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टेरर फंडिंग: सीजेएम कोर्ट में पेश हुए दो विदेशियों सहित आठ आरोपी
Fri, 10 Jan 2020 02:26 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 02:26 AM IST
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कोर्ट जाते आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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पड़ोसी देश के नेपाल राष्ट्र बैंक को चूना लगाने और आपराधिक नेटवर्क के सहारे धोखाधड़ी करने के हाई प्रोफाइल मामले में चार्जशीट के बाद आरोपियों की पहली पेशी हुई। सीजेएम विकास श्रीवास्तव की अदालत में दो विदेशियों सहित आठ आरोपी हाजिर हुए। जिन्हें पहली पेशी पर ही केस की चार्जशीट से संबंधित कागजात की नकल दी गई। इस मामले में अगली सुनवाई 21 जनवरी को मुकर्रर की गई है।
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टेरर फंडिग के मामले में चार्जशीट के बाद आरोपियों की पहली पेशी गुरुवार को थी। सभी आरोपी एक साथ जेल से कचहरी भेजे गए, लिहाजा सुबह ही भारी सुरक्षा के साथ आरोपियों को कोर्ट कैंपस लाकअप में लाकर दाखिल किया गया। शाम करीब चार बजे जब सीजेएम अदालत से तलबी पर्चा आया तब सुरक्षाकर्मियों ने एकसाथ आरोपी पेश कराने के बजाय दो राउंड में पेश कराने की रणनीति बनाई।
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दोनों नाइजीरियाई सहित चार आरोपियों को पहले राउंड में कोर्ट भेजा गया, इसके बाद जब सुरक्षा गारद ने पहले भेजे गए चार आरोपियों को वापस कोर्ट कैंपस लाकअप मे दाखिल किया, तब दूसरे राउंड में शेष चारों आरोपियो को कोर्ट भेजा गया।
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सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने आरोपियों के कस्टडी वारंट 167 सीआरपीसी को रद्द करते हुए सीआरपीसी 309 के अधीन दूसरे वांरट बनाने का आदेश दिया। साथ ही आरोपियों को चार्जशीट की नकल प्राप्त कराने के आदेश कोर्ट मोहर्रिर रंजीत कुमार को दिए। न्यायिक आदेश के तहत केस डायरी की नकल आरोपियों को देते हुए अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख मुकर्रर की गई।
कोर्ट रूम में नहीं हुई वकीलों से मुलाकात
आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, लेकिन कोर्ट पेशी के दौरान कोर्ट रूम में नाइजीरियाई पीटर हरमन और एमका माइकल से उनके वकील की मुलाकात नहीं हुई तो वहीं अन्य आरोपियों के वकील भी कार्य विरत प्रस्ताव के कारण अदालत नहीं पहुंचे।
अब चार्ज पर होगी सुनवाई
मामले से जुड़ीं नकलें बंदियों को प्राप्त कराने के साथ ही पत्रावली चार्ज फ्रेम करने के लिए 21 जनवरी को सुुनवाई नियत की गई है, अगर अदालत पाती है कि आरोपियों के खिलाफ चार्ज बनाने लायक मैटेरियल एटीएस ने उपलब्ध कराया है तब चार्ज बनाने के बाद इस मामले में गवाही शुरू हो जाएगी।
सबसे मोटी चार्जशीट
एटीएस ने जालसाजी धोखाधड़ी के मामले में जिस तरह चार्जशीट दाखिल की है उसने मामले की सुनवाई दिलचस्प कर दी है, एटीएस की ओर से पूरी तफ्तीश को सीडी के अलग अलग परचों में बांटते हुए अंतिम सीडी नंबर 38 दिया है, हालांकि इसी सीडी नंबर पर 38 ए करते हुए नई सीडी दाखिल की है। कुल 2718 पेज की केस डायरी का वजन 15 किलो से अधिक है।
नहीं हुई तलाशी
वैसे तो कचहरी की न्यू बिल्डिंग के गेट पर ही सुरक्षा और तलाशी सेंसर गेट बनाया गया है जहां मैगनेट सेंसर से युक्त सुरक्षा उपकरणों से प्रवेशार्थियों की सघन तलाशी लेने के निर्देश जारी किए गए हैं लेकिन गुरुवार को गंभीर मामले की पेशी होने के बावजूद सुरक्षाकर्मी लापरवाह नजर आए। पेश होने आए टेरर फंडिंग के आरोपियों सहित किसी आने-जाने वाले की तलाशी नहीं ली गई।