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मुख्यमंत्री से बेटे की बरामदगी के लिए लगाई गुहार
Updated Tue, 07 Nov 2017 10:31 PM IST
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लखीमपुर खीरी/गोला गोकर्णनाथ।
थाना फरधान के ग्राम रमुआपुर निवासी मुंशीलाल ने छह माह पहले लापता हुए अपने 19 वर्षीय बेटे अमित की बरामदगी के लिए मुख्यमंत्री को आनलाइन शिकायत भेजकर मदद मांगी है। उन्होंने पुलिस पर मुख्यमंत्री को भ्रामक आख्या भेजे जाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया है।
शिकायत में कहा गया है कि उसका पुत्र अमित (19 साल) 27 अप्रैल को थाना फरधान के ग्राम नरदबल में नहर के पास से गायब हुआ था, जिसका मुकदमा तीन अप्रैल को थाना में धारा 364 में अज्ञात के नाम दर्ज किया गया था। दौरान विवेचना में अमित के मोबाइल की काल डिटेल से उससे नरदबल और पसियनपुरवा के दो लोगों से हुई बातचीत प्रकाश में आई थी। इसके बाद उसने उन दोनों सहित चार लोगों के विरुद्घ एसपी को शपथपत्र देकर उन्हें नामजद करने की याचना की थी, लेकिन पुलिस ने चारों को थाना बुलाया जरूर पर उनसे कड़ाई से पूछताछ नहीं की और न ही किसी के घर पड़ताल के लिए दबिश ही दी गई। पुलिस ने उसके बयान तक दर्ज नहीं किए, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय से मांगी गई आख्या में सीओ सदर ने भ्रामक आख्या प्रेषित कर दी है। पुलिस ने मुकदमे से धारा 364 हटाकर उसे धारा 363 में मामला तब्दील कर दिया है। पुलिस की निष्क्रियता से उसके पुत्र का जीवन खतरे में है। पीड़ित मुंशीलाल ने अपने पुत्र के गायब होने के मामले की उच्चस्तरीय जांच लखीमपुर खीरी जिले के अतिरिक्त किसी अन्य से करवाने की मांग की है।
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थाना फरधान के ग्राम रमुआपुर निवासी मुंशीलाल ने छह माह पहले लापता हुए अपने 19 वर्षीय बेटे अमित की बरामदगी के लिए मुख्यमंत्री को आनलाइन शिकायत भेजकर मदद मांगी है। उन्होंने पुलिस पर मुख्यमंत्री को भ्रामक आख्या भेजे जाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया है।
शिकायत में कहा गया है कि उसका पुत्र अमित (19 साल) 27 अप्रैल को थाना फरधान के ग्राम नरदबल में नहर के पास से गायब हुआ था, जिसका मुकदमा तीन अप्रैल को थाना में धारा 364 में अज्ञात के नाम दर्ज किया गया था। दौरान विवेचना में अमित के मोबाइल की काल डिटेल से उससे नरदबल और पसियनपुरवा के दो लोगों से हुई बातचीत प्रकाश में आई थी। इसके बाद उसने उन दोनों सहित चार लोगों के विरुद्घ एसपी को शपथपत्र देकर उन्हें नामजद करने की याचना की थी, लेकिन पुलिस ने चारों को थाना बुलाया जरूर पर उनसे कड़ाई से पूछताछ नहीं की और न ही किसी के घर पड़ताल के लिए दबिश ही दी गई। पुलिस ने उसके बयान तक दर्ज नहीं किए, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय से मांगी गई आख्या में सीओ सदर ने भ्रामक आख्या प्रेषित कर दी है। पुलिस ने मुकदमे से धारा 364 हटाकर उसे धारा 363 में मामला तब्दील कर दिया है। पुलिस की निष्क्रियता से उसके पुत्र का जीवन खतरे में है। पीड़ित मुंशीलाल ने अपने पुत्र के गायब होने के मामले की उच्चस्तरीय जांच लखीमपुर खीरी जिले के अतिरिक्त किसी अन्य से करवाने की मांग की है।
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