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शिकायत की जांच करने गई पुलिस को फंसाने की हुई साजिश
Updated Fri, 07 Dec 2018 06:59 PM IST
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इलाके के नगला गांव में जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज हुई शिकायत की जांच करने गई पुलिस टीम को उक्त शिकायतकर्ता ने फंसाने की साजिश की। इसके लिए युवक ने अपनी बहन के कपड़े तक फड़वा दिया ताकि पुलिसकर्मियों को झूठे मामले में फंसाया जा सके। वो तो गनीमत रही कि पुलिस टीम पूरे प्रकरण की वीडियो बना रही थी, जिसके आधार पर संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया गया है।
इलाके के नगला गांव निवासी फूल मोहम्मद, इमामुद्दीन को कुछ समय पहले चोरी की बाइक के साथ पुलिस ने जेल भेजा था। जिसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। पुलिस को आशंका थी कि वह लोग फिर से किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसके लिए पुलिस उन पर नजर रख रही थी और उनके घर भी पहुंची थी। इधर, पुलिस से छुटकारा पाने के लिए संबंधितों ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी। इसी को जांच के लिए पुलिस टीम शुक्रवार को नगला स्थित उनके घर पहुंची। जहां पर उक्त लोगों ने पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें फर्जी तरीके से फंसाने के लिए फूल मोहम्मद, इमामुद्दीन, शरीफ, असगर अली ने अपने परिवार की एक युवती के कपड़े तक फाड़ दिए। युवती का भाई वहीं खड़ा वीडियो बनाने में लग गया। इस बीच पुलिसकर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए पूरे प्रकरण का खुद भी वीडियो बना लिया। जिसके आधार पर सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर दीपक शुक्ल ने बताया कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे युवती के कपड़े उसके ही अपने फाड़ रहे हैं और पुलिस से अभद्रता की जा रही है। बताया कि इसी के आधार पर नामजद अभियुक्तों को सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेजा है, जबकि एक अभियुक्त असगर अली फरार है।
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इलाके के नगला गांव निवासी फूल मोहम्मद, इमामुद्दीन को कुछ समय पहले चोरी की बाइक के साथ पुलिस ने जेल भेजा था। जिसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। पुलिस को आशंका थी कि वह लोग फिर से किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसके लिए पुलिस उन पर नजर रख रही थी और उनके घर भी पहुंची थी। इधर, पुलिस से छुटकारा पाने के लिए संबंधितों ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी। इसी को जांच के लिए पुलिस टीम शुक्रवार को नगला स्थित उनके घर पहुंची। जहां पर उक्त लोगों ने पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें फर्जी तरीके से फंसाने के लिए फूल मोहम्मद, इमामुद्दीन, शरीफ, असगर अली ने अपने परिवार की एक युवती के कपड़े तक फाड़ दिए। युवती का भाई वहीं खड़ा वीडियो बनाने में लग गया। इस बीच पुलिसकर्मियों ने सक्रियता दिखाते हुए पूरे प्रकरण का खुद भी वीडियो बना लिया। जिसके आधार पर सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर दीपक शुक्ल ने बताया कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे युवती के कपड़े उसके ही अपने फाड़ रहे हैं और पुलिस से अभद्रता की जा रही है। बताया कि इसी के आधार पर नामजद अभियुक्तों को सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेजा है, जबकि एक अभियुक्त असगर अली फरार है।
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