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भारतीय सीमा में दफनाया संक्रमित नेपाली युवक का शव, दहशत
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। भारत-नेपाल सीमा में नेपाली सुरक्षा एजेंसियों की देखरेख में नेपाल में कोरोना पॉजिटिव युवक की मौत के बाद उसका शव भारतीय सीमा में दफना दिया गया। सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने पर दहशत फैल गई। सूचना के बाद दुधवा नेशनल पार्क के डीडी और एसएसबी कमांडेंट ने मौके पर पहुंचकर अधीनस्थों को कड़ी फटकार लगाई। मामले की पूरी रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है।
बता दें कि नेपाल में कोरोना पॉजिटिव नेपाली युवक की मौत हो गई थी। जिसके बाद नेपाली सेना की देखरेख में उसका शव भारतीय सीमा के फारेस्ट एरिया में दफना दिया गया। नेपाली सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और आनन-फानन में पार्क के डीडी मनोज कुमार सोनकर और एसएसबी कमांडेंट मुन्ना सिंह गौरीफंटा बॉर्डर पर पहुंच गए। जांच पड़ताल में पता चला कि धनगढ़ी के 46 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना के चलते मौत हुई थी। नेपाल में कोरोना के मृतकों के अंतिम संस्कार का जिम्मा सेना को दिया गया है जिसके चलते सेना के जवानों ने मोहाना नदी घाट पर भारतीय सीमा के फारेस्ट एरिया में शव को दफना दिया। मामले की जानकारी होने के बाद अधिकारी पहुंचे और दो देशों का मामला होने के बाद डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह को पार्क के डीडी मनोज सोनकर ने रिपोर्ट भेजी। साथ ही सीमा पर तैनात वन विभाग और एसएसबी अधिकारियों को भी फटकार लगाई।
पहले नदी घाट के किनारे नेपालियों के अंतिम संस्कार होता रहा है, कटान के बाद नदी कई फुट अंदर आ गई है जिससे नदी का घाट भी भारतीय क्षेत्र में आ गया है। जिस स्थान पर शव दफन किया गया वह भारतीय क्षेत्र में हैं, यहां शव दफनाना गलत है। रिपोर्ट मिली है उससे शासन को अवगत कराया गया है। शनिवार को वहां पहुंचकर नेपाली अधिकारियों से वार्ता करूंगा।
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-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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बता दें कि नेपाल में कोरोना पॉजिटिव नेपाली युवक की मौत हो गई थी। जिसके बाद नेपाली सेना की देखरेख में उसका शव भारतीय सीमा के फारेस्ट एरिया में दफना दिया गया। नेपाली सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और आनन-फानन में पार्क के डीडी मनोज कुमार सोनकर और एसएसबी कमांडेंट मुन्ना सिंह गौरीफंटा बॉर्डर पर पहुंच गए। जांच पड़ताल में पता चला कि धनगढ़ी के 46 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना के चलते मौत हुई थी। नेपाल में कोरोना के मृतकों के अंतिम संस्कार का जिम्मा सेना को दिया गया है जिसके चलते सेना के जवानों ने मोहाना नदी घाट पर भारतीय सीमा के फारेस्ट एरिया में शव को दफना दिया। मामले की जानकारी होने के बाद अधिकारी पहुंचे और दो देशों का मामला होने के बाद डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह को पार्क के डीडी मनोज सोनकर ने रिपोर्ट भेजी। साथ ही सीमा पर तैनात वन विभाग और एसएसबी अधिकारियों को भी फटकार लगाई।
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पहले नदी घाट के किनारे नेपालियों के अंतिम संस्कार होता रहा है, कटान के बाद नदी कई फुट अंदर आ गई है जिससे नदी का घाट भी भारतीय क्षेत्र में आ गया है। जिस स्थान पर शव दफन किया गया वह भारतीय क्षेत्र में हैं, यहां शव दफनाना गलत है। रिपोर्ट मिली है उससे शासन को अवगत कराया गया है। शनिवार को वहां पहुंचकर नेपाली अधिकारियों से वार्ता करूंगा।
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-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम