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बगौड़ी से हमला कर युवक को गोली से उड़ाया
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लखीमपुर खीरी। दिवाली के मौके पर कांशीराम कॉलोनी में मां और भाई से रविवार शाम मिलने आए युवक पर हमलावरों ने कॉलोनी के लोगों के सामने बगौड़ी से प्रहार करने के बाद उसे गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। बचाने आई मां और भाई को भी बगौड़ी से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। हमले के बाद चारों आरोपी भाग निकले, उनके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सोमवार को भी इनमें से किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
शहर से सटे गांव भंसड़िया स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी मन्नू प्रसाद (38) करीब छह महीने पहले कॉलोनी की एक महिला को भगा ले गया था। तब से वह महेवागंज क्षेत्र में रह रहा था। वह रविवार की शाम कॉलोनी में अपनी मां और बड़े भाई राजकुमार से मिलने आया था। राजकुमार ने बताया कि शाम साढ़े सात बजे मन्नू घर पर बैठा उससे और मां से बातचीत कर रहा था। इसी बीच कॉलोनी में ही रहने वाला सत्यप्रकाश उर्फ मंगू, उसका भाई राजकुमार कॉलोनी के ही नीरज उर्फ बन्नी और अमन को साथ लेकर उनके घर पर आ धमके। चारों लोग दरवाजे पर खड़े होकर गालियां देने लगे। इस पर बाहर आकर मन्नू ने विरोध किया तो गन्ना काटने वाली बगौड़ी से मन्नू के सिर और सीने पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। यह देखकर भाई राजकुमार और मां सुमित्रा ने मन्नू को बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उन पर भी बगौड़ी से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसी बीच सत्यप्रकाश ने तमंचे से मन्नू को गोली मार दी, जिससे मन्नू की मौके पर ही मौत हो गई। इससे कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना पर इंस्पेक्टर सदर अजय प्रकाश मिश्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने हमलावरों के घरों पर दबिश दी, लेकिन चारों हमलावरों में से कोई पुलिस के हाथ नहीं लगा। लगे। इंस्पेक्टर ने बताया कि मन्नू मुख्य हत्यारोपी सत्यप्रकाश की पत्नी को करीब छह महीने भगा ले गया था। इससे सत्यप्रकाश नाराज था। रविवार को जब मन्नू अपनी मां और भाई से मिलने आया तो उसकी हत्या कर दी गई। घायल मां सुमित्रा और भाई राजकुमार का जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। राजकुमार की ओर से सत्यप्रकाश समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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जिस वक्त हत्या हुई उस समय दिवाली होने के कारण कॉलोनी में कोई पूजा तो कोई पटाखे छोड़ने में मस्त था। चीखपुकार सुनकर मौके पर काफी लोग आ गए, मगर हमलावरों के तेवर देखकर मन्नू को बचाने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका। हमलावरों के प्रहार से घायल भाई और उसकी मां भी असहाय हो गई। देखते ही देखते उनकी आंखों के सामने ही हमलावरों ने मन्नू की जान ले ली।
भंसड़िया स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी मृतक मन्नू की पत्नी की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी है। उसका कॉलोनी निवासी सत्यप्रकाश के घर आना जाना था। इसी बीच उसके सत्यप्रकाश की पत्नी से प्रेम संबंध हो गए थे। इस पर दोनों ने भागकर मंदिर में शादी रचा ली थी। इससे सत्यप्रकाश नाराज था।
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शहर से सटे गांव भंसड़िया स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी मन्नू प्रसाद (38) करीब छह महीने पहले कॉलोनी की एक महिला को भगा ले गया था। तब से वह महेवागंज क्षेत्र में रह रहा था। वह रविवार की शाम कॉलोनी में अपनी मां और बड़े भाई राजकुमार से मिलने आया था। राजकुमार ने बताया कि शाम साढ़े सात बजे मन्नू घर पर बैठा उससे और मां से बातचीत कर रहा था। इसी बीच कॉलोनी में ही रहने वाला सत्यप्रकाश उर्फ मंगू, उसका भाई राजकुमार कॉलोनी के ही नीरज उर्फ बन्नी और अमन को साथ लेकर उनके घर पर आ धमके। चारों लोग दरवाजे पर खड़े होकर गालियां देने लगे। इस पर बाहर आकर मन्नू ने विरोध किया तो गन्ना काटने वाली बगौड़ी से मन्नू के सिर और सीने पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। यह देखकर भाई राजकुमार और मां सुमित्रा ने मन्नू को बचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उन पर भी बगौड़ी से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसी बीच सत्यप्रकाश ने तमंचे से मन्नू को गोली मार दी, जिससे मन्नू की मौके पर ही मौत हो गई। इससे कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई।
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सूचना पर इंस्पेक्टर सदर अजय प्रकाश मिश्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने हमलावरों के घरों पर दबिश दी, लेकिन चारों हमलावरों में से कोई पुलिस के हाथ नहीं लगा। लगे। इंस्पेक्टर ने बताया कि मन्नू मुख्य हत्यारोपी सत्यप्रकाश की पत्नी को करीब छह महीने भगा ले गया था। इससे सत्यप्रकाश नाराज था। रविवार को जब मन्नू अपनी मां और भाई से मिलने आया तो उसकी हत्या कर दी गई। घायल मां सुमित्रा और भाई राजकुमार का जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। राजकुमार की ओर से सत्यप्रकाश समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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जिस वक्त हत्या हुई उस समय दिवाली होने के कारण कॉलोनी में कोई पूजा तो कोई पटाखे छोड़ने में मस्त था। चीखपुकार सुनकर मौके पर काफी लोग आ गए, मगर हमलावरों के तेवर देखकर मन्नू को बचाने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सका। हमलावरों के प्रहार से घायल भाई और उसकी मां भी असहाय हो गई। देखते ही देखते उनकी आंखों के सामने ही हमलावरों ने मन्नू की जान ले ली।
भंसड़िया स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी मृतक मन्नू की पत्नी की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी है। उसका कॉलोनी निवासी सत्यप्रकाश के घर आना जाना था। इसी बीच उसके सत्यप्रकाश की पत्नी से प्रेम संबंध हो गए थे। इस पर दोनों ने भागकर मंदिर में शादी रचा ली थी। इससे सत्यप्रकाश नाराज था।