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भीषण आग में तीस घर जले
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:27 PM IST
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भीषण आग में तीस घर जले
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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शारदानगर।
धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गांव मूड़ामूडी के मजरा गोड़ियाना में खाना बनाते समय लगी आग से गांव के करीब तीस घर जल गए। साथ ही घर में रखा अनाज कपड़े और सामान भी जल गया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोग घरों से कुछ भी सामान नहीं निकाल पाएं। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन वह भी मौके पर नहीं पहुंची।
गांव में मंगलवार शाम पांच बजे अवधेश के घर से खाना बनाते समय लगी आग से ग्रामीण रामकुमार, परसराम, शिव कुमार, रामलखन, राजेंद्र, बिंद्रा, मस्तराम, शत्रुघन, कल्लू, कलावती, राममूर्ति, श्रीधर, अशोक, रामनरेश, छोटे, सोबरन, मनीराम, लवकुश समेत करीब तीस घर जलकर राख हो गए। सूचना पर पहुंचे चौकी इंचार्ज शारदानगर शमशेर बहादुर सिंह ने आसपास के गांव के लोगों की मदद से कुछ घरों को जलने से बचाने की काशिश की। बता दें बाढ़ और कटान से विस्थापित होकर इस गांव के लोग करीब पांच वर्षो से सिंचाई विभाग की जमीन पर झोपड़ी डालकर रह रहे थे। अब एक बार वह फिर बेेघर हो गए हैं। पीड़ित परिवारों की महिलाओं और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनके सिर से छत छिन गई है।
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धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गांव मूड़ामूडी के मजरा गोड़ियाना में खाना बनाते समय लगी आग से गांव के करीब तीस घर जल गए। साथ ही घर में रखा अनाज कपड़े और सामान भी जल गया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोग घरों से कुछ भी सामान नहीं निकाल पाएं। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन वह भी मौके पर नहीं पहुंची।
गांव में मंगलवार शाम पांच बजे अवधेश के घर से खाना बनाते समय लगी आग से ग्रामीण रामकुमार, परसराम, शिव कुमार, रामलखन, राजेंद्र, बिंद्रा, मस्तराम, शत्रुघन, कल्लू, कलावती, राममूर्ति, श्रीधर, अशोक, रामनरेश, छोटे, सोबरन, मनीराम, लवकुश समेत करीब तीस घर जलकर राख हो गए। सूचना पर पहुंचे चौकी इंचार्ज शारदानगर शमशेर बहादुर सिंह ने आसपास के गांव के लोगों की मदद से कुछ घरों को जलने से बचाने की काशिश की। बता दें बाढ़ और कटान से विस्थापित होकर इस गांव के लोग करीब पांच वर्षो से सिंचाई विभाग की जमीन पर झोपड़ी डालकर रह रहे थे। अब एक बार वह फिर बेेघर हो गए हैं। पीड़ित परिवारों की महिलाओं और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनके सिर से छत छिन गई है।
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