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परिवार वालों को परेशान करने के लिए किया ड्रामा
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धौरहरा। झगड़ा कर घर से भागे गांव कफारा निवासी चंद्रिका ने परिवार वालों को परेशान करने के लिए ड्रामा किया। बुढ़िया झील के किनारे बाइक, पर्स, कपड़े आदि रखकर वह दिल्ली भाग गया। बुधवार को उसकी लोकेशन दिल्ली के जमुनानगर में मिली। इस पर पुलिस और परिवार वालों ने राहत की सांस ली।
गांव कफारा निवासी चंद्रिका आठ अक्तूबर को घर वालों से झगड़ा करने के बाद भाग गया था। उसकी बाइक, पर्स, कपड़े आदि बुढ़िया झील के किनारे मिले थे। इससे लोगों ने समझा कि वह झील में कूद गया। पुलिस ने गोताखोर झील में उतारकर तलाश कराई, लेकिन कोई पता नहीं चला। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। फोन को सर्विलांस पर लगाया। सर्विलांस के जरिये चंद्रिका की लोकेशन दिल्ली में मिली। प्रभारी निरीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि जब युवक की लोकेशन दिल्ली में मिली तो यह तय हो गया था कि वह जिंदा है। उसके साथी ड्राइवर संजय का नंबर पुलिस ने लिया, जिससे संपर्क करने पर पता चला कि एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक का चालक है, जो वर्तमान में जमुना नगर दिल्ली में है।
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तीसरे दिन भी वशी अहमद का सुराग नहीं
धौरहरा। रविवार की रात से लापता कफारा गांव निवासी वशी अहमद पुत्र सरीफ रंगरेज का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका। सोमवार की सुबह महमदपुर मार्ग पर बुढ़िया झील के किनारे उसकी चप्पल और सुसाइड नोट मिला था, जिससे लोग अनुमान लगा रहे हैं कि वशी अहमद ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन झील में गोताखोरों को उसका शव नहीं मिला। संवाद
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गांव कफारा निवासी चंद्रिका आठ अक्तूबर को घर वालों से झगड़ा करने के बाद भाग गया था। उसकी बाइक, पर्स, कपड़े आदि बुढ़िया झील के किनारे मिले थे। इससे लोगों ने समझा कि वह झील में कूद गया। पुलिस ने गोताखोर झील में उतारकर तलाश कराई, लेकिन कोई पता नहीं चला। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। फोन को सर्विलांस पर लगाया। सर्विलांस के जरिये चंद्रिका की लोकेशन दिल्ली में मिली। प्रभारी निरीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि जब युवक की लोकेशन दिल्ली में मिली तो यह तय हो गया था कि वह जिंदा है। उसके साथी ड्राइवर संजय का नंबर पुलिस ने लिया, जिससे संपर्क करने पर पता चला कि एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का ट्रक का चालक है, जो वर्तमान में जमुना नगर दिल्ली में है।
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तीसरे दिन भी वशी अहमद का सुराग नहीं
धौरहरा। रविवार की रात से लापता कफारा गांव निवासी वशी अहमद पुत्र सरीफ रंगरेज का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका। सोमवार की सुबह महमदपुर मार्ग पर बुढ़िया झील के किनारे उसकी चप्पल और सुसाइड नोट मिला था, जिससे लोग अनुमान लगा रहे हैं कि वशी अहमद ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन झील में गोताखोरों को उसका शव नहीं मिला। संवाद
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