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मां की हत्या करते समय नहीं कांपे पुत्र के हाथ
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ओयल (लखीमपुर खीरी) में मृतका के घर के बाहर लगी गांव वालों की भीड़। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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ओयल (लखीमपुर खीरी)। मां के पेंशन की राशि देने से इनकार करने पर पुत्र सतेंद्र काफी आग-बबूला हुआ था। बृहस्पतिवार को जब मकान की छत डाली जा रही थी तो वह वहां पहुंचा और गुस्से में वृद्ध मां रामरती पर बांके से कई वार किए, इस दौरान उसके बिल्कुल भी हाथ नहीं कांपे। बाद में वृद्ध मां की मौत हो गई। बाद में सतेंद्र उर्फ पिंकू अपनी पत्नी और बेटी को लेकर भाग गया।
जिस समय उसने घटना को अंजाम दिया वहां परिवार का कोई सदस्य नहीं था, केवल राजमिस्त्री और मजदूर थे जो भाग गए।
घटना से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका रामरती के दो पुत्र थे, जिसमें बड़े पुत्र रघुनाथ की कई वर्ष पहले मौत हो गई थी और छोटा पुत्र आरोपी सतेन्द्र सिंह उर्फ पिंकू है। बड़े पुत्र के तीन लड़के मुकेश, अमन और करन हैं।
मृतका की देवरानी मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय देशराज सिंह ने बताया कि उनके जेठ स्वर्गीय रामनरेश लोकतंत्र सेनानी थे, परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सभी ने काफी दौड़-भाग कर रामरती की पेंशन बनवाई, बाद में वह बड़े बेटे रघुनाथ के पुत्र मुकेश (24) के साथ दिल्ली चली गईं। मुकेश वहीं अपने भाई करन के साथ काम करता है। अब पेंशन की कुछ राशि जमा हो जाने पर वह चार दिन पहले गांव में मकान की जर्जर हो चुकी छत को बदलवा कर नई छत डलवाने के लिए पोते के साथ आईं थीं। तब से छोटा पुत्र सतेंद्र सिंह उर्फ पिंकू पेंशन के रुपयों का बंटवारा करने को लेकर रोज गाली-गलौज करता था। उसकी मां ने मकान की छत पड़ जाने पर राशि का बंटवारा करने की बात कही थी। बृहस्पतिवार को जब छत डाली जा रही थी तभी उनसे गुस्से में बांके से वार कर जेठानी को मार डाला। संवाद
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जिस समय उसने घटना को अंजाम दिया वहां परिवार का कोई सदस्य नहीं था, केवल राजमिस्त्री और मजदूर थे जो भाग गए।
घटना से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका रामरती के दो पुत्र थे, जिसमें बड़े पुत्र रघुनाथ की कई वर्ष पहले मौत हो गई थी और छोटा पुत्र आरोपी सतेन्द्र सिंह उर्फ पिंकू है। बड़े पुत्र के तीन लड़के मुकेश, अमन और करन हैं।
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मृतका की देवरानी मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय देशराज सिंह ने बताया कि उनके जेठ स्वर्गीय रामनरेश लोकतंत्र सेनानी थे, परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। सभी ने काफी दौड़-भाग कर रामरती की पेंशन बनवाई, बाद में वह बड़े बेटे रघुनाथ के पुत्र मुकेश (24) के साथ दिल्ली चली गईं। मुकेश वहीं अपने भाई करन के साथ काम करता है। अब पेंशन की कुछ राशि जमा हो जाने पर वह चार दिन पहले गांव में मकान की जर्जर हो चुकी छत को बदलवा कर नई छत डलवाने के लिए पोते के साथ आईं थीं। तब से छोटा पुत्र सतेंद्र सिंह उर्फ पिंकू पेंशन के रुपयों का बंटवारा करने को लेकर रोज गाली-गलौज करता था। उसकी मां ने मकान की छत पड़ जाने पर राशि का बंटवारा करने की बात कही थी। बृहस्पतिवार को जब छत डाली जा रही थी तभी उनसे गुस्से में बांके से वार कर जेठानी को मार डाला। संवाद
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