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टेरर फंडिंग: दोनों नाइजीरियन जालसाज कस्टडी रिमांड पर एटीएस के हवाले
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लखीमपुर खीरी। टेरर फंडिंग के मामले में मुंबई से गिरफ्तार दो नाइजीरियाई आरोपियों को हिरासत में रखकर पूछताछ करने के लिए सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को छह दिन के रिमांड को मंजूरी दे दी। वहीं मुमताज 24 घंटे के लिए ही कस्टडी रिमांड पर मिल पाया। सीजेएम ने पूछताछ के दौरान बरामदगी के मामले में वीडियोग्राफी भी कराने का आदेश दिया है। रिमांड मंजूर होने के बाद एटीएस टीम ने बृहस्पतिवार शाम को ही जेल से तीनों आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया और लखनऊ चली गई।
मुंबई से गिरफ्तार करके जेल भेजे गए नाइजीरियन चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमन अस्सेंगा से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने के लिए एटीएस ने उन्हें रिमांड पर लेने के लिए बुधवार को सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। एटीएस ने नाइजीरियाई चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर अस्सेंगा से नेपाली बैंक खातों की जानकारी करने, सुनीता और सरवन से रिश्ते तलाशने सहित विभिन्न बैक खातों को हैक करने से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए 10 दिन को कस्टडी रिमांड की मांग रखी थी। बृहस्पतिवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने दोनों नाइजीरियाई आरोपियों को छह दिन का कस्टडी रिमांड मंजूर कर लिया। यह रिमांड अवधि 31 अक्तूबर की शाम पांच बजे से छह नंवबर की शाम पांच बजे तक रहेगी। उधर मुमताज की 24 घंटे की रिमांड अर्जी मंजूर कर ली गई। एटीएस की टीमें कोर्ट का आदेश लेकर जिला जेल पहुंचीं। वहां कागजी कार्यवाही और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम तीनों को कड़ी सुरक्षा में लेकर लखनऊ रवाना हो गईं।
नहीं दी जाएगी थर्ड डिग्री, कराएंगे स्वास्थ परीक्षण
आरोपी नाइजीरियाइयों की ओर से उत्पीड़न करने की आशंका जाहिर करने के बाद सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने अपने कस्टडी रिमांड के आदेश में थर्ड डिग्री टार्चर करने से रोक लगाई है। साथ ही आदेश दिया है कि बंदी को रिमांड पर लेने से पहले और बाद में दाखिल करते समय दोनों बार उनका स्वास्थ परीक्षण कराने की जिम्मेदारी एटीएस की होगी।
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सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एटीएस पर
सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने कस्टडी रिमांड को मंजूरी देते हुए बंदी चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमन असेंजा की सुरक्षा को लेकर एहतियात बरतने के लिए आदेश दिए है। कस्टडी रिमांड में पूछताछ के दोनों नाइजीरियाई अपराधियों और मुमताज की सुरक्षा के लिए विवेचनाधिकारी पर जिम्मेदारी डाली है।
नाइजीरियन बोले, नहीं आती हिंदी
कस्टडी रिमांड के लिए एटीएस की ओर से कोर्ट में जो अर्जी दाखिल की गई थी, वह हिंदी में है, लेकिन नाइजीरियन आरोपी बंदी चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमन अस्सेंगा को हिंदी नहीं आती है। यह बात उन्होंने कोर्ट में भी बताई, लेकिन उनकी ओर से पेश हुए अधिवक्ता संतोष त्रिपाठी ने बंदियों से अंग्रेजी में बातचीत करते हुए कस्टडी रिमांड अर्जी के बावत जानकारी दी। इस दौरान आरोपियों की ओर से बचाव में कही गई बातों से अदालत को अवगत कराया।
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मुंबई से गिरफ्तार करके जेल भेजे गए नाइजीरियन चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमन अस्सेंगा से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने के लिए एटीएस ने उन्हें रिमांड पर लेने के लिए बुधवार को सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। एटीएस ने नाइजीरियाई चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर अस्सेंगा से नेपाली बैंक खातों की जानकारी करने, सुनीता और सरवन से रिश्ते तलाशने सहित विभिन्न बैक खातों को हैक करने से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए 10 दिन को कस्टडी रिमांड की मांग रखी थी। बृहस्पतिवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने दोनों नाइजीरियाई आरोपियों को छह दिन का कस्टडी रिमांड मंजूर कर लिया। यह रिमांड अवधि 31 अक्तूबर की शाम पांच बजे से छह नंवबर की शाम पांच बजे तक रहेगी। उधर मुमताज की 24 घंटे की रिमांड अर्जी मंजूर कर ली गई। एटीएस की टीमें कोर्ट का आदेश लेकर जिला जेल पहुंचीं। वहां कागजी कार्यवाही और मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम तीनों को कड़ी सुरक्षा में लेकर लखनऊ रवाना हो गईं।
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नहीं दी जाएगी थर्ड डिग्री, कराएंगे स्वास्थ परीक्षण
आरोपी नाइजीरियाइयों की ओर से उत्पीड़न करने की आशंका जाहिर करने के बाद सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने अपने कस्टडी रिमांड के आदेश में थर्ड डिग्री टार्चर करने से रोक लगाई है। साथ ही आदेश दिया है कि बंदी को रिमांड पर लेने से पहले और बाद में दाखिल करते समय दोनों बार उनका स्वास्थ परीक्षण कराने की जिम्मेदारी एटीएस की होगी।
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सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एटीएस पर
सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने कस्टडी रिमांड को मंजूरी देते हुए बंदी चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमन असेंजा की सुरक्षा को लेकर एहतियात बरतने के लिए आदेश दिए है। कस्टडी रिमांड में पूछताछ के दोनों नाइजीरियाई अपराधियों और मुमताज की सुरक्षा के लिए विवेचनाधिकारी पर जिम्मेदारी डाली है।
नाइजीरियन बोले, नहीं आती हिंदी
कस्टडी रिमांड के लिए एटीएस की ओर से कोर्ट में जो अर्जी दाखिल की गई थी, वह हिंदी में है, लेकिन नाइजीरियन आरोपी बंदी चिनवेउबा एमेका माइकल और पीटर हरमन अस्सेंगा को हिंदी नहीं आती है। यह बात उन्होंने कोर्ट में भी बताई, लेकिन उनकी ओर से पेश हुए अधिवक्ता संतोष त्रिपाठी ने बंदियों से अंग्रेजी में बातचीत करते हुए कस्टडी रिमांड अर्जी के बावत जानकारी दी। इस दौरान आरोपियों की ओर से बचाव में कही गई बातों से अदालत को अवगत कराया।