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ग्रामीणों को राहत, दो और कंटेन्मेंट जोन हुए समाप्त
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लखीमपुर खीरी। कोरोना पॉजिटिव रोगियों के ठीक होने के बाद 21 दिन पूर्ण होने पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव डांडेपुरवा और पलिया के मोहल्ला पठान को कंटेन्मेंट जोन से मुक्त कर दिया है, जिससे यहां लगी पाबंदियां समाप्त हो गई हैं। इससे अब 13 कंटेन्मेंट जोन बचे हैं। इससे पहले शहर के मोहल्ला रामनगर को कंटेन्मेंट जोन से मुक्त किया जा चुका है।
महेवागंज। फूलबेहड़ सीएचसी से जुड़े आधा दर्जन से ज्यादा गांव कंटेंमेंट जोन और हॉट स्पॉट बन चुके हैं। यहां सीएचसी फूलबेहड़ और गोला कोतवाली क्षेत्र के चौरठिया गांव में पहला पॉजीटिव केस मिला था। इसके बाद यहां तीन और लोगों मे संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। डीएम ने गांव को कंटेंमेंट जोन घोषित कर दिया था, जिसके बाद से गांव के लोग बैरिकेडिंग के घेरे में थे। इसी तरह बाबापुरवा, सर्वा, परसेहरी, श्रीनगर, डांडेपुरवा गांव में भी संक्रमण के मामले सामने आए थे। फूलबेहड़ के हालात अब तेजी से सामान्य हो रहे है। इसके चलते डांडेपुरवा गांव को कंटेन्मेंट जोन से मुक्त किए जाने के बाद बैरिकेडिंग की बंदिशें हटा दी गई हैं। इसके साथ ही गांव में गठित निगरानी समिति ने लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित किया गया है। फूलबेहड़ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अमितेश दत्त द्विवेदी ने बताया कि बाबापुरवा, सरवा, श्रीनगर, परसेहरी, पिपरावां, चौरठिया और डांडेपुरवा गांव में कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए थे। ज्यादातर गांवों के संक्रमित लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। राहत की बात है कि बीते कुछ दिनों से क्षेत्र के किसी गांव में कोई नया केस सामने नहीं आया है।
केरल से आए चार लोगों के नमूने लिए
परसेहरी गांव के प्रधान गुरचरन सिंह ने बताया कि दो दिन पहले केरल से 13 प्रवासी श्रमिक गांव आए हैं। पहले सभी की स्क्रीनिंग की गई थी। इनमें से चार श्रमिकों में खांसी, बुखार के लक्षण दिखने पर उन्हें फूलबेहड़ सीएचसी भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें सैंपलिंग के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा है।
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महेवागंज। फूलबेहड़ सीएचसी से जुड़े आधा दर्जन से ज्यादा गांव कंटेंमेंट जोन और हॉट स्पॉट बन चुके हैं। यहां सीएचसी फूलबेहड़ और गोला कोतवाली क्षेत्र के चौरठिया गांव में पहला पॉजीटिव केस मिला था। इसके बाद यहां तीन और लोगों मे संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। डीएम ने गांव को कंटेंमेंट जोन घोषित कर दिया था, जिसके बाद से गांव के लोग बैरिकेडिंग के घेरे में थे। इसी तरह बाबापुरवा, सर्वा, परसेहरी, श्रीनगर, डांडेपुरवा गांव में भी संक्रमण के मामले सामने आए थे। फूलबेहड़ के हालात अब तेजी से सामान्य हो रहे है। इसके चलते डांडेपुरवा गांव को कंटेन्मेंट जोन से मुक्त किए जाने के बाद बैरिकेडिंग की बंदिशें हटा दी गई हैं। इसके साथ ही गांव में गठित निगरानी समिति ने लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित किया गया है। फूलबेहड़ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अमितेश दत्त द्विवेदी ने बताया कि बाबापुरवा, सरवा, श्रीनगर, परसेहरी, पिपरावां, चौरठिया और डांडेपुरवा गांव में कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए थे। ज्यादातर गांवों के संक्रमित लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। राहत की बात है कि बीते कुछ दिनों से क्षेत्र के किसी गांव में कोई नया केस सामने नहीं आया है।
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केरल से आए चार लोगों के नमूने लिए
परसेहरी गांव के प्रधान गुरचरन सिंह ने बताया कि दो दिन पहले केरल से 13 प्रवासी श्रमिक गांव आए हैं। पहले सभी की स्क्रीनिंग की गई थी। इनमें से चार श्रमिकों में खांसी, बुखार के लक्षण दिखने पर उन्हें फूलबेहड़ सीएचसी भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें सैंपलिंग के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा है।
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