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तीन एफआईआर दर्ज, फिर भी विभागीय कार्रवाई सिफर
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लखीमपुर खीरी। बेहजम ब्लॉक में तैनात 26.30 लाख रुपये गबन के आरोपी एक ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) के खिलाफ नीमगांव, फरधान थाना और सदर कोतवाली में एक माह पहले एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अभी तक विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि सीडीओ रवि रंजन ने जनवरी में ही आरोपी सचिव पर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश डीडीओ को दिए थे। तत्कालीन डीडीओ के समय फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी रही, लेकिन कुछ दिन पहले आए नवागत डीडीओ अरविंद कुमार ने आरोपी सचिव को नोटिस देकर विभागीय कार्रवाई का आगाज किया है।
बेहजम ब्लॉक में तैनात सचिव कमाल अहमद पर पांच ग्राम पंचायतों भूलनपुर, प्रतापपुर, मिर्जापुर, हसनापुर और गौरिया के ग्राम निधि खातों से कुल 26.30 लाख रुपये गबन करने का आरोप है। सीडीओ रवि रंजन ने जनवरी 2019 में आरोपी सचिव के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसके बाद डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद के निर्देश पर बेहजम के एडीओ पंचायत ने नीमगांव, फरधान और सदर कोतवाली में गबन की एफआईआर दर्ज कराई थी। जबकि विभागीय कार्रवाई डीडीओ को करनी थी, लेकिन तत्कालीन डीडीओ ने एक माह तक फाइल को दबाए रखा। आलम यह कि आरोपी सचिव को एक नोटिस भेजकर जवाब मांगने की जहमत तक नहीं उठाई, ताकि गबन के मामले को फाइल में ही दफन किया जा सके।
26.30 लाख रुपये गबन का मामला गंभीर है। संज्ञान में आते ही फाइल की जांच की है और आरोपी ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। इसके बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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अरविंद कुमार, डीडीओ
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बेहजम ब्लॉक में तैनात सचिव कमाल अहमद पर पांच ग्राम पंचायतों भूलनपुर, प्रतापपुर, मिर्जापुर, हसनापुर और गौरिया के ग्राम निधि खातों से कुल 26.30 लाख रुपये गबन करने का आरोप है। सीडीओ रवि रंजन ने जनवरी 2019 में आरोपी सचिव के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसके बाद डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद के निर्देश पर बेहजम के एडीओ पंचायत ने नीमगांव, फरधान और सदर कोतवाली में गबन की एफआईआर दर्ज कराई थी। जबकि विभागीय कार्रवाई डीडीओ को करनी थी, लेकिन तत्कालीन डीडीओ ने एक माह तक फाइल को दबाए रखा। आलम यह कि आरोपी सचिव को एक नोटिस भेजकर जवाब मांगने की जहमत तक नहीं उठाई, ताकि गबन के मामले को फाइल में ही दफन किया जा सके।
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26.30 लाख रुपये गबन का मामला गंभीर है। संज्ञान में आते ही फाइल की जांच की है और आरोपी ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। इसके बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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अरविंद कुमार, डीडीओ