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गाजियाबाद से बांकेगंज साइकिल से घर पहुंचा प्रवासी श्रमिक
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बांकेगंज। गाजियाबाद में सेक्टर 23 के भागीरथी पब्लिक स्कूल में ब्लॉक क्षेत्र की खरेहटा पंचायत के मजरा खरेहटा निवासी रामलढ़ैते और विनीत कुमार पत्नी बच्चों समेत नौकरी करने गए थे। लॉकडाउन के बाद स्कूल बंद होने से बेरोजगार हो गए। विनीत, पत्नी माया देवी और चार छोटे-छोटे बच्चों के साथ घर वापसी के लिए प्रशासन के सहयोग से बस में सवार हुए और शाहजहांपुर तक पहुंचे। जहां से रिक्शे पर बैठकर गांव पहुंचे, तो रामलढ़ैते को शासन से सहयोग न मिलने पर उसने साइकिल से ही आने का फैसला लिया। तीन दिन बाद जब वह गांव पहुंचा तो उसे सुकून मिला।
यह सभी प्रवासी श्रमिक अपने घरों में नहीं गए और प्रधान अल्लारक्खी को इसकी सूचना दी। बांकेगंज सीएचसी पहुंचे इन मजदूरों और बच्चों का डॉक्टरों की टीम ने चेकअप किया। प्राथमिक जांच में किसी मजदूर में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले। इन मजदूरों ने बताया कि हम लोग स्कूल में नौकरी करने गाजियाबाद गए हुए थे। लेकिन ऐसी मुसीबत में फंस गए कि घर मिलना दूर हो गया। बहरहाल अपने घर आकर सभी खुश हैं।
उधर ग्रंट नंबर 10 पंचायत के मजरा पूरनपुर निवासी चार मजदूर रोहित, मंजीत, विमलेश और राजपाल बरेली जिले के फरीदपुर में होली के दरम्यान गेहूं कटाई करने गए थे। फसल कटाई काम खत्म होने से पहले ही लॉकडाउन में फंस गए। घर आने के लिए प्रशासन से न सहयोग मिला न साधन। ऐसी स्थित में इन चारों मजदूरों ने 3500 रुपये भाड़े से पिकअप पर सवार होकर घर पहुंचे। बांकेगंज सीएचसी में चेकअप कराया। प्राथमिक जांच में किसी मजदूर के कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले।
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यह सभी प्रवासी श्रमिक अपने घरों में नहीं गए और प्रधान अल्लारक्खी को इसकी सूचना दी। बांकेगंज सीएचसी पहुंचे इन मजदूरों और बच्चों का डॉक्टरों की टीम ने चेकअप किया। प्राथमिक जांच में किसी मजदूर में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले। इन मजदूरों ने बताया कि हम लोग स्कूल में नौकरी करने गाजियाबाद गए हुए थे। लेकिन ऐसी मुसीबत में फंस गए कि घर मिलना दूर हो गया। बहरहाल अपने घर आकर सभी खुश हैं।
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उधर ग्रंट नंबर 10 पंचायत के मजरा पूरनपुर निवासी चार मजदूर रोहित, मंजीत, विमलेश और राजपाल बरेली जिले के फरीदपुर में होली के दरम्यान गेहूं कटाई करने गए थे। फसल कटाई काम खत्म होने से पहले ही लॉकडाउन में फंस गए। घर आने के लिए प्रशासन से न सहयोग मिला न साधन। ऐसी स्थित में इन चारों मजदूरों ने 3500 रुपये भाड़े से पिकअप पर सवार होकर घर पहुंचे। बांकेगंज सीएचसी में चेकअप कराया। प्राथमिक जांच में किसी मजदूर के कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले।
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