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पांच माह बाद कब्र खोद कर निकाली नवजात की लाश
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धौरहरा। डीएम के आदेश पर मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में पुलिस ने पांच माह बाद नवजात के शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा है।
थाना क्षेत्र के गांव लालापुरवा निवासी बबलू की पत्नी पप्पी देवी ने 22 अप्रैल को सीएचसी धौरहरा में एक मृत बच्ची को जन्म दिया। ससुराल वालों का कहना था कि प्रसव के दौरान पप्पी देवी (23) की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई, जबकि मृतका के पिता तमोलिनपुरवा निवासी श्रीकृष्ण का आरोप था कि पुत्री और नवजात बच्ची की हत्या कर बच्ची का शव ससुराल वालों ने गायब कर दिया है, जबकि प्रसव के समय बच्ची जिंदा थी। मामले की जांच पूर्व प्रभारी निरीक्षक हरिओम श्रीवास्तव ने की तो शिकायत फर्जी मिली, जिसपर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन मृतका के पिता प्रभारी निरीक्षक की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह को शिकायती पत्र देकर मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने की मांग की। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम को शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। गुरुवार को एसडीएम एस सुधाकरन और सीओ अरविंद वर्मा की देखरेख में पुलिस ने पांच माह बाद शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि सीएचसी में ही बच्ची मृत अवस्था में जन्मी थी। प्रसव के बाद दौरान पप्पी देवी की भी जिला अस्पताल में मौत हुई थी। ग्रामीणों के बयान और सीएचसी अभिलेखों के लेकर रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है।
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थाना क्षेत्र के गांव लालापुरवा निवासी बबलू की पत्नी पप्पी देवी ने 22 अप्रैल को सीएचसी धौरहरा में एक मृत बच्ची को जन्म दिया। ससुराल वालों का कहना था कि प्रसव के दौरान पप्पी देवी (23) की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई, जबकि मृतका के पिता तमोलिनपुरवा निवासी श्रीकृष्ण का आरोप था कि पुत्री और नवजात बच्ची की हत्या कर बच्ची का शव ससुराल वालों ने गायब कर दिया है, जबकि प्रसव के समय बच्ची जिंदा थी। मामले की जांच पूर्व प्रभारी निरीक्षक हरिओम श्रीवास्तव ने की तो शिकायत फर्जी मिली, जिसपर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन मृतका के पिता प्रभारी निरीक्षक की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह को शिकायती पत्र देकर मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने की मांग की। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम को शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए। गुरुवार को एसडीएम एस सुधाकरन और सीओ अरविंद वर्मा की देखरेख में पुलिस ने पांच माह बाद शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि सीएचसी में ही बच्ची मृत अवस्था में जन्मी थी। प्रसव के बाद दौरान पप्पी देवी की भी जिला अस्पताल में मौत हुई थी। ग्रामीणों के बयान और सीएचसी अभिलेखों के लेकर रिपोर्ट डीएम को भेजी जा रही है।
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