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बाढ़ कटान पीड़ितों की समस्या को लेकर भाकपा माले का धरना शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:11 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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बाढ़ कटान विस्थापित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग
भाकपा माले के बैनर तले बाढ़ नदी कटान से प्रभावित गांवों के सैकड़ों पीड़ितों ने जिला मुख्यालय पर नसीरुद्दीन मौजी भवन के प्रांगण में अपना धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो दिवसीय धरना प्रदर्शन में गूम, पिपरागूम, बाबा पुरवा, बेड़हा, बेड़हा सुतिया, अहिराना, लंगड़ीपुरवा, जदीदपुरवा, घोसियाना, शंकरपुरवा, बेचनपुरवा, पकरियापुरवा, टापर पुरवा, इच्छाराम पुरवा, जंगल नंबर 10 के ग्रामीण शामिल रहे।
प्रदर्शन करने वाले पीड़ितों की मांग है कि शारदा सहायक परियोजना की संपूर्ण आबादी को अफ्लैक्स बांध से बाहर कर सुरक्षित स्थान पांच-पांच डिस्मिल भूमि और पक्के मकान देकर उन्हें बसाया जाए। इसमें उजड़े ग्रामीणों को वरीयता दी जाए। सभी कटान पीड़ितों को कटी जमीन, फसल और घरों का तत्काल मुआवजा दिया जाए। डूब क्षेत्र की संपूर्ण आबादी के लिए खाद्यान्न सुरक्षा की गारंटी दी जाए। नदी के दोनों किनारों पर ठोकर बांध का निर्माण किया जाए। बाढ़ के पानी में डूब कर मरे लोगों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। शारदा सागर बांध का जीर्णोद्धार कर पूरे तराई क्षेत्र की जमीन और जीवन की रक्षा की जाए।
धरना सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि देश की मोदी सरकार और प्रदेश की सपा सरकार बाढ़ नदी कटान पीड़ितों के प्रति संवेदनहीन है। दोनों ही सरकारें किसानों को बाढ़, नदी कटान से बचाने को तैयार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बाढ़ कटान पीड़ितों की समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं होता और उचित मुआवजा नहीं देता तो भाकपा माले व्यापक स्तर पर जनांदोलन करेगी।
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धरना प्रदर्शन में जिला कमेटी सदस्य बिकाऊ, सुरेंद्र कुमार, जवाहर लाल, श्रीनाथ, वीरबल, रमेश, विश्वबल्लभ, दयाशंकर, गौरी शंकर, भारत, बद्री वासुदेव, राजेश गिरजा, विजय, अशोक, योगेश, राम प्रसाद, राजीव, राम नरायन आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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भाकपा माले के बैनर तले बाढ़ नदी कटान से प्रभावित गांवों के सैकड़ों पीड़ितों ने जिला मुख्यालय पर नसीरुद्दीन मौजी भवन के प्रांगण में अपना धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो दिवसीय धरना प्रदर्शन में गूम, पिपरागूम, बाबा पुरवा, बेड़हा, बेड़हा सुतिया, अहिराना, लंगड़ीपुरवा, जदीदपुरवा, घोसियाना, शंकरपुरवा, बेचनपुरवा, पकरियापुरवा, टापर पुरवा, इच्छाराम पुरवा, जंगल नंबर 10 के ग्रामीण शामिल रहे।
प्रदर्शन करने वाले पीड़ितों की मांग है कि शारदा सहायक परियोजना की संपूर्ण आबादी को अफ्लैक्स बांध से बाहर कर सुरक्षित स्थान पांच-पांच डिस्मिल भूमि और पक्के मकान देकर उन्हें बसाया जाए। इसमें उजड़े ग्रामीणों को वरीयता दी जाए। सभी कटान पीड़ितों को कटी जमीन, फसल और घरों का तत्काल मुआवजा दिया जाए। डूब क्षेत्र की संपूर्ण आबादी के लिए खाद्यान्न सुरक्षा की गारंटी दी जाए। नदी के दोनों किनारों पर ठोकर बांध का निर्माण किया जाए। बाढ़ के पानी में डूब कर मरे लोगों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। शारदा सागर बांध का जीर्णोद्धार कर पूरे तराई क्षेत्र की जमीन और जीवन की रक्षा की जाए।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि देश की मोदी सरकार और प्रदेश की सपा सरकार बाढ़ नदी कटान पीड़ितों के प्रति संवेदनहीन है। दोनों ही सरकारें किसानों को बाढ़, नदी कटान से बचाने को तैयार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बाढ़ कटान पीड़ितों की समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं होता और उचित मुआवजा नहीं देता तो भाकपा माले व्यापक स्तर पर जनांदोलन करेगी।
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धरना प्रदर्शन में जिला कमेटी सदस्य बिकाऊ, सुरेंद्र कुमार, जवाहर लाल, श्रीनाथ, वीरबल, रमेश, विश्वबल्लभ, दयाशंकर, गौरी शंकर, भारत, बद्री वासुदेव, राजेश गिरजा, विजय, अशोक, योगेश, राम प्रसाद, राजीव, राम नरायन आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।