिया और कुछ देर उन्हें हवा में ही टांगे रहा। यह देख जब तक ग्रामीण लाठी, डंडे लेकर मौके पर पहुंचे, तब तक सांड़ ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया। सींग से उनके गहरे घाव हो गए और अत्यधिक रक्तस्राव होने से कुछ देेर बाद सेवाराम की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में ग्रामीणों ने बमुश्किल सांड़ को मौके से हटाकर शव को अपने कब्जे में लिया।
सांड़ ने स्कूल में जमाया डेरा
मैलानी। सेवाराम की जान लेने के बाद हमलावर सांड़ ने प्राथमिक विद्यालय थरबरनपुर के ऑफिस केे बरामदे मेें डेरा जमा लिया है, तब से वह वहीं बैठा है। प्रधानाध्यापक जगन्नाथ की गैरमौजूदगी में शिक्षामित्र संजीव कुमार और रामाधार ने बताया कि सांड़ के डर से स्कूल में छुुट्टी कर इसकी सूचना प्रधानाध्यापक को दे दी गई है। इस कारण मंगलवार को स्कूल में पढ़ाई नहीं हो सकी। प्रधान सुमित्रा देवी के पुत्र प्रमोद कुुमार ने बताया कि सांड़ इससे पहले छेदीपुर निवासी परागू पर हमला कर उन्हें जख्मी कर चुका है।
दो ग्रामीणों को दौड़ा चुका है सांड़
मैलानी। सेवाराम की जान लेने वाला सांड़ पहले दो ग्रामीणों को दौड़ा चुका हैै। ग्रामीण जबरे ने बताया कि उन्हें खेत पर सांड़ ने दौड़ा लिया, तो बहुत दूर तक जंगल में दौड़कर उन्होंने अपनी जान बचाई। गांव के ही हरिराम ने बताया कि उन्हें भी सांड़ ने खेत में दौड़ा लिया, तब पास में स्थित दीवार पर चढ़कर वह सांड़ के प्रकोप से बच सके। इस पर गुुस्साए सांड़ ने दीवार में ही कई टक्कर मारीं, तब उसका गुस्सा शांत हो सका। इसके बाद ही सांड़ वहां से हटा।
विज्ञापन
बाघ केे बाद छेदीपुर में अब सांड़ का डर
मैलानी। दो साल पहले छेदीपुर में एक बाघ ने दहशत फैला रखी थी। बाद में वन विभाग ने उसे पकड़ा था। ग्रामीण इससे उबर ही पाए थे कि अब एक सांड़ ने छेदीपुर को निशाना बना लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पहले यह सांड़ कहीं से गांव में आया है, तब से इसकी दहशत है।
मैलानी में भी हैं सांड़ों की दहशत
मैलानी। मैलानी में भी दर्जनों सांड़ घूमते नजर आते हैं। इन्हें भी कोई कहीं से लाकर कस्बे में छोड़ गया है। ये अक्सर आपस में लड़ जाते हैं, तब स्थिति खतरनाक हो जाती है। कई बार तो ये सांड़ काफी देर तक लड़ते हैं। लड़ाई के दौरान मेन मार्केट में आवागमन बंद हो जाता है। यही नहीं सांड़ संकरी गलियों में घुस जाते हैं तो उन गलियों से आवागमन मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
सांड़ ने स्कूल में जमाया डेरा
मैलानी। सेवाराम की जान लेने के बाद हमलावर सांड़ ने प्राथमिक विद्यालय थरबरनपुर के ऑफिस केे बरामदे मेें डेरा जमा लिया है, तब से वह वहीं बैठा है। प्रधानाध्यापक जगन्नाथ की गैरमौजूदगी में शिक्षामित्र संजीव कुमार और रामाधार ने बताया कि सांड़ के डर से स्कूल में छुुट्टी कर इसकी सूचना प्रधानाध्यापक को दे दी गई है। इस कारण मंगलवार को स्कूल में पढ़ाई नहीं हो सकी। प्रधान सुमित्रा देवी के पुत्र प्रमोद कुुमार ने बताया कि सांड़ इससे पहले छेदीपुर निवासी परागू पर हमला कर उन्हें जख्मी कर चुका है।
विज्ञापन
दो ग्रामीणों को दौड़ा चुका है सांड़
मैलानी। सेवाराम की जान लेने वाला सांड़ पहले दो ग्रामीणों को दौड़ा चुका हैै। ग्रामीण जबरे ने बताया कि उन्हें खेत पर सांड़ ने दौड़ा लिया, तो बहुत दूर तक जंगल में दौड़कर उन्होंने अपनी जान बचाई। गांव के ही हरिराम ने बताया कि उन्हें भी सांड़ ने खेत में दौड़ा लिया, तब पास में स्थित दीवार पर चढ़कर वह सांड़ के प्रकोप से बच सके। इस पर गुुस्साए सांड़ ने दीवार में ही कई टक्कर मारीं, तब उसका गुस्सा शांत हो सका। इसके बाद ही सांड़ वहां से हटा।
विज्ञापन
बाघ केे बाद छेदीपुर में अब सांड़ का डर
मैलानी। दो साल पहले छेदीपुर में एक बाघ ने दहशत फैला रखी थी। बाद में वन विभाग ने उसे पकड़ा था। ग्रामीण इससे उबर ही पाए थे कि अब एक सांड़ ने छेदीपुर को निशाना बना लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक माह पहले यह सांड़ कहीं से गांव में आया है, तब से इसकी दहशत है।
मैलानी में भी हैं सांड़ों की दहशत
मैलानी। मैलानी में भी दर्जनों सांड़ घूमते नजर आते हैं। इन्हें भी कोई कहीं से लाकर कस्बे में छोड़ गया है। ये अक्सर आपस में लड़ जाते हैं, तब स्थिति खतरनाक हो जाती है। कई बार तो ये सांड़ काफी देर तक लड़ते हैं। लड़ाई के दौरान मेन मार्केट में आवागमन बंद हो जाता है। यही नहीं सांड़ संकरी गलियों में घुस जाते हैं तो उन गलियों से आवागमन मुश्किल हो जाता है।