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एक समुदाय के लोगों के एकत्र होने की गलत सूचना पर फंसे प्रधान
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निघासन। शराब के नशे में हरसिंगपुर के ग्राम प्रधान ने गांव में दूसरे समुदाय के एकत्रित होकर बवाल करने की आशंका जाहिर करते हुए पुलिस को सूचना दे दी। शिकायत करनेे के चंद मिनट बाद वह झंडी चौकी पहुंच गए। वहां पर भी उनका उत्पात मचाने लगे। पुलिस ने गांव जाकर देखा तो कुछ नहीं निकला। पुलिस जब गांव से लौटी तब भी वह बवाल करते मिले। पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान का मेडिकल करवाकर शांतिभंग में चालान कर दिया।
झंडी चौकी इंचार्ज राहुल सिंह ने बताया कि हरसिंगपुर प्रधान संजू श्रीवास्तव ने सूचना दी कि रात में गांव में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक समुदाय के लोग धार्मिक स्थल के पास एकत्रित हो रहे हैं। सूचना पर पुलिस हरकत में आ गई और सिपाहियों को मौके पर भेजा। सिपाहियों ने चौकी इंचार्ज को सूचना दी कि गांव में शांति है। कुछ देर बाद प्रधान संजू श्रीवास्तव चौकी पर आ धमके और गांव में न जाने पर चौकी इंचार्ज से भिड़ गए। चौकी इंचार्ज ने उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उसके बाद संजू ने सीओ और एसपी को फोन पर मामले से अवगत कराया। दोबारा थाने और चौकी की पुलिस गांव पहुंची, लेकिन वहां पर शांति बनीं हुई थी। प्रभारी निरीक्षक ने वहां पर दो सिपाहियों की ड्युटी भी लगा दी। पुलिस फोर्स के वापस लौटने तक प्रधान संजू चौकी में बैठे रहे। वापस आने पर वह एक बार फिर कार्रवाई न करने की बात कहते हुए पुलिस से भिड़ गए। नाराज चौकी इंचार्ज ने उनको हिरासत में लेते हुए उनका मेडिकल कराया। मेडिकल में शराब पीने की पुष्टि होने पर पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। उधर प्रधान ने आरोप निराधार बताए हैं।
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झंडी चौकी इंचार्ज राहुल सिंह ने बताया कि हरसिंगपुर प्रधान संजू श्रीवास्तव ने सूचना दी कि रात में गांव में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक समुदाय के लोग धार्मिक स्थल के पास एकत्रित हो रहे हैं। सूचना पर पुलिस हरकत में आ गई और सिपाहियों को मौके पर भेजा। सिपाहियों ने चौकी इंचार्ज को सूचना दी कि गांव में शांति है। कुछ देर बाद प्रधान संजू श्रीवास्तव चौकी पर आ धमके और गांव में न जाने पर चौकी इंचार्ज से भिड़ गए। चौकी इंचार्ज ने उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उसके बाद संजू ने सीओ और एसपी को फोन पर मामले से अवगत कराया। दोबारा थाने और चौकी की पुलिस गांव पहुंची, लेकिन वहां पर शांति बनीं हुई थी। प्रभारी निरीक्षक ने वहां पर दो सिपाहियों की ड्युटी भी लगा दी। पुलिस फोर्स के वापस लौटने तक प्रधान संजू चौकी में बैठे रहे। वापस आने पर वह एक बार फिर कार्रवाई न करने की बात कहते हुए पुलिस से भिड़ गए। नाराज चौकी इंचार्ज ने उनको हिरासत में लेते हुए उनका मेडिकल कराया। मेडिकल में शराब पीने की पुष्टि होने पर पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। उधर प्रधान ने आरोप निराधार बताए हैं।
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