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मैलानी-नानपारा रेलखंड को लेकर हाईकोर्ट
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। मैलानी नानपारा मीटर गेज पर ट्रेन संचालन 16 फरवरी से बंद है। रेलवे का तर्क है कि ट्रेन संचालन हाईकोर्ट के आदेश पर बंद हुआ है जबकि 17 फरवरी को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने रेलवे को 24 फरवरी को आदेश दिखाने के लिए तलब किया है।
रेलवे ने मैलानी नानपारा तक छोटी लाइन ट्रेनों का संचालन कोर्ट के आदेश का हवाला देकर 16 फरवरी से बंद कर दिया, जिससे क्षेत्रवासियों की आवागमन को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोग अधिक रुपये खर्च करने के बावजूद भी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं। ऐसे में ट्रेन संचालन शुरू कराने के लिए श्रीरामलीला कमेटी के सदस्य, तिकुनियां निवासी राजीव गुप्ता, समाजसेवी श्यामा प्रसन्ना सेन उर्फ लाल जी ने कोर्ट में पीआईएल दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे को ट्रेन संचालन बंद करने का आदेश पेश करने को कहा। रिट दायर करने वालों का कहना है कि कोर्ट ने रेलवे को स्पष्टीकरण के साथ दस्तावेज 24 फरवरी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समाजसेवी श्यामा प्रसन्ना ने बताया कि सुनवाई के दौरान रेलवे के वकील न तो कोर्ट का आदेश दिखा पाए और न ही ब्रॉडगेज के संबंध में मैलानी नानपारा के बीच होने वाला जमीनी कार्य दिखा सके। उधर, तिकुनियां निवासी राजीव गुप्ता का कहना है कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब रेलवे के पास ट्रेन संचालन बंद करने का आदेश ही नहीं है तो फिर मैैलानी नानपारा के बीच ट्रेनें चलना बंद कैसे कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सोमवार को सुनवाई है और पूरा भरोसा है कि गरीबों की सस्ती और सुविधाजनक यात्रा के लिए ट्रेन संचालन फिर से शुरू होगा।
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रेलवे ने मैलानी नानपारा तक छोटी लाइन ट्रेनों का संचालन कोर्ट के आदेश का हवाला देकर 16 फरवरी से बंद कर दिया, जिससे क्षेत्रवासियों की आवागमन को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोग अधिक रुपये खर्च करने के बावजूद भी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हैं। ऐसे में ट्रेन संचालन शुरू कराने के लिए श्रीरामलीला कमेटी के सदस्य, तिकुनियां निवासी राजीव गुप्ता, समाजसेवी श्यामा प्रसन्ना सेन उर्फ लाल जी ने कोर्ट में पीआईएल दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे को ट्रेन संचालन बंद करने का आदेश पेश करने को कहा। रिट दायर करने वालों का कहना है कि कोर्ट ने रेलवे को स्पष्टीकरण के साथ दस्तावेज 24 फरवरी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समाजसेवी श्यामा प्रसन्ना ने बताया कि सुनवाई के दौरान रेलवे के वकील न तो कोर्ट का आदेश दिखा पाए और न ही ब्रॉडगेज के संबंध में मैलानी नानपारा के बीच होने वाला जमीनी कार्य दिखा सके। उधर, तिकुनियां निवासी राजीव गुप्ता का कहना है कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब रेलवे के पास ट्रेन संचालन बंद करने का आदेश ही नहीं है तो फिर मैैलानी नानपारा के बीच ट्रेनें चलना बंद कैसे कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सोमवार को सुनवाई है और पूरा भरोसा है कि गरीबों की सस्ती और सुविधाजनक यात्रा के लिए ट्रेन संचालन फिर से शुरू होगा।
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