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एसएसबी ने संदिग्ध महिला संग लड़कियों को रोका
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:26 PM IST
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लखीमपुर खीरी/तिकुनिया (खीरी)।
एसएसबी जवानों ने नेपाल बार्डर पार कर भारत में संदिग्ध महिला संग आठ लड़कियों को रोक लिया। पूछताछ में पता चला कि लड़कियों को उन्नाव में एक फूड कंपनी में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा है। मानव तस्करी का संदेह होने पर एसएसबी ने सीओ निघासन की मौजूदगी में उन्हें नेपाल पुलिस को सौंप दिया।
एसएसबी चौकी खकरौला प्रभारी सुनील दत्त ने बताया कि कैंप पर चेकिंग के दौरान आठ लड़कियां और एक संदिग्ध महिला दिखी। शक होने पर जवानों ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि आठ लड़कियों में चार नाबालिग हैं और चार अठारह साल की हैं। सभी नेपाल के जिला कैलाली की रहने वाली हैं। यह महिलाएं उन्नाव की एक फूड कंपनी में काम कराने के लिए ले जाई जा रहीं थीं। उन्होंने बताया कि कैलाली निवासी गौरा देवी आठों लड़कियों को लेकर तिकुनियां आ रही थीं। जहां से भावना नाम की महिला सभी लड़कियों को लेकर उन्नाव जाती। उन्होंने बताया कि उन्नाव स्थित एक फूड कंपनी में पहले भी कई नेपाली लड़कियां नेपाल से ले जाई जा चुकी हैं। सीओ सवीरत्न गौतम ने बताया कि इस प्रकरण से जुड़े हर पहलू की जांच होगी। उन्नाव की एक कंपनी का नाम उभर कर सामने आया है, उसकी भी जांच कराई जाएगी।
एसएसबी और कोतवाली पुलिस ने नेपाल में मानव तस्करी रोकने के लिए काम कर रही संस्था एनजीओ सनाहाथरु की टीकापुर प्रभारी तुलसी, कालाकुंडा प्रभारी महानंद जोशी को सभी को सुपुर्द कर दिया है। इस दौरान तृतीय वाहिनी सेनानायक मुकेश कुमार, नयनशी शिगला, राहुल त्यागी, प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह मौजूद रहे।
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एसएसबी जवानों ने नेपाल बार्डर पार कर भारत में संदिग्ध महिला संग आठ लड़कियों को रोक लिया। पूछताछ में पता चला कि लड़कियों को उन्नाव में एक फूड कंपनी में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा है। मानव तस्करी का संदेह होने पर एसएसबी ने सीओ निघासन की मौजूदगी में उन्हें नेपाल पुलिस को सौंप दिया।
एसएसबी चौकी खकरौला प्रभारी सुनील दत्त ने बताया कि कैंप पर चेकिंग के दौरान आठ लड़कियां और एक संदिग्ध महिला दिखी। शक होने पर जवानों ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि आठ लड़कियों में चार नाबालिग हैं और चार अठारह साल की हैं। सभी नेपाल के जिला कैलाली की रहने वाली हैं। यह महिलाएं उन्नाव की एक फूड कंपनी में काम कराने के लिए ले जाई जा रहीं थीं। उन्होंने बताया कि कैलाली निवासी गौरा देवी आठों लड़कियों को लेकर तिकुनियां आ रही थीं। जहां से भावना नाम की महिला सभी लड़कियों को लेकर उन्नाव जाती। उन्होंने बताया कि उन्नाव स्थित एक फूड कंपनी में पहले भी कई नेपाली लड़कियां नेपाल से ले जाई जा चुकी हैं। सीओ सवीरत्न गौतम ने बताया कि इस प्रकरण से जुड़े हर पहलू की जांच होगी। उन्नाव की एक कंपनी का नाम उभर कर सामने आया है, उसकी भी जांच कराई जाएगी।
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एसएसबी और कोतवाली पुलिस ने नेपाल में मानव तस्करी रोकने के लिए काम कर रही संस्था एनजीओ सनाहाथरु की टीकापुर प्रभारी तुलसी, कालाकुंडा प्रभारी महानंद जोशी को सभी को सुपुर्द कर दिया है। इस दौरान तृतीय वाहिनी सेनानायक मुकेश कुमार, नयनशी शिगला, राहुल त्यागी, प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह मौजूद रहे।
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