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दो छात्रों के हत्याकांड की गुत्थी अभी उलझी
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दो छात्रों की हत्या में पुलिस के हाथ खाली
गेहूं के खेत से काटा था जौहां, संदिग्धों से पूछताछ में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव रामापुर में घास लेने निकले दो छात्रों के हत्याकांड मामले में पुलिस को अभी सफलता नहीं मिली है। पुलिस ने संदेह के आधार पर आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, लेकिन कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से एक बात साफ हुई है कि दोनों छात्रों की हत्या लापता होने वाले दिन ही कर दी गई थी। मृतक नितीश के पिता ने बताया कि बोरी में जो घास मिली थी, वह असल में गेहूं के खेत का मामा (जौंहा) था। लिहाजा आशंका यह भी है कि गेहूं के खेत में मामा (जौंहा) काटने से नाराज होकर खेत मालिक ने ही इस वारदात को अंजाम तो नहीं दिया।
शहर से सटे गांव रामापुर निवासी राजेंद्र प्रसाद वर्मा का पुत्र 17 वर्षीय नितीश कुमार राजकीय इंटर कॉलेज लखीमपुर में कक्षा 12 का छात्र था, जबकि उत्तम कुमार गौतम का पुत्र 11 वर्षीय रितेश गांव के ही लक्ष्मी अकेडमी में कक्षा पांच का छात्र था। दोनों छात्र 21 जनवरी 2019 को घास लेने खेतों की ओर निकले थे, जिसके बाद वापस नहीं लौटे। पुलिस ने 22 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। तलाश के दौरान उल्ल नदी के पास से तीन बोरी, एक बोरी में नितीश का लोअर और रितेश की चप्पलें मिलीं थीं। इसके अलावा बोरी में काटी गई घास (गेहूं का मामा) भी मिली थी, जिस पर विशेष गौर नहीं किया गया। रविवार को रितेश की लाश उल्ल नदी से बरामद हुई, जिसके दूसरे दिन सोमवार को नितीश का शव भी मिल गया। दोनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद से मृतकों के घरों में कोहराम मचा है। ग्रामीणों में दोहरे हत्याकांड से आक्रोश है। मृतकों के परिजन रंजिश की बात से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में दो छात्रों की हत्या के पीछे मोटिव (उद्देश्य) की जानकारी के लिए पुलिस कयासों के सहारे हाथ पांव चला रही है। अभी तक आठ संदिग्धों से पूछताछ की गई है, लेकिन खुलासे के लिए कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं।
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तो लापता होने के दिन ही कर दी गई हत्या
पुलिस के मुताबिक दोनों छात्रों की हत्या 21 जनवरी को ही कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसी तथ्य की पुष्टि की गई है। हालांकि शव तलाशने में गोताखोरों को सफलता बहुत देर से मिली। सातवें दिन रितेश का शव बरामद किया जा सका, तो नितीश का शव सोमवार को मिला। इससे पुलिस की ढिलाई को लेकर ग्रामीणों में रोष है।
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गुस्से में खेत मालिक भी पहुंचा सकते हैं नुकसान
गांवों में खेत में पशुओं के चारा चरने पर झगड़े की नौबत आ जाती है। तो छात्रों द्वारा काटी गई घास भी असल में गेहूं के खेत से काटा गया मामा (जौंहा) था। इससे खेत मालिक द्वारा भी इस घटना को अंजाम दिए जाने की संभावना बन सकती है। हालांकि इसको लेकर पुलिस ने अभी कुछ भी बोलने से इंकार किया है।
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दोहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए संदिग्धों से पूछताछ की गई है। मौके से मिले सुबूतों के आधार पर कड़ियों को जोड़कर खुलासे के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।
- अशोक कुमार पांडेय, प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली
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गेहूं के खेत से काटा था जौहां, संदिग्धों से पूछताछ में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव रामापुर में घास लेने निकले दो छात्रों के हत्याकांड मामले में पुलिस को अभी सफलता नहीं मिली है। पुलिस ने संदेह के आधार पर आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, लेकिन कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से एक बात साफ हुई है कि दोनों छात्रों की हत्या लापता होने वाले दिन ही कर दी गई थी। मृतक नितीश के पिता ने बताया कि बोरी में जो घास मिली थी, वह असल में गेहूं के खेत का मामा (जौंहा) था। लिहाजा आशंका यह भी है कि गेहूं के खेत में मामा (जौंहा) काटने से नाराज होकर खेत मालिक ने ही इस वारदात को अंजाम तो नहीं दिया।
शहर से सटे गांव रामापुर निवासी राजेंद्र प्रसाद वर्मा का पुत्र 17 वर्षीय नितीश कुमार राजकीय इंटर कॉलेज लखीमपुर में कक्षा 12 का छात्र था, जबकि उत्तम कुमार गौतम का पुत्र 11 वर्षीय रितेश गांव के ही लक्ष्मी अकेडमी में कक्षा पांच का छात्र था। दोनों छात्र 21 जनवरी 2019 को घास लेने खेतों की ओर निकले थे, जिसके बाद वापस नहीं लौटे। पुलिस ने 22 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। तलाश के दौरान उल्ल नदी के पास से तीन बोरी, एक बोरी में नितीश का लोअर और रितेश की चप्पलें मिलीं थीं। इसके अलावा बोरी में काटी गई घास (गेहूं का मामा) भी मिली थी, जिस पर विशेष गौर नहीं किया गया। रविवार को रितेश की लाश उल्ल नदी से बरामद हुई, जिसके दूसरे दिन सोमवार को नितीश का शव भी मिल गया। दोनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुंह दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद से मृतकों के घरों में कोहराम मचा है। ग्रामीणों में दोहरे हत्याकांड से आक्रोश है। मृतकों के परिजन रंजिश की बात से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में दो छात्रों की हत्या के पीछे मोटिव (उद्देश्य) की जानकारी के लिए पुलिस कयासों के सहारे हाथ पांव चला रही है। अभी तक आठ संदिग्धों से पूछताछ की गई है, लेकिन खुलासे के लिए कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं।
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तो लापता होने के दिन ही कर दी गई हत्या
पुलिस के मुताबिक दोनों छात्रों की हत्या 21 जनवरी को ही कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसी तथ्य की पुष्टि की गई है। हालांकि शव तलाशने में गोताखोरों को सफलता बहुत देर से मिली। सातवें दिन रितेश का शव बरामद किया जा सका, तो नितीश का शव सोमवार को मिला। इससे पुलिस की ढिलाई को लेकर ग्रामीणों में रोष है।
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गुस्से में खेत मालिक भी पहुंचा सकते हैं नुकसान
गांवों में खेत में पशुओं के चारा चरने पर झगड़े की नौबत आ जाती है। तो छात्रों द्वारा काटी गई घास भी असल में गेहूं के खेत से काटा गया मामा (जौंहा) था। इससे खेत मालिक द्वारा भी इस घटना को अंजाम दिए जाने की संभावना बन सकती है। हालांकि इसको लेकर पुलिस ने अभी कुछ भी बोलने से इंकार किया है।
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दोहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए संदिग्धों से पूछताछ की गई है। मौके से मिले सुबूतों के आधार पर कड़ियों को जोड़कर खुलासे के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।
- अशोक कुमार पांडेय, प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली