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Lakhimpur Kheri: दुधवा टाइगर रिजर्व में आज से फिर शुरू होगी गैंडों की गिनती, लिए जाएंगे डीएनए सैंपल

Wed, 15 Mar 2023 07:45 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 15 Mar 2023 07:45 AM IST
सार

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि 90 दिन में दुधवा के सभी गैंडों के नमूने एकत्र कर डीएनए जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजे जाएंगे, जहां सभी गैंडों की अलग-अलग डीएनए प्रोफाइल तैयार होगी। 

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Counting of Rhinoceros will start again in Dudhwa Tiger Reserve from today
दुधवा में विचरण करता गैंडा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुधवा टाइगर रिजर्व में गैंडों की डीएनए प्रोफाइल तैयार करने के लिए मंगलवार को नमूना एकत्र करने का काम शुरू कर दिया गया है। डीएनए सैंपल एकत्र करने का काम नब्बे दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही साइटिंग के आधार पर गैंडों की गणना का काम भी बुधवार से शुरू हो रहा है।

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दुधवा के गैंडों की डीएनए प्रोफाइल बनाने के लिए वनकर्मियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण 10 और 11 मार्च को दिया गया। सोमवार से गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-1 और फेज-2 में डीएनए सैंपल लेने का काम शुरू कर दिया गया है। पहले दिन वनकर्मियों ने गैंडों के मल, मूत्र, बाल आदि के नमूने लेकर उन्हें संरक्षित किया। 
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दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर ने बताया कि 90 दिन में दुधवा के सभी गैंडों के नमूने एकत्र कर डीएनए जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजे जाएंगे, जहां सभी गैंडों की अलग-अलग डीएनए प्रोफाइल तैयार होगी। इस दौरान जिन गैंडों का नामकरण नहीं हुआ है, उनका नामकरण भी किया जाएगा ताकि गैंडा पुनर्वासन के सभी गैंडों को अपनी अलग पहचान मिल सके।   

बुधवार से फिर होगी दुधवा के गैंडों की गिनती

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर ने बताया कि डीएनए सैंपल लेने के साथ ही गैंडों की गणना भी की जाएगी। बुधवार से दुधवा में चल रहे गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-1 और फेज दो में कैमरा ट्रैपिंग और हाथियों से भ्रमण कर भौतिक रूप से दिखने वाले गैंडों की गिनती की जाएगी। गैंडों की गणना के साथ उनकी विशिष्ट पहचान भी अंकित की जाएगी इसके लिए कैमरों और गैंडा विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी।

पिछले साल अधूरी रह गई थी गैंडों की गणना

पिछले साल 20 और 21 अप्रैल 2022 को दो दिन दुधवा के गैंडों की गणना हुई थी। इस दौरान गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र के एक तिहाई हिस्से में पानी भरा होने के कारण केवल 75 फीसदी क्षेत्र में ही गैंडों की गणना हो पाई थी। 41 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र के सिर्फ 31 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में गणना हुई। 

यानि 25 फीसदी क्षेत्रफल में गणना नहीं हो सकी। गैंडों की यह गणना असम से आए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के गैंडा परियोजना प्रमुख डॉ. अमित शर्मा के निर्देशन में हुई थी। इस 75 फीसदी एरिया में 40 गैंडों की गिनती की गई। इनमें 28 वयस्क, चार उपवयस्क, और आठ शिशु शामिल थे। 28 वयस्क गैंडों में सात नर और 16 मादा गैंडे थे।

दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-1 और फेज-2 में गैंडों की गणना का काम मंगलवार से शुरू हो रहा है। गैँडों के डीएनए सैंपल लेने और गणना करने का काम साथ-साथ जारी रहेगा। 

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