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भाई से करती थी चुगली इसलिए पत्नी-बेटी को मार डाला
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फरधान (लखीमपुर खीरी)। गांव बरखेरवा में पत्नी व बेटी की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि सरोज व उसकी पत्नी के बीच आपसी संबंध ठीक नहीं थे। वह झगड़े की सूचना अपने भाई को देती थी। इससे नाराज होकर उसने पत्नी व बेटी की गोली मारकर हत्या की थी और भाग निकला। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया है।
गांव बरखेरवा निवासी सरोज मिश्रा ने 10 फरवरी की रात अपनी पत्नी आरती (37) व छह साल की बेटी पूर्णिमा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में तलवार से शवों पर प्रहार किए थे। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वह भाग निकला था। मां-बेटी की हत्या की खबर से अफरातफरी मच गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरती के दो और पूर्णिमा के एक गोली लगने की पुष्टि हुई थी। आईजी लखनऊ एसके भगत ने गांव पहुंचकर लोगों से जानकारी ली थी। तब यह बात सामने आई थी कि सरोज मिश्रा के गांव के ही एक युवती से संबंध थे, जिसका आरती विरोध करती थी। इसी बात को लेकर दंपती में झगड़ा होता था। आईजी के आदेश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गईं थीं। थाना फरधान पुलिस ने सदर कोतवाली पुलिस की मदद से आरोपी सरोज मिश्रा को भंसड़िया रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोच लिया। पुलिस ने सरोज की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा टेड़वा घाट रपटापुल के पास झाड़ियों से बरामद किया है। बकौल प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार गौतम, आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके व पत्नी के बीच आपसी संबंध अच्छे नहीं थे। इस वजह से आये दिन झगड़ा होता था। झगड़े की जानकारी उसकी पत्नी अपने भाई को देती थी, जबकि वह झगड़े की बात भाई को बताने के लिए मना करता था। कई बार कहने के बाद भी जब पत्नी नहीं मानी तो उसने पत्नी व बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्यारोपी का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
पुलिस ने पलटी खुलासे की कहानी, सामने आया झोल
गांव बरखेरवा में हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने रविवार को कर दिया, लेकिन पुलिस के अलग-अलग दो बयानों ने खुलासे की कहानी पलट दी है। इससे दोहरे हत्याकांड के पीछे की असल कहानी को लेकर संशय पैदा हो गया है। शायद यही वजह है कि खुलासे के पीछे बताई गई कहानी भी किसी के गले नहीं उतर रही है।
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गांव बरखेरवा में आरती देवी व उसकी छह वर्षीय बेटी पूर्णिमा की हत्या की खबर जब गांव में फैली तो लोग हत्यारोपी उसके पति को कोस रहे थे। आईजी लखनऊ जब खुद गांव पहुंचे तो उनके सामने भी सरोज के संबंध गांव की ही एक महिला से होने और इन संबंधों का विरोध करने पर मां-बेटी की हत्या होने की बात प्रथम दृष्टया सामने आई थी। रविवार को पुलिस ने जब इस घटना का खुलासा किया तो प्रभारी निरीक्षक विमल गौतम ने दावा किया था कि आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि उसके गांव की ही एक लड़की से अवैध संबंध थे। उससे मोबाइल से बाते किया करता था, जिसकी जानकारी उसकी पत्नी आरती को हो गई थी। इसलिए आए दिन आपस में विवाद होता था। पत्नी को उसके भाई ने मोबाइल दिया था। इसी मोबाइल से वह अपने भाई को लड़ाई-झगड़े की सूचना देती थी। इसलिए पत्नी और पुत्री को रास्ते से हटाने का सोच लिया था। 10 फरवरी को गांव में अखंड पाठ हो रहा था। इसलिए सोचा किसी को गोली की आवाज सुनाई नही देगी। खाना खाने के बाद पहले तलवार से मारकर घायल किया। बाद में पत्नी को दो और पुत्री को एक गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। छीना झपटी में हाथ में तलवार लगने से वह खुद भी घायल हो गया था। प्रभारी निरीक्षक ने इस खुलासे का प्रेस नोट भी जारी कर दिया। कुछ देर बाद प्रभारी निरीक्षक अपने बयान से पलट गए। उन्होंने दूसरा प्रेसनोट जारी कर दिया और सिर्फ भाई से चुगली करना हत्या करने की वजह बताई, लेकिन इतनी सी बात पर पत्नी व निर्दोष बेटी की हत्या करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। ग्रामीण भी पुलिस के खुलासे की कहानी पर सवाल उठा रहे हैं।
‘बहन-भांजी के हत्यारे को फांसी दिलवाकर ही लूंगा दम’
पत्नी और पुत्री की हत्या के आरोप में पति के जेल जाने पर ग्रामीणों ने पुलिस और मृतका के भाई राजन अवस्थी की तारीफ की है। थाना हरगांव (सीतापुर) के गांव तिहार निवासी राजन अवस्थी की आंखों में बहन और भांजी के हत्यारे को जेल भिजवाने के बाद खुशी के आंसू छलक आए। उसने बताया कि सरोज चालाक और शातिर किस्म का आदमी है। बहन और भांजी की हत्या के जुर्म में फांसी की सजा दिलवा कर ही दम लूंगा। इसके मुझे सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़ा तो जाउंगा।
