Lakhimpur Kheri: कोर्ट में आशीष की पेशी, तिकुनिया हिंसा में पहली गवाही पूरी, अगली सुनवाई सात फरवरी को
जमानत पर रिहा मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू अपने अधिवक्ता के साथ अदालत में पहुंचा। डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया अगले गवाह के लिए समन जारी किए जा रहे हैं। अदालत में अगली सुनवाई की तारीख 7 फरवरी मुकर्रर की है।
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लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा मामले में एडीजे सुनील वर्मा की अदालत में पहली गवाही बुधवार को पूरी हो गई। जमानत पर रिहा आशीष मिश्र मोनू अपने अधिवक्ता के साथ बुधवार को अदालत में पहुंचा, जहां मुकदमा वादी जगजीत सिंह की जिरह बचाव पक्ष की ओर से पूरी कर ली गई। डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने बताया अगले गवाह के लिए समन जारी किए जा रहे हैं। अदालत में अगली सुनवाई की तारीख 7 फरवरी मुकर्रर की है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए वादी जगजीत सिंह ने बताया कि तिकुनिया कस्बे में तीन अक्तूबर 2021 को दंगल प्रतियोगिता का बनबीरपुर में आयोजन किया गया था। किसानों के समूह ने इसे लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। इसी दौरान आरोपियों ने तेज रफ्तार गाड़ियों से रौंदकर उनके भाई सहित कई किसानों को मौत के घाट उतार दिया था, तो कई किसान जख्मी हुए थे। इस मामले में उसके भी हस्ताक्षर से प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया गया था।
एफआईआर में आशीष मिश्र मोनू को नामजद किया था, बाकी उनके अज्ञात साथियों का हवाला दिया था, लेकिन अदालती सुनवाई के दौरान वादी जगजीत सिंह ने अंकित दास को नामजद करते हुए बताया कि वह भी घटना में अन्य हत्या आरोपियों के साथ शामिल था। अभियोजन पक्ष देख रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी के साथ ही वादी जगजीत सिंह के व्यक्तिगत अधिवक्ता के रूप में सुरेश सिंह मुन्ना भी बयान के समय अदालत कक्ष में मौजूद रहे।
अब दूसरे गवाह के बयान दर्ज कराए जाएंगे
बुधवार को बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ और अवधेश सिंह सहित सभी बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपनी जिरह पूरी कर ली। पहली गवाही पूरी होने के बाद अब अभियोजन की ओर से दूसरे गवाह के बयान दर्ज कराने की तैयारी शुरू हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट कर रही निगरानी
अदालत में बचाव पक्ष के वकीलों ने जब लंबी तारीख देने की गुजारिश की तो मुकदमे की सुनवाई कर रहे एडीजे सुनील वर्मा ने बताया कि वह शीघ्र सुनवाई के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। सुप्रीम कोर्ट मुकदमे की निगरानी कर रहा है।
नहीं दाखिल हुई निवास की सूचना
बुधवार को अदालती सुनवाई के दौरान आशीष मिश्र मोनू व्यक्तिगत रूप से हाजिर तो हुआ, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के अनुसार निवास की सूचना के बारे में अवगत नहीं कराया। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि सप्ताह भर की अवधि 3 फरवरी को पूरी हो रही है। लिहाजा एक-दो दिन के भीतर ही वह प्रदेश से बाहर निवास करने का स्थान चयनित करते हुए उसकी सूचना अदालत को देगा।