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सांड़ों के डर से भागी छात्रा बस से टकराई, मौत

Sat, 02 Sep 2017 06:07 PM IST
Updated Sat, 02 Sep 2017 06:07 PM IST
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सांड़ों के डर से भागी छात्रा बस से टकराई, मौत

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लखीमपुर खीरी। शहर में खुला घूम रहे आवारा पशु लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। शनिवार को दो सांड़ लड़ते हुए सौंजन्या चौराहे के पास अचानक सड़क पर आ गए। इससे घबराकर साइकिल समेत भागी एक 15 वर्षीय छात्रा रोडवेज की अनुबंधित बस की चपेट में आकर घायल हो गई। लोग उसकी तस्वीरें खींचते रहे, लेकिन अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं समझी। यूपी 100 और 108 एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। रोडवेज चौकी पुलिस जब तक मौके पर पहुंचती तब तक काफी देर हो चुकी थी। कुछ लोगों की मदद से पुलिस छात्रा को टेंपो से लेकर अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसा सुबह करीब सवा 10 बजे के करीब हुआ। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी देशराज वर्मा की पुत्री पारुल वर्मा कक्षा 12 की छात्रा है। छात्रा पारुल शनिवार को महाराजनगर से कोचिंग पढ़कर साइकिल से घर जा रही थी। सौजन्या चौराहे के निकट वह पहुंची थी, इसी बीच कूड़े के ढेर पर लड़ रहे दो सांड़ खीरी रोड पर आ गए। इससे घबराई छात्रा भागी। इसी बीच राजापुर की ओर जा रही रोडवेज की अनुबंधित बस की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद चालक बस मौके पर ही छोड़कर भाग निकला। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। भीड़ में शामिल कुछ युवक उसकी तस्वीरें मोबाइल में कैद करने में जुट गए, लेकिन खून से लथपथ छात्रा को किसी ने अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं समझी। लोगों ने सूचना यूपी 100 और 108 एंबुलेंस को भी दी, लेकिन आधे घंटे तक कोई नहीं पहुंची। इसी बीच सूचना पर पहुंचे रोडवेज चौकी इंचार्ज रामबक्श घायल छात्रा को लोगों की मदद से ऑटो से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सदर कोतवाल दीपक शुक्ला ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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दो भाइयों में इकलौती थी पारुल
गांव मीरपुर निवासी देशराज वर्मा खेती-किसानी करते हैं। पारुल उनकी इकलौती पुत्री थी। वह अपने दो भाइयों में सबसे बड़ी थी। उससे छोटा भाई अनुपम कक्षा नौ और राजेश कक्षा छह का छात्र है। इकलौती पुत्री की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की जानकारी जब परिवार वालों को हुई तो बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मोरचरी पर जुट गई। रोते-विलखते परिवार के लोगों को लोग ढांढस बंधा रहे थे।
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साइड स्टोरी.....
छुट्टा पशु बने मुसीबत

लखीमपुर खीरी। सड़कों पर छुट्टा पशु राहगीरों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। इन पशुओं के चलते अक्सर घटनाएं हो रही हैं। पशु पालक भी इन्हें सड़कों पर खुला छोड़ दे रहे हैं। शहर की सड़कों से लेकर नेशनल हाईवे तक पर इनका जहां-तहां कब्जा है। शनिवार को अमर उजाला ने पड़ताल की तो पाया कि शहर समेत पूरे जिले में कहीं भी कांजी हाउस नहीं हैं। शहर के प्रमुख स्थानों की लाइव रिपोर्ट:
पूर्वान्ह: 11 बजे
हीरालाल धर्मशाला चौराहा
चौराहा पर करीब आठ पशु खड़े नजर आए। इन पशुओं के कारण जाम लग रहा है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के सिपाही भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। काफी देर तक पशुओं का झुंड लोगों के लिए परेशानी का सबब बना रहा।
11.30 बजे
मिश्राना चौराहा
यहां भी पशुओं का झुंड नजर आया। पूरी सड़क पर गंदगी थी। लोग इनसे बचने की कोशिश कर रहे थे। पशुओं की पूछ लगने से लोगों के कपड़े भी गंदे हो गए।
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यहां भी रहता है पशुओं का जमावड़ा
शहर की काफी चहल-पहल वाली खीरी रोड पर जीआईसी ग्राउंड, गांधी इंटर कॉलेज, स्वामी श्यामप्रकाश इंटर कॉलेज और डॉन बास्को के सामने भी पशुओं का जमावड़ा रहता है।
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सिटी मॉर्ट के सामने डलाव घर के कारण हुआ हादसा
खीरी रोड पर सौंजन्या तिराहे के पास और सिटी लाइफ के सामने नगरपालिका का कूड़ा डंपिंग प्वाइंट है। इस वजह से रोड पर आवारा जानवरों का झुंड अक्सर छुट्टा घूमता रहता है। शनिवार को लड़ रहे दो सांड़ों के अचानक मार्ग पर आने से छात्रा पारुल की मौत हो गई। शहर की ऐसी कोई सड़क नहीं है, जहां ऐसे आवार पशुओं के झुंड देखने को न मिलते हों।
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बाक्स
शहर में नहीं है कांजी हाउस
आवारा घूमते जानवरों को पकड़कर बंद करने के लिए कांजी हाउस होने चाहिए। नगर पालिका कर्मचारी को आवारा जानवरों के पकड़े जाने पर उनके मालिकों से दंड वसूल करना चाहिए, लेकिन शहर में यह व्यवस्था नहीं है। जिसका फायदा जानवर पालकों को मिल रहा है और वह मनमानी करते हुए जानवरों को सड़कों को विचरण करने के लिए छोड़ देते हैं।
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हाईवे पर वाहनों की चपेट में आकर मर रहे गोवंशीय पशु
उचौलिया। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर गोवंशीय पशुओं वाहनों की चपेट में आकर मर जा रहे हैं। मोहदियापुर, कोटरा, सोनौवा तिराहा, जलालपुर आदि गांवों में भी गोवंशीय पशु वाहनों की चपेट में आकर मर चुके हैं। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से आवारा पशुओं को पकड़वाकर गोशाला में भेजने की मांग की है।

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वर्जन.........
नगर पालिका के पास आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए कई बार कार्य योजना बनीं, लेकिन कुछ भी नहीं हो पाया। फिलहाल कूड़ा डंपिंग प्वाइंट तो बनाना ही पड़ेगा। फिलहाल इस पर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
आरआर अंबरेश, ईओ नगर पालिका लखीमपुर खीरी।
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