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Lakhimpur Kheri News: गर्मी में बेहाल गोवंश... गोशालाओं में बिजली कनेक्शन नहीं, पानी की भी दिक्कत

Thu, 25 Apr 2024 03:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2024 03:30 AM IST
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Cows are in distress in the heat... No electricity connection in cowsheds, problem of water too
राजगढ़ गांव में ​​स्थित अस्थाई गौ-आश्रय स्थल में इस तरह रहते हैं पशु- संवाद
बिजुआ। बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं ने गोशालाओं में रखे गए गोवंशों का हाल बेहाल कर दिया है। इन्हें गर्मी से बचाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। गोशालाओं में बिजली कनेक्शन नहीं है, तो भरपूर पानी की भी व्यवस्था नहीं है। इसमें बिजुआ क्षेत्र की आठ गोशालाओं की स्थिति ज्यादा खराब है।
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बिजुआ ब्लॉक क्षेत्र में आठ अस्थायी व एक स्थायी गोशाला है। जिसमें बड़ी संख्या में पशु संरक्षित हैं। अधिकांश गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशु हैं। ऐसी स्थिति में पशुओं की देखरेख और चारा-पानी का इंतजाम करने में दिक्कत आती है। बिजुआ, रामानगर, बैबहा मुन्नू सिंह को छोड़कर कहीं भी बिजली कनेक्शन नहीं है। बिजली कनेक्शन न होने पर पशुओं के आगे सबसे बड़ी समस्या पानी की है।
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तापमान 39 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है। पानी के लिए गोशालाओं में हैंडपंप लगे हैं। कर्मचारी पशुओं को हैंडपंप की मदद से पानी पिलाते हैं, लेकिन पशुओं की संख्या अधिक और स्टाफ कम होने की वजह से पशुओं की प्यास नहीं बुझ पा रही है। ऐसे में अधिकांश पशु भूखे-प्यासे रहते हैं।
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गोशालाओं में टिनशेड के नीचे पशु रखे गए हैं। उनकी हाइट भी ज्यादा है। इसलिए टीनशेड के अंदर तक धूप पहुंचती है। पशुओं का गर्मी से हाल बेहाल हो रहा है। संरक्षित पशुओं के लिए प्रशासन की ओर से प्रति दिन 50 रुपये चारा-पानी के लिए खर्च किए जाते हैं।
बिजुआ क्षेत्र में गोशाला व उनमें संरक्षित पशु
गांव क्षमता संरक्षित पशु
पहाड़ापुर 60 70
रामापुर 150 160
बिजुआ 50 97
पड़रिया तिलकापुर120 200
रहीम नगर ग्रंट 100 200
राजगढ़ 136 136
बैबहा मुन्नू सिंह 157 157


131 छोटी-बड़ी गोशालाओं में 28,913 पशु संरक्षित करने का दावा
छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने के लिए जनपद में 131 छोटी-बड़ी गोशालाएं हैं। गोशालाओं में 28,913 पशु संरक्षित करने का दावा किया जा रहा है। गोशालाओं में पशुओं लिए चारा, पानी, देखभाल, साफ-सफाई, इलाज आदि की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन अधिकांश गोशालाएं सुविधा विहीन हैं। कहीं क्षमता से अधिक पशु संरक्षित हैं, तो कहीं पानी व अन्य व्यवस्थाएं नहीं है।
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गोशाला में बिजली का कनेक्शन नहीं है। पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था प्रधान व सचिव देखते हैं। समय मिलता है तो गोशालाओं का निरीक्षण करता हूं। निरीक्षण में जो खामियां मिलती हैं, उनको दुरुस्त कराता हूूं। मौजूदा समय में चुनाव की व्यस्तता बनी हुई है।

-अनिल कुमार वर्मा, एडीओ पंचायत, बिजुआ
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गोशालाओं में संरक्षित पशुओं को चारा-पानी सहित अन्य देखभाल की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत, नगर पंचायत व नगर पालिका की रहती है। पशु पालन विभाग का काम बीमार व घायल पशुओं का इलाज करना है। जनपद में 131 गोशालाएं हैं, जिसमें करीब 28,912 पशु संरक्षित हैं।
-डॉ. सोमदेव चौहान, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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