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किशोरी का शव देख दहल उठे लोग
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लखीमपुर खीरी/खमरिया। घर से डेढ़ सौ मीटर दूर गन्ने के खेत में बालिका का शव देख लोग दहल उठे। घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्य इस बात की ओर इशारा कर रहे थे कि बालिका की हत्या उसी स्थान पर की गई, जहां पर शव पड़ा था। घटना से ग्रामीणों में रोष है।
पाक्सो जैसा कठोर कानून अमल में आने के बाद भी दरिंदे महिलाओं और बालिकाओं की अस्मत पर वार करने से बाज नहीं आ रहे। पुलिस की संवेदनहीनता के कारण कार्रवाई तो दूर अधिकतर ऐसे मामलों में पीड़ितों को थाने से भगा दिया जाता है। आला अफसर भी सिर्फ आश्वासन देकर अपना पीछा छुड़ा लेते हैं। बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका से लोग दहल उठे। शव की आंख से निकल रहा खून, गले में कसा दुपट्टा और बंधे पैर बालिका के साथ हैवानियत को खुद बा खुद बयां कर रहा था। जिस स्थान पर शव पड़ा था, वहां पर टूटा गन्ना और खरोंच के मिले निशानों से यह साफ है कि दरिंदों से बचने के लिए बालिका ने बचाव की कोशिश की, जिससे वहां पर संघर्ष भी हुआ।
दो भाइयों के बीच इकलौती थी बालिका
मृतक बालिका अपने माता-पिता की इकलौती पुत्री थी। उसके दोनों भाई बड़े हैं। बिलखते हुए पिता ने बताया कि बेटी पाने के लिए उन्होंने ईश्वर से काफी मिन्नतें की थी। तब जाकर बेटी मिली थी। इकलौती होने के कारण सभी लोग उससे काफी दुलार करते थे।
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हत्या की प्रमुख घटनाएं
-22 मई 16 शहर से सटे एक गांव में आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या। कुएं में फेंका था शव
पहली जुलाई 16: पसगवां में आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या
अक्तूबर 16: थाना खीरी क्षेत्र में 10 साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या
15 मार्च 2017 थाना खीरी क्षेत्र में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म, उपचार के दौरान मौत हुई
अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही दुष्कर्म के बावत कुछ कहा जा सकता है।
-सत्येंद्र कुमार सिंह, एसपी
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पाक्सो जैसा कठोर कानून अमल में आने के बाद भी दरिंदे महिलाओं और बालिकाओं की अस्मत पर वार करने से बाज नहीं आ रहे। पुलिस की संवेदनहीनता के कारण कार्रवाई तो दूर अधिकतर ऐसे मामलों में पीड़ितों को थाने से भगा दिया जाता है। आला अफसर भी सिर्फ आश्वासन देकर अपना पीछा छुड़ा लेते हैं। बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका से लोग दहल उठे। शव की आंख से निकल रहा खून, गले में कसा दुपट्टा और बंधे पैर बालिका के साथ हैवानियत को खुद बा खुद बयां कर रहा था। जिस स्थान पर शव पड़ा था, वहां पर टूटा गन्ना और खरोंच के मिले निशानों से यह साफ है कि दरिंदों से बचने के लिए बालिका ने बचाव की कोशिश की, जिससे वहां पर संघर्ष भी हुआ।
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दो भाइयों के बीच इकलौती थी बालिका
मृतक बालिका अपने माता-पिता की इकलौती पुत्री थी। उसके दोनों भाई बड़े हैं। बिलखते हुए पिता ने बताया कि बेटी पाने के लिए उन्होंने ईश्वर से काफी मिन्नतें की थी। तब जाकर बेटी मिली थी। इकलौती होने के कारण सभी लोग उससे काफी दुलार करते थे।
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हत्या की प्रमुख घटनाएं
-22 मई 16 शहर से सटे एक गांव में आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या। कुएं में फेंका था शव
पहली जुलाई 16: पसगवां में आठ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या
अक्तूबर 16: थाना खीरी क्षेत्र में 10 साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या
15 मार्च 2017 थाना खीरी क्षेत्र में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म, उपचार के दौरान मौत हुई
अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही दुष्कर्म के बावत कुछ कहा जा सकता है।
-सत्येंद्र कुमार सिंह, एसपी