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झोलाछाप के इलाज से बच्चे की बिगड़ी हालत, मौत
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गुलरिया। भीरा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत रूपनपुरवार के मजरा बगियाखेड़ा में एक दो वर्षीय मासूम की झोलाछाप के इलाज से हालत बिगड़ गई जिसकी लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई है। पिता ने तहरीर देकर झोलाछाप चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
बगियाखेड़ा निवासी बालगोविंद ने भीरा थाना में दी तहरीर में कहा है कि उनके दो वर्षीय पुत्र की चार अगस्त को तबीयत खराब हो गई। वह इलाज के लिए पड़ोस के गांव जगनपुरवा में एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां इलाज के लिए पुत्र को ले गए। तेज बुखार होने के कारण चिकित्सक ने उसे ठंडे पानी से नहलवा दिया। बुखार कम होने की बजाय बच्चे की हालत और अधिक खराब हो गई। आरोप है कि मना करने के बाद भी चिकित्सक ने बच्चे को इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। हालत खराब होने पर बच्चे को ले जाकर भीरा के डॉ. बच्चू सिंह को दिखाया जिन्होंने इलाज करने से मना करते हुए लखीमपुर ले जाने को कहा। लखीमपुर में भी जवाब मिलने पर नौ अगस्त को बच्चे को लखनऊ के लिमरा अस्पताल ठाकुरगंज चौराहा में भर्ती कराया, जहां हालत में सुधार न होने पर उसकी 12 अगस्त को मौत हो गई। पिता ने तहरीर देकर झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बगियाखेड़ा निवासी बालगोविंद ने भीरा थाना में दी तहरीर में कहा है कि उनके दो वर्षीय पुत्र की चार अगस्त को तबीयत खराब हो गई। वह इलाज के लिए पड़ोस के गांव जगनपुरवा में एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां इलाज के लिए पुत्र को ले गए। तेज बुखार होने के कारण चिकित्सक ने उसे ठंडे पानी से नहलवा दिया। बुखार कम होने की बजाय बच्चे की हालत और अधिक खराब हो गई। आरोप है कि मना करने के बाद भी चिकित्सक ने बच्चे को इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। हालत खराब होने पर बच्चे को ले जाकर भीरा के डॉ. बच्चू सिंह को दिखाया जिन्होंने इलाज करने से मना करते हुए लखीमपुर ले जाने को कहा। लखीमपुर में भी जवाब मिलने पर नौ अगस्त को बच्चे को लखनऊ के लिमरा अस्पताल ठाकुरगंज चौराहा में भर्ती कराया, जहां हालत में सुधार न होने पर उसकी 12 अगस्त को मौत हो गई। पिता ने तहरीर देकर झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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