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गांव बरखेरवा निवासी सरोज मिश्रा ने 10 फरवरी की रात अपनी पत्नी आरती (37) व छह साल की बेटी पूर्णिमा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में तलवार से शवों पर प्रहार किए थे। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वह भाग निकला था। मां-बेटी की हत्या की खबर से अफरातफरी मच गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरती के दो और पूर्णिमा के एक गोली लगने की पुष्टि हुई थी। आईजी लखनऊ एसके भगत ने गांव पहुंचकर लोगों से जानकारी ली थी। तब यह बात सामने आई थी कि सरोज मिश्रा के गांव के ही एक युवती से संबंध थे, जिसका आरती विरोध करती थी। इसी बात को लेकर दंपती में झगड़ा होता था। आईजी के आदेश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गईं थीं। थाना फरधान पुलिस ने सदर कोतवाली पुलिस की मदद से आरोपी सरोज मिश्रा को भंसड़िया रेलवे क्रॉसिंग के पास से दबोच लिया। पुलिस ने सरोज की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा टेड़वा घाट रपटापुल के पास झाड़ियों से बरामद किया है। बकौल प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार गौतम, आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके व पत्नी के बीच आपसी संबंध अच्छे नहीं थे। इस वजह से आये दिन झगड़ा होता था। झगड़े की जानकारी उसकी पत्नी अपने भाई को देती थी, जबकि वह झगड़े की बात भाई को बताने के लिए मना करता था। कई बार कहने के बाद भी जब पत्नी नहीं मानी तो उसने पत्नी व बेटी की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्यारोपी का चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
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पुलिस ने पलटी खुलासे की कहानी, सामने आया झोल
गांव बरखेरवा में हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने रविवार को कर दिया, लेकिन पुलिस के अलग-अलग दो बयानों ने खुलासे की कहानी पलट दी है। इससे दोहरे हत्याकांड के पीछे की असल कहानी को लेकर संशय पैदा हो गया है। शायद यही वजह है कि खुलासे के पीछे बताई गई कहानी भी किसी के गले नहीं उतर रही है।
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गांव बरखेरवा में आरती देवी व उसकी छह वर्षीय बेटी पूर्णिमा की हत्या की खबर जब गांव में फैली तो लोग हत्यारोपी उसके पति को कोस रहे थे। आईजी लखनऊ जब खुद गांव पहुंचे तो उनके सामने भी सरोज के संबंध गांव की ही एक महिला से होने और इन संबंधों का विरोध करने पर मां-बेटी की हत्या होने की बात प्रथम दृष्टया सामने आई थी। रविवार को पुलिस ने जब इस घटना का खुलासा किया तो प्रभारी निरीक्षक विमल गौतम ने दावा किया था कि आरोपी ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि उसके गांव की ही एक लड़की से अवैध संबंध थे। उससे मोबाइल से बाते किया करता था, जिसकी जानकारी उसकी पत्नी आरती को हो गई थी। इसलिए आए दिन आपस में विवाद होता था। पत्नी को उसके भाई ने मोबाइल दिया था। इसी मोबाइल से वह अपने भाई को लड़ाई-झगड़े की सूचना देती थी। इसलिए पत्नी और पुत्री को रास्ते से हटाने का सोच लिया था। 10 फरवरी को गांव में अखंड पाठ हो रहा था। इसलिए सोचा किसी को गोली की आवाज सुनाई नही देगी। खाना खाने के बाद पहले तलवार से मारकर घायल किया। बाद में पत्नी को दो और पुत्री को एक गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। छीना झपटी में हाथ में तलवार लगने से वह खुद भी घायल हो गया था। प्रभारी निरीक्षक ने इस खुलासे का प्रेस नोट भी जारी कर दिया। कुछ देर बाद प्रभारी निरीक्षक अपने बयान से पलट गए। उन्होंने दूसरा प्रेसनोट जारी कर दिया और सिर्फ भाई से चुगली करना हत्या करने की वजह बताई, लेकिन इतनी सी बात पर पत्नी व निर्दोष बेटी की हत्या करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। ग्रामीण भी पुलिस के खुलासे की कहानी पर सवाल उठा रहे हैं।
‘बहन-भांजी के हत्यारे को फांसी दिलवाकर ही लूंगा दम’
पत्नी और पुत्री की हत्या के आरोप में पति के जेल जाने पर ग्रामीणों ने पुलिस और मृतका के भाई राजन अवस्थी की तारीफ की है। थाना हरगांव (सीतापुर) के गांव तिहार निवासी राजन अवस्थी की आंखों में बहन और भांजी के हत्यारे को जेल भिजवाने के बाद खुशी के आंसू छलक आए। उसने बताया कि सरोज चालाक और शातिर किस्म का आदमी है। बहन और भांजी की हत्या के जुर्म में फांसी की सजा दिलवा कर ही दम लूंगा। इसके मुझे सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़ा तो जाउंगा।