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इलाज करने वाले संक्रमित.. गोला में तीन दिन से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
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गोला सीएचसी में पसरा सन्नाटा। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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गोला गोकर्णनाथ। नगर में तीन दिन में कई लोगों की मौत से लोग सहमे हुए हैं। सीएचसी और पीएचसी में इलाज और जांच करने वाले भी पॉजिटिव हो गए, जिससे अस्पताल प्रशासन को ओपीडी बंद करनी पड़ी है। वहीं सरकारी अस्पतालों में भी सिर्फ इमर्जेंसी में ही इलाज मिल रहा है। मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
यहां 30 बेड का सीएचसी, मोहम्मदी रोड पर पीएचसी, अलीगंज रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के निकट नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुर्वेदिक अस्पताल हैं। लेकिन, कोविड-19 महामारी के कहर से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। सीएचसी में कोविड जांच करने वाले लैब के तीन असिस्टेंट, एक महिला चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट सहित आठ स्वास्थ्यकर्मी पॉजिटिव होने के साथ अस्पताल में ओपीडी बंद कर दी गई। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही चालू हैं। इधर, तीन दिन में कई लोग कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। मुक्तिधाम में जितने शेड बने हैं, उससे दोगुने अंतिम संस्कार चबूतरे मुक्तिधाम प्रबंध कमेटी द्वारा बनवाए जा रहे हैं।
ममरी। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते ब्लॉक कुंभी गोला क्षेत्र की पीएचसी झाऊपुर, परेली में भी ओपीडी बंद होने से यहां आने वाले मरीजों को दिक्कत हो रही है। झाऊपुर पीएचसी प्रभारी डॉ. एके शुक्ला का कहना है कि दो-तीन दिन से उन्हें खुद जुकाम, बुखार की शिकायत है। स्टाफ में कोई भी कर्मचारी नहीं है। ओपीडी बंद है। परेली पीएचसी प्रभारी डॉ. वाईडी वर्मा ने बताया कि दवाइयां इमरजेंसी मरीजों को ही दी जा रही हैं। ऐसा ही निर्देश अधिकारियों ने दे रखा है।
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ओपीडी से अलग बनवाया कोविड परीक्षण कक्ष
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि स्टाफ और कोविड सैंपल लेने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के संक्रमित होने के बाद ओपीडी से अलग कोविड परीक्षण कक्ष बनवाया गया है। जहां जांच कराने वाले लोगों का पंजीकरण और टेस्टिंग होगी। लैब में जो स्टाफ शेष है, उसी से कोरोना सैंपलिंग का कार्य शुरू करा दिया है।
सीएचसी में ओपीडी बंद है। इमरजेंसी इलाज किया जा रहा है। इस समय अस्पताल में इलाज के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हैं।
-डॉ. अजय वर्मा, सीएचसी अधीक्षक गोला।
कोरोना की जरूरी दवाई, मास्क और सैनिटाइजर का टोटा
गोला गोकर्णनाथ। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से मेडिकल स्टोरों पर दवाओं का टोटा हो गया है। अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क, सैनिटाइजर और कोविड-19 पॉजिटिव को दी जाने वाली दवाएं भी मेडिकल स्टोर पर नहीं हैं, इससे नगर में कई मेडिकल स्टोर बंद हैं।
लखीमपुर रोड स्थित एक नामी मेडिकल स्टोर स्वामी ने बताया कि उम्मीद से अधिक मांग बढ़ जाने पर दवाएं खत्म हो गईं। इससे उन्हें मेडिकल स्टोर बंद करना पड़ा। शुक्रवार को वह लखनऊ में हैं, दोपहर तक दवाओं की व्यवस्था नहीं हो पाई। बताया कि पर्याप्त दवाएं मिलीं तो शनिवार को मेडिकल स्टोर खोलेंगे। यही हाल अलीगंज रोड और मोहम्मदी रोड के एक मेडिकल स्टोर का है। संवाद
मेडिकल स्टोर पर नहीं है सामग्री और दवाएं
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए एन-95, सर्जिकल मास्क थ्री लेयर, अच्छी गुणवत्ता वाले सैनिटाइजर नहीं हैं। इन्हें खरीदने के लिए मारामारी है। साथ ही टेबलेट डोलो 500, डोलो-650, टेबलेट इवरमेक्टिन 12एमजी, एजी 250, 500 एमजी, विटामिन सी-500 और जिंकोविट टेबलेट भी नहीं मिल रही। कुम्हारन टोला के एक कोरोना पॉजिटिव ने बताया कि उसने कोविड सेंटर पर फोन कर दवाओं की मांग की, लेकिन दो दिन हो गए अभी तक नहीं मिली हैं।
देहात के मेडिकल स्टोरों पर भीड़
ममरी। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने की वजह से ममरी, महेशपुर, रोशननगर, झाऊपुर, घरथनिया, बिलहरी, अहमदनगर, रामदीनपुर आदि स्थानों के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर पर खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ लग रही है। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने वाले लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर मरीज देखने से मना कर देते हैं, इसी कारण उन्हें निजी चिकित्सकों के पास जाना पड़ रहा है। संवाद
सीएचसी में पांच ऑक्सीजन सिलिंडर
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि सीएचसी में पांच ऑक्सीजन सिलिंडर इमर्जेंसी के लिए हैं, जिसमें एक सिलिंडर डिलीवरी रूम में, दो एनबीएसयू में और दो सिलिंडर अन्य इमर्जेंसी मरीजों के लिए अस्पताल में उपलब्ध हैं।
