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सड़क हादसों में दो लोगों की मौत, तीन घायल
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सिकंद्राबाद। नीमगांव थाना क्षेत्र में नजीमाबाद गांव के पास बरात लेकर जा रही एक बोलेरा अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई, जिसमें एक वृद्ध की मौत हो गई। जबकि दूसरे हादसे में इटावा से लखीमपुर जा रहे खंभारखेड़ा चीनी मिल के प्रोडक्ट मैनेजर की कार सामने से आ रहे एक ट्रक से भिड़ गई। इसमें प्रोडक्ट मैनेजर, उनकी पत्नी और दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। तीनों घायलों को डाक्टरों ने गंभीर हालत के चलते लखनऊ रेफर कर दिया है।
शव को छोड़कर भागा चालक
शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे सीतापुर जिले के बख्तार गांव से बरात संसारपुर क्षेत्र के नौवाखेड़ा गांव जा रही थी। बरात में शामिल एक बोलेरो सिकंद्राबाद के निकट कस्ता मार्ग के नजीमाबाद मोड़ पर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इसमें सवार जिला सीतापुर के थाना महोली के गांव मूड़ाहुसा निवासी 60 वर्षीय प्यारेलाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसके बाद बोलेरो चालक मृतक को घटनास्थल पर ही छोड़कर वाहन सहित फरार हो गया। इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया है।
सेहरुआ चौराहे पर कार और ट्रक की भिडंत
दूसरी घटना रविवार की दोपहर 12 बजे लखीमपुर मार्ग पर स्थित सेहरुआ चौराहे पर हुई। खंभारखेड़ा चीनी मिल के प्रोडक्ट मैनेजर इटावा निवासी 45 वर्षीय विपिन मिश्रा अपनी पत्नी 40 वर्षीय साधना मिश्रा, पुत्री 12 वर्षीय लवी मिश्रा और चार वर्षीय सिद्धि मिश्रा के साथ इटावा से कार से खंभारखेड़ा चीनी मिल जा रहे थे। लखीमपुर मार्ग पर सेहरुआ चौराहे पर उनकी कार को सामने से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इससे कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पाकर यूपी 100 और चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सरकारी वाहनों से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टर ने साधना मिश्रा को मृत घोषित कर दिया। बाकी तीनों घायलों को गंभीर हालत के चलते डाक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
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नहीं पहुंची एंबुलेंस, 100 डायल ने दिखाई मानवता
सेहरूआ चौराहे पर कार और ट्रक की भिडंत के बाद कार सवार प्रोडक्ट मैनेजर और उनके बच्चों की चीख-पुकार सुनकर लोगों की भीड़ मदद को आगे आ गई। ग्रामीणों की सूचना पर 100 डायल के सब कमांडर धर्मेश और सुधीर द्विवेदी घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को तुरंत 100 डायल गाड़ी में लादकर जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल में वहां का स्टाफ घायलों की मदद को आगे नहीं आया, तो सब कमांडर धर्मेश ने घायलों को अपने हाथों में उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान ग्रामीणों ने एंबुलेंस के टोल फ्री नंबर पर सूचना दी, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची।
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शव को छोड़कर भागा चालक
शनिवार की रात करीब साढ़े नौ बजे सीतापुर जिले के बख्तार गांव से बरात संसारपुर क्षेत्र के नौवाखेड़ा गांव जा रही थी। बरात में शामिल एक बोलेरो सिकंद्राबाद के निकट कस्ता मार्ग के नजीमाबाद मोड़ पर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इसमें सवार जिला सीतापुर के थाना महोली के गांव मूड़ाहुसा निवासी 60 वर्षीय प्यारेलाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसके बाद बोलेरो चालक मृतक को घटनास्थल पर ही छोड़कर वाहन सहित फरार हो गया। इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया है।
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सेहरुआ चौराहे पर कार और ट्रक की भिडंत
दूसरी घटना रविवार की दोपहर 12 बजे लखीमपुर मार्ग पर स्थित सेहरुआ चौराहे पर हुई। खंभारखेड़ा चीनी मिल के प्रोडक्ट मैनेजर इटावा निवासी 45 वर्षीय विपिन मिश्रा अपनी पत्नी 40 वर्षीय साधना मिश्रा, पुत्री 12 वर्षीय लवी मिश्रा और चार वर्षीय सिद्धि मिश्रा के साथ इटावा से कार से खंभारखेड़ा चीनी मिल जा रहे थे। लखीमपुर मार्ग पर सेहरुआ चौराहे पर उनकी कार को सामने से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इससे कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पाकर यूपी 100 और चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सरकारी वाहनों से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टर ने साधना मिश्रा को मृत घोषित कर दिया। बाकी तीनों घायलों को गंभीर हालत के चलते डाक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
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नहीं पहुंची एंबुलेंस, 100 डायल ने दिखाई मानवता
सेहरूआ चौराहे पर कार और ट्रक की भिडंत के बाद कार सवार प्रोडक्ट मैनेजर और उनके बच्चों की चीख-पुकार सुनकर लोगों की भीड़ मदद को आगे आ गई। ग्रामीणों की सूचना पर 100 डायल के सब कमांडर धर्मेश और सुधीर द्विवेदी घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को तुरंत 100 डायल गाड़ी में लादकर जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल में वहां का स्टाफ घायलों की मदद को आगे नहीं आया, तो सब कमांडर धर्मेश ने घायलों को अपने हाथों में उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान ग्रामीणों ने एंबुलेंस के टोल फ्री नंबर पर सूचना दी, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची।