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दो निजी बसों से चेन्नई से लौट 60 प्रवासी श्रमिक, मचा हड़कंप
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शहर में सीतापुर रोड पर टहलते मजदूर
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण को लेकर प्रशासन फूंक फूंक कर कदम रख रहा है कि कोई भी प्रवासी श्रमिक बगैर जांच के गांव न जाने पाए। बावजूद इसके शुक्रवार रात करीब नौ बजे चेन्नई से दो बसों से 60 प्रवासी मजदूर बगैर किसी जांच के यहां आ गए और शहर के पंजाबी कॉलोनी गेट और राजगढ़ मोहल्ले के पास बसें रुकवा दीं। श्रमिकों को इधर-उधर टहलता देख मोहल्ले के कुछ जागरूक लोग आए और उन्होंने सभी श्रमिकों को क्वारंटीन सेंटर भिजवाया।
चेन्नई से करीब साठ मजदूर प्राइवेट मिनी बस बुक कराकर शुक्रवार की रात लखीमपुर शहर में दाखिल हुए। रात करीब नौ बजे शहर के पंजाबी कॉलोनी गेट और राजगढ़ मोहल्ले के पास बसें रुकी। पानी और लघुशंका के लिए बस से उतरकर मजदूर इधर उधर टहलने लगे। यह देख मोहल्ले वाले घबरा गए। मोहल्ले के कुछ जागरूक लोगों ने खाना पानी पूछते हुए मजदूरों को फौरन क्वारंटीन सेंटर जाने की सलाह दी। प्रवासी मजदूर श्रीकांत, रज्जू, बाबू, रजनीकांत आदि ने बताया कि वह लोग जिले के मैलानी क्षेत्र के फुलैहा तौले गांव के निवासी हैं। चेन्नई में फर्नीचर का काम कर रहे थे। बुधवार को दो प्राइवेट मिनी बस बुक कराकर चेन्नई से चले हैं। जत्थे में साठ लोग हैं। बस वाले ने प्रति व्यक्ति आठ हजार रुपये किराया लिया है। करीब दो हजार किलोमीटर के सफर में सभी मजदूरों ने छह लाख रुपया किराया अदा किया। मजदूरों ने लखीमपुर में दाखिल होने से पहले किसी प्रकार का मेडिकल चेकअप भी न होने की बात बताई। गनीमत रही कि बात मानते हुए सभी मजदूर एलआरपी चौकी क्षेत्र में बने क्वारंटीन सेंटर पहुंच गए।
प्रवासी मजदूरों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। जहां से उन्हें संबंधित अधिकारी जिस तहसील क्षेत्र के मजदूर हैं, वहां भेजकर क्वारंटीन कराएंगे।
-अजय प्रकाश मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक सदर
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चेन्नई से करीब साठ मजदूर प्राइवेट मिनी बस बुक कराकर शुक्रवार की रात लखीमपुर शहर में दाखिल हुए। रात करीब नौ बजे शहर के पंजाबी कॉलोनी गेट और राजगढ़ मोहल्ले के पास बसें रुकी। पानी और लघुशंका के लिए बस से उतरकर मजदूर इधर उधर टहलने लगे। यह देख मोहल्ले वाले घबरा गए। मोहल्ले के कुछ जागरूक लोगों ने खाना पानी पूछते हुए मजदूरों को फौरन क्वारंटीन सेंटर जाने की सलाह दी। प्रवासी मजदूर श्रीकांत, रज्जू, बाबू, रजनीकांत आदि ने बताया कि वह लोग जिले के मैलानी क्षेत्र के फुलैहा तौले गांव के निवासी हैं। चेन्नई में फर्नीचर का काम कर रहे थे। बुधवार को दो प्राइवेट मिनी बस बुक कराकर चेन्नई से चले हैं। जत्थे में साठ लोग हैं। बस वाले ने प्रति व्यक्ति आठ हजार रुपये किराया लिया है। करीब दो हजार किलोमीटर के सफर में सभी मजदूरों ने छह लाख रुपया किराया अदा किया। मजदूरों ने लखीमपुर में दाखिल होने से पहले किसी प्रकार का मेडिकल चेकअप भी न होने की बात बताई। गनीमत रही कि बात मानते हुए सभी मजदूर एलआरपी चौकी क्षेत्र में बने क्वारंटीन सेंटर पहुंच गए।
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प्रवासी मजदूरों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। जहां से उन्हें संबंधित अधिकारी जिस तहसील क्षेत्र के मजदूर हैं, वहां भेजकर क्वारंटीन कराएंगे।
-अजय प्रकाश मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक सदर