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अफवाह फैलाई तो खैर नहीं
Updated Tue, 28 Nov 2017 11:31 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
एसपी डॉ. एस चनप्पा ने बताया कि नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर प्रशासन ने विभिन्न मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों को चिन्हित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान अफवाह फैलाने वालों के अलावा व्हाटसएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि मतदान को लेकर किसी तरह की झूठी और बेबुनियाद अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर सख्ती से निबटा जाएगा। इसके लिए आईटी सेल और साइबर क्राइम सेल को भी आगाह किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने बताया कि मतदान को लेकर अगर कोई दिक्कत या परेशानी पेश होती है तो इसके लिए पीठासीन अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ही प्रशासन के टोल फ्री नंबर के माध्यम से भी सूचित किया जा सकता है, लेकिन आम जनमानस के बीच झूठी सूचनाओं और अफवाहों को साझा नहीं किया जा सकता है। पुलिस ने सोशल मीडिया के सहारे जाति धर्म, गुट और संप्रदाय के आधार पर किसी तरह की अफवाह वायरल करने पर इसे गंभीरता से लेने का निर्णय लिया है, इसके चलते साइबर एक्ट और आईटी एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज कराया जा सकता है।
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एसपी डॉ. एस चनप्पा ने बताया कि नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर प्रशासन ने विभिन्न मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों को चिन्हित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान अफवाह फैलाने वालों के अलावा व्हाटसएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि मतदान को लेकर किसी तरह की झूठी और बेबुनियाद अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर सख्ती से निबटा जाएगा। इसके लिए आईटी सेल और साइबर क्राइम सेल को भी आगाह किया जा चुका है। साथ ही उन्होंने बताया कि मतदान को लेकर अगर कोई दिक्कत या परेशानी पेश होती है तो इसके लिए पीठासीन अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ही प्रशासन के टोल फ्री नंबर के माध्यम से भी सूचित किया जा सकता है, लेकिन आम जनमानस के बीच झूठी सूचनाओं और अफवाहों को साझा नहीं किया जा सकता है। पुलिस ने सोशल मीडिया के सहारे जाति धर्म, गुट और संप्रदाय के आधार पर किसी तरह की अफवाह वायरल करने पर इसे गंभीरता से लेने का निर्णय लिया है, इसके चलते साइबर एक्ट और आईटी एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज कराया जा सकता है।
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