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मृत भाई के प्रमाणपत्रों पर नौकरी हथियाने वाला शिक्षक बर्खास्त

Mon, 25 Feb 2019 11:58 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Mon, 25 Feb 2019 11:58 PM IST
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मृत भाई के प्रमाणपत्रों पर नौकरी हथियाने वाला शिक्षक बर्खास्त
लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में धौरहरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय शाहबाजपुर में धोखाधड़ी करके शिक्षक बने मनोज कुमार सिंह को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। मूल रूप से बांदा जिले के गांव पंडारन निवासी मनोज ने अपने मृत भाई संदीप के शैक्षिक प्रमाणपत्रों और कूटरचित अभिलेखों के सहारे 31 दिसंबर 2015 को नौकरी हासिल की थी। शिकायत पर बीएसए ने जांच कराई, तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने अब तक के वेतन समेत अन्य देयकों के भुगतान की वसूली करने के भी आदेश दिए हैं। धौरहरा खंड शिक्षा अधिकारी को आरोपी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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बांदा जनपद के गांव पंडारन निवासी विनोद कुमार ने 29 मार्च 2017 को शिकायत कर बताया था कि पंडारन निवासी मनोज कुमार सिंह अपने बड़े भाई स्वर्गीय संदीप कुमार सिंह के शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे हैं। इसके बाद बीएसए ने धौरहरा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय शाहबाजपुर में मृत भाई के अभिलेखों पर बतौर सहायक अध्यापक तैनात मनोज कुमार सिंह को 26 जुलाई 2017 को अभिलेखों सहित कार्यालय में तलब किया। साथ ही मामले की जांच तत्कालीन बीईओ मुख्यालय सुरेश पाल को सौंप दी। जांच अधिकारी स्थलीय सत्यापन के लिए दो नवंबर 2017 को पिंडारन पहुंचे, जहां ग्रामीणों और प्रधानों के माध्यम से पता चला कि मनोज के बड़े भाई संदीप की मौत हो चुकी है। इसकी पुष्टि वहां के प्रधान समरजीत सिंह ने भी की और यह भी बताया कि मनोज कुमार सिंह की मृत्यु का प्रमाण पत्र भी फर्जी है। आरोपी शिक्षक के पिता नरेंद्र सिंह ने भी जांच अधिकारी को भ्रमित करने के लिए बड़े बेटे संदीप के बजाय छोटे बेटे मनोज की मौत हो जाना बताया। इससे जांच अधिकारी के लिए मामला चुनौतीपूर्ण हो गया।
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पूरे मामले में आरोपी शिक्षक के पिता नरेंद्र सिंह ने भी अपने बयान से जांच अधिकारी को उलझा दिया, क्योंकि परिवार रजिस्टर नकल और प्रधान द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में नरेंद्र सिंह के छोटे पुत्र मनोज कुमार सिंह की मौत होना दर्शाया गया था। इसके बाद बड़े पुत्र की मौत हुई या छोटे पुत्र की? इसे साबित करने के लिए नामावली की जांच की गई, तो उसमें बड़े पुत्र संदीप कुमार सिंह का नाम विलोपित पाया गया। जांच के दौरान नरेंद्र सिंह ने बताया था कि उसके पुत्र की घर पर मौत हुई थी, जबकि उसकी मौत सहारा हास्पिटल लखनऊ में हुई थी।
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आरोपी मनोज कुमार सिंह को अपने मृत बड़े भाई संदीप कुमार सिंह के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर कूटरचित तरीके से नौकरी हासिल करने का दोषी पाया गया है। इसलिए दिनांक 31 दिसंबर 2015 से नियुक्ति को शून्य घोषित करते हुए सेवा समाप्त कर दी गई है। आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं और वेतन भुगतान की वसूली चल-अचल संपत्ति से की जाएगी।
- बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
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