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बाबरपुर के प्रधान को बीडीओ से जान का खतरा
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गोला गोकर्णनाथ। बांकेगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत बाबरपुर के ग्राम प्रधान हरिवंश कुमार ने पंचायत में कराए गए विकास कार्यों के भुगतान में बीडीओ पर अड़ंगा लगाने और जान का खतरा बताया है। प्रधान ने इसकी शिकायत जिले और प्रदेश के अधिकारियों से की है।
ग्राम प्रधान हरिवंश कुमार ने मुख्यमंत्री, ग्राम विकास कैबिनेट मंत्री, ग्राम विकास आयुक्त, पंचायत निदेशक, डीएम, सीडीओ, डीपीआरओ को भेजे पत्र में कहा है कि बांकेगंज ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार सिंह की उदासीनता से उनकी पंचायत में दो साल से विकास कार्य ठप हैं। पंचायत में कई महीनों तक ग्राम पंचायत अधिकारी की पोस्टिंग नहीं की गई। इस बीच प्रधान ने प्रस्तावित विकास योजनाओं के कार्य करा लिए जिसका 10 लाख रुपया लेवरी, मटेरियल का भुगतान रुक गया। ग्राम पंचायत अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि खंड विकास अधिकारी ने भुगतान रुकवाने का मौखिक आदेश दिया है। प्रधान का कहना है कि जब वह ब्लॉक पर बीडीओ से अपनी समस्या बताने गया तो बीडीओ ने डाट डपट कर उसे भगा दिया और भविष्य में भी ब्लॉक में न आने की हिदायत दी।
इधर विकास कार्यों के भुगतान पर निरंतर तकादा होने पर प्रधान ने अपनी निजी संपत्ति से कुछ पापुलर, यूकेलिप्टस, शीशम और घरेलू संपत्ति बेंचकर आंशिक पेमेंट कर दिया है। इस चिंता में उनकी मां सुशीला देवी का हार्टअटैक हो गया। अब प्रधान भी मानसिक टेंशन में हैं। प्रधान ने अधिकारियों से खंड विकास अधिकारी के उत्पीड़न और जानमाल सुरक्षा की मांग की है।
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ग्राम प्रधान पंचायत के कार्यों के संपादन में मनमाफिक ग्राम पंचायत अधिकारी की नियुक्ति पर अड़े रहे, जिससे कुछ माह कार्य प्रभावित हुआ। प्रधान द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
-अशोक कुमार सिंह खंड विकास अधिकारी बांकेगंज
ग्राम प्रधान की शिकायत पर बाबरपुर पंचायत में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी बिजेंद्र कुमार अवस्थी और सहायक विकास अधिकारी पंचायत को नोटिस भेजकर एक सप्ताह का समय दिया गया है। किन परिस्थितियों में पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हुए और भुगतान क्यों रोका गया है। पंचायत के विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाते हैं।
-मनोज कुमार जिला पंचायत राज अधिकारी, लखीमपुर-खीरी
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ग्राम प्रधान हरिवंश कुमार ने मुख्यमंत्री, ग्राम विकास कैबिनेट मंत्री, ग्राम विकास आयुक्त, पंचायत निदेशक, डीएम, सीडीओ, डीपीआरओ को भेजे पत्र में कहा है कि बांकेगंज ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार सिंह की उदासीनता से उनकी पंचायत में दो साल से विकास कार्य ठप हैं। पंचायत में कई महीनों तक ग्राम पंचायत अधिकारी की पोस्टिंग नहीं की गई। इस बीच प्रधान ने प्रस्तावित विकास योजनाओं के कार्य करा लिए जिसका 10 लाख रुपया लेवरी, मटेरियल का भुगतान रुक गया। ग्राम पंचायत अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि खंड विकास अधिकारी ने भुगतान रुकवाने का मौखिक आदेश दिया है। प्रधान का कहना है कि जब वह ब्लॉक पर बीडीओ से अपनी समस्या बताने गया तो बीडीओ ने डाट डपट कर उसे भगा दिया और भविष्य में भी ब्लॉक में न आने की हिदायत दी।
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इधर विकास कार्यों के भुगतान पर निरंतर तकादा होने पर प्रधान ने अपनी निजी संपत्ति से कुछ पापुलर, यूकेलिप्टस, शीशम और घरेलू संपत्ति बेंचकर आंशिक पेमेंट कर दिया है। इस चिंता में उनकी मां सुशीला देवी का हार्टअटैक हो गया। अब प्रधान भी मानसिक टेंशन में हैं। प्रधान ने अधिकारियों से खंड विकास अधिकारी के उत्पीड़न और जानमाल सुरक्षा की मांग की है।
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ग्राम प्रधान पंचायत के कार्यों के संपादन में मनमाफिक ग्राम पंचायत अधिकारी की नियुक्ति पर अड़े रहे, जिससे कुछ माह कार्य प्रभावित हुआ। प्रधान द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
-अशोक कुमार सिंह खंड विकास अधिकारी बांकेगंज
ग्राम प्रधान की शिकायत पर बाबरपुर पंचायत में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी बिजेंद्र कुमार अवस्थी और सहायक विकास अधिकारी पंचायत को नोटिस भेजकर एक सप्ताह का समय दिया गया है। किन परिस्थितियों में पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हुए और भुगतान क्यों रोका गया है। पंचायत के विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाते हैं।
-मनोज कुमार जिला पंचायत राज अधिकारी, लखीमपुर-खीरी