Lakhimpur Kheri: दुधवा टाइगर रिजर्व में हाथियों की गिनती शुरू, अलग-अलग बीटों में लगाई गईं 46 टीमें
वर्ष 2022 में दुधवा टाइगर रिजर्व में हाथियों की गणना वैज्ञानिक ढंग से की गई थी। डीएनए सैंपलिंग भी की गई थी। उस वक्त दुधवा में हाथियों की संख्या 149 थी। एक साल के अंदर हाथियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व में पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत जंगली हाथियों की गणना शुरू हो गई है। इसके लिए कुल 46 टीमें बनाई गई हैं। ये अलग-अलग बीटों में हाथियों को देखकर उनकी गिनती दर्ज कर रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में एक सप्ताह तक चलने वाली हाथियों की गणना दुधवा के जैव वैज्ञानिकों के नेतृत्व में की जा रही है। इसमें फील्ड कर्मियों के साथ-साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। तराई एलिफैंट रिजर्व बनने के बाद हाथियों की यह गणना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इससे उनके संरक्षण और संवर्धन की भावी योजनाएं तैयार की जा सकेंगी। दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी. ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में जंगली हाथियों की गणना का काम शुरू हो गया है। पहले ही दिन अच्छे परिणाम आए हैं। गणना का यह काम सात दिन तक चलेगा।
पिछली गणना में मिले थे 149 हाथी
वर्ष 2022 में दुधवा टाइगर रिजर्व में हाथियों की गणना वैज्ञानिक ढंग से की गई थी। डीएनए सैंपलिंग भी की गई थी। उस समय दुधवा नेशनल पार्क में 125 और बफरजोन में 24 हाथियों को मिलाकर कुल 149 हाथी होने की पुष्टि हुई थी। एक साल के अंदर हाथियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नेपाल से हाथियों के दो और झुंड कतर्निया घाट पहुंचे
दुधवा टाइगर रिजर्व में कुछ दिन पहले नेपाल से जंगली हाथियों का झुंड दक्षिण सोनारीपुर रेंज आया था। जो अभी भी यहां विचरण कर रहा है। इसी बीच नेपाली हाथियों के दो झुंड बृहस्पतिवार नेपाल के वर्दिया नेशनल पार्क कारीडोर से होते हुए कतर्निया घाट वन्यजीव विहार पहुंचे हैं।
दोनों झुंड में 30से 40 हाथी और उनके बच्चे शामिल हैं। यदि ये मेहमान हाथी भी गिनती में शामिल हो जाएंगे तो हाथियों की संख्या बढ़कर 300 तक पहुंच जाएगी। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी बी प्रभाकर ने हाथियों के दो झुंड कतर्निया घाट वन्यजीव विहार के ट्रांस गेरूआ क्षेत्र में मौजूदगी की पुष्टि की है।