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समिति भवनों पर परिषद कर्मियों का कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:47 PM IST
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कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
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गेस्ट हाउस में रह रहे अधिकारी, नहीं आ पा रहा किसी के कार्य
सहकारी गन्ना विकास समिति के अधिकतर भवनों पर गन्ना विकास परिषद के कर्मियों का कब्जा है। इसमें गोदाम, गेस्ट हाउस और सर्वेंट रूम भी शामिल हैं। वीआईपी और जिले के अधिकारियों के ठहरने के काम में आने वाले गेस्ट हाउस में परिषद के एक अधिकारी रह रहे हैं और खाद रखने के कार्य वाले गोदामों में परिषद के कर्मियों ने घर बना लिए हैं। अपने कर्मियों की इस कार्य प्रणाली पर परिषद के स्थानीय अधिकारी ने चुप्पी साध रखी है। खास बात यह है कि इनका किराया भी नहीं दिया जा रहा है। बता दें कि समिति का संचालन गन्ने के कमीशन और किसानों के धन पर होता है।
पलिया की सहकारी गन्ना विकास समिति के कार्यालय के ऊपर परिषद के बगल में गेस्ट हाउस का निर्माण हुआ था। कई वर्षों पूर्व यह गेस्ट हाउस वीआईपी और जिले के गन्ना अधिकारियों के ठहरने के कार्य में आता था लेकिन इस पर परिषद के लोगों की नजर पड़ गई और फिर इस पर कब्जा जमा लिया। तो वहीं पड़ोस के एक सर्वेंट रूम में परिषद के एक चालक ने डेरा जमा लिया है और घर की तरह इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। मकनपुर के एक गोदाम की शक्ल बदल कर रिहायश के तौर पर हो गई है और यहां एक परिषद कर्मी अपने परिवार के साथ सालों से रह रहे हैं। जो कि पूरी तरह गलत है। इसके चलते बस एक ही गोदाम में खाद रखी जा पा रही है। हालात यह हैं कि समिति के कुछ कर्मियों को इधर इधर रहना पड़ रहा है। इस संबंध में किराया भी नहीं दिया जा रहा है। सालों से कब्जे के बाद भी परिषद के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। उधर इस बाबत डीसीओ जगदीश चंद्र यादव का कहना है कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए, वह जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई करवाएंगे।
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सहकारी गन्ना विकास समिति के अधिकतर भवनों पर गन्ना विकास परिषद के कर्मियों का कब्जा है। इसमें गोदाम, गेस्ट हाउस और सर्वेंट रूम भी शामिल हैं। वीआईपी और जिले के अधिकारियों के ठहरने के काम में आने वाले गेस्ट हाउस में परिषद के एक अधिकारी रह रहे हैं और खाद रखने के कार्य वाले गोदामों में परिषद के कर्मियों ने घर बना लिए हैं। अपने कर्मियों की इस कार्य प्रणाली पर परिषद के स्थानीय अधिकारी ने चुप्पी साध रखी है। खास बात यह है कि इनका किराया भी नहीं दिया जा रहा है। बता दें कि समिति का संचालन गन्ने के कमीशन और किसानों के धन पर होता है।
पलिया की सहकारी गन्ना विकास समिति के कार्यालय के ऊपर परिषद के बगल में गेस्ट हाउस का निर्माण हुआ था। कई वर्षों पूर्व यह गेस्ट हाउस वीआईपी और जिले के गन्ना अधिकारियों के ठहरने के कार्य में आता था लेकिन इस पर परिषद के लोगों की नजर पड़ गई और फिर इस पर कब्जा जमा लिया। तो वहीं पड़ोस के एक सर्वेंट रूम में परिषद के एक चालक ने डेरा जमा लिया है और घर की तरह इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। मकनपुर के एक गोदाम की शक्ल बदल कर रिहायश के तौर पर हो गई है और यहां एक परिषद कर्मी अपने परिवार के साथ सालों से रह रहे हैं। जो कि पूरी तरह गलत है। इसके चलते बस एक ही गोदाम में खाद रखी जा पा रही है। हालात यह हैं कि समिति के कुछ कर्मियों को इधर इधर रहना पड़ रहा है। इस संबंध में किराया भी नहीं दिया जा रहा है। सालों से कब्जे के बाद भी परिषद के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। उधर इस बाबत डीसीओ जगदीश चंद्र यादव का कहना है कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए, वह जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई करवाएंगे।
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