अनुमान से अधिक मांग बढ़ने पर मेडिकर स्टोरों पर दवाओं की दिक्कत आई है। मास्क और सैनिटाइजर पर्याप्त मात्रा में हैं। शीघ्र ही आवश्यक दवाओं के लिए थोक स्टाकिस्टों से संपर्क किया जा रहा है।
-अजय वर्मा, अध्यक्ष, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन गोला
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यहां 30 बेड का सीएचसी, मोहम्मदी रोड पर पीएचसी, अलीगंज रोड पर रेलवे क्रॉसिंग के निकट नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुर्वेदिक अस्पताल हैं। लेकिन, कोविड-19 महामारी के कहर से स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। सीएचसी में कोविड जांच करने वाले लैब के तीन असिस्टेंट, एक महिला चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट सहित आठ स्वास्थ्यकर्मी पॉजिटिव होने के साथ अस्पताल में ओपीडी बंद कर दी गई। सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही चालू हैं। इधर, तीन दिन में कई लोग कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। मुक्तिधाम में जितने शेड बने हैं, उससे दोगुने अंतिम संस्कार चबूतरे मुक्तिधाम प्रबंध कमेटी द्वारा बनवाए जा रहे हैं।
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ममरी। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते ब्लॉक कुंभी गोला क्षेत्र की पीएचसी झाऊपुर, परेली में भी ओपीडी बंद होने से यहां आने वाले मरीजों को दिक्कत हो रही है। झाऊपुर पीएचसी प्रभारी डॉ. एके शुक्ला का कहना है कि दो-तीन दिन से उन्हें खुद जुकाम, बुखार की शिकायत है। स्टाफ में कोई भी कर्मचारी नहीं है। ओपीडी बंद है। परेली पीएचसी प्रभारी डॉ. वाईडी वर्मा ने बताया कि दवाइयां इमरजेंसी मरीजों को ही दी जा रही हैं। ऐसा ही निर्देश अधिकारियों ने दे रखा है।
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ओपीडी से अलग बनवाया कोविड परीक्षण कक्ष
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि स्टाफ और कोविड सैंपल लेने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के संक्रमित होने के बाद ओपीडी से अलग कोविड परीक्षण कक्ष बनवाया गया है। जहां जांच कराने वाले लोगों का पंजीकरण और टेस्टिंग होगी। लैब में जो स्टाफ शेष है, उसी से कोरोना सैंपलिंग का कार्य शुरू करा दिया है।
सीएचसी में ओपीडी बंद है। इमरजेंसी इलाज किया जा रहा है। इस समय अस्पताल में इलाज के लिए पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध हैं।
-डॉ. अजय वर्मा, सीएचसी अधीक्षक गोला।
कोरोना की जरूरी दवाई, मास्क और सैनिटाइजर का टोटा
गोला गोकर्णनाथ। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से मेडिकल स्टोरों पर दवाओं का टोटा हो गया है। अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क, सैनिटाइजर और कोविड-19 पॉजिटिव को दी जाने वाली दवाएं भी मेडिकल स्टोर पर नहीं हैं, इससे नगर में कई मेडिकल स्टोर बंद हैं।
लखीमपुर रोड स्थित एक नामी मेडिकल स्टोर स्वामी ने बताया कि उम्मीद से अधिक मांग बढ़ जाने पर दवाएं खत्म हो गईं। इससे उन्हें मेडिकल स्टोर बंद करना पड़ा। शुक्रवार को वह लखनऊ में हैं, दोपहर तक दवाओं की व्यवस्था नहीं हो पाई। बताया कि पर्याप्त दवाएं मिलीं तो शनिवार को मेडिकल स्टोर खोलेंगे। यही हाल अलीगंज रोड और मोहम्मदी रोड के एक मेडिकल स्टोर का है। संवाद
मेडिकल स्टोर पर नहीं है सामग्री और दवाएं
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए एन-95, सर्जिकल मास्क थ्री लेयर, अच्छी गुणवत्ता वाले सैनिटाइजर नहीं हैं। इन्हें खरीदने के लिए मारामारी है। साथ ही टेबलेट डोलो 500, डोलो-650, टेबलेट इवरमेक्टिन 12एमजी, एजी 250, 500 एमजी, विटामिन सी-500 और जिंकोविट टेबलेट भी नहीं मिल रही। कुम्हारन टोला के एक कोरोना पॉजिटिव ने बताया कि उसने कोविड सेंटर पर फोन कर दवाओं की मांग की, लेकिन दो दिन हो गए अभी तक नहीं मिली हैं।
देहात के मेडिकल स्टोरों पर भीड़
ममरी। ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने की वजह से ममरी, महेशपुर, रोशननगर, झाऊपुर, घरथनिया, बिलहरी, अहमदनगर, रामदीनपुर आदि स्थानों के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर पर खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ लग रही है। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने वाले लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर मरीज देखने से मना कर देते हैं, इसी कारण उन्हें निजी चिकित्सकों के पास जाना पड़ रहा है। संवाद
सीएचसी में पांच ऑक्सीजन सिलिंडर
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि सीएचसी में पांच ऑक्सीजन सिलिंडर इमर्जेंसी के लिए हैं, जिसमें एक सिलिंडर डिलीवरी रूम में, दो एनबीएसयू में और दो सिलिंडर अन्य इमर्जेंसी मरीजों के लिए अस्पताल में उपलब्ध हैं।
अनुमान से अधिक मांग बढ़ने पर मेडिकर स्टोरों पर दवाओं की दिक्कत आई है। मास्क और सैनिटाइजर पर्याप्त मात्रा में हैं। शीघ्र ही आवश्यक दवाओं के लिए थोक स्टाकिस्टों से संपर्क किया जा रहा है।
-अजय वर्मा, अध्यक्ष, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन गोला