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हरियाणा, गुजरात से करीब दो हजार मजदूर पहुंचे
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चेकिंग के बाद राशन किट लेने के इंतजार में बैठे मजदूर। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात समेत दूसरे जिलों से प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला जारी है। सोमवार को हरियाणा समेत दूसरे राज्यों से 79 बसों से करीब दो हजार प्रवासी मजदूर लाए गए हैं। स्क्रीनिंग कैंप विवेकानंद इंटर कॉलेज बाबागंज में शामली से चार बसों से 133 मजदूर लाए गए। इसी तरह शहर के प्रेसीडेंट पार्क और सियाराम मैरिज लान में बने स्क्रीनिंग कैंप में हापुड़, हरियाणा से प्रवासी मजदूर पहुंचे। इनका परीक्षण करने के बाद जिनमें गंभीर लक्षण नहीं मिले, उन्हें राशन किट देकर होम क्वारंटीन किया गया है। जबकि संदिग्ध लक्षण वाले मजदूरों को स्क्रीनिंग कैंप में ही रोका जा रहा है।
लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद जनपद में एक से 10 मई तक 7366 प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से आ चुके हैं, जबकि लॉकडाउन घोषित होने के बाद मार्च से अब तक कुल 29 हजार प्रवासी मजदूर आए हैं। कोविड कंट्रोल रूम प्रभारी रत्नेश चंद्र ने बताया कि सोमवार को अलग-अलग राज्यों से सीधे बसों के जरिए करीब दो हजार प्रवासी मजदूर लाए गए हैं। इसके अलावा गुजरात के नवसारी से सीतापुर आने वाली स्पेशल ट्रेन से 188 लोगों के आने की सूची मिली है, लेकिन अब तक आए नहीं हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को भी रात तक कुल 1695 प्रवासी मजदूर आए थे। जिला प्रशासन ने इनके लिए छह नए स्क्रीनिंग कैंप बनाए हैं, जिनमें तहसीलवार मजदूरों को रखा गया है। रायल प्रूडेंस कालेज में महाराष्ट्र से आए संदिग्ध लक्षणों वाले मजदूरों को क्वारंटीन करके नमूना जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा सीतापुर रोड पर स्थित अजय शांति डिग्री कॉलेज, रामेश्वर दयाल डिग्री कालेज, विवेकानंद इंटर कॉलेज बाबागंज, युवराज दत्त इंटर कालेज ओयल और सृजन हास्पिटल पैरा मेडिकल कॉलेज में प्रवासी मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को करीब 79 बसों से दो हजार प्रवासी मजदूरों को लाया गया है। अब इन सभी की मेडिकल जांच कराई जा रही है। सही पाए गए मजदूरों को उनके गांवों में भेजकर होम क्वारंटीन किया जाएगा, जहां पर निगरानी समितियां इन पर नजर रखेंगी। संदिग्ध लक्षण वाले मजदूरों को स्क्रीनिंग कैंपों में ही क्वारंटीन किया जा रहा है।
274 प्रवासी मजदूरों को होम क्वारंटीन किया
महेवागंज प्रशासन की निगरानी में सोमवार को बसों से हरियाणा, मेरठ और शामली समेत कई जगहों से करीब 274 प्रवासी मजदूर नवभारत इंटर कॉलेज में बने स्क्रीनिंग कैंप पर लाए गए। डीएम शैलेंद्र सिंह और एसपी पूनम मॉनिटरिंग करने सोमवार की दोपहर स्क्रीनिंग कैंप पर पहुंचे। उन्होंने अधीनस्थों को दिशा निर्देश दिए। मजदूरों को सामाजिक दूरी, मास्क लगाने और लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। डॉक्टरों ने मजदूरों का मेडिकल चेकअप और थर्मल स्क्रीनिंग की। प्रभारी चिकित्साधिकारी फूलबेहड़ डॉ अमितेश दत्त द्विवेदी ने बताया कि मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। लेखपाल सुधीर वर्मा ने बताया कि कहा कि जांच में स्वस्थ पाए जाने पर 274 मजदूरों को राहत सामग्री देकर उन्हें होम क्वारंटीन के लिए रवाना कर दिया गया है।
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निघासन में 17 मजदूरों के सैंपल जांच के लिए भेजे
निघासन मुंबई से गोंडा होते हुए बस से 16 और सहारनपुर से आया एक मजदूर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज पहुंचा। यहां एसडीएम ओपी गुप्ता ने सभी मजदूरों की जांच कराई। सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने बताया कि दो मजदूरों अधिक बुखार है। सभी मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है। डीएम के आदेश पर सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
बांकेगंज सीएचसी में 42 मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग
बांकेगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ केके रंजन ने बताया कि बांकेगंज क्षेत्र में बाहर से आए 42 मजदूरों का मेडिकल चेकअप कर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई, जिसमें किसी में बीमारी के लक्षण नहीं मिले।
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लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद जनपद में एक से 10 मई तक 7366 प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से आ चुके हैं, जबकि लॉकडाउन घोषित होने के बाद मार्च से अब तक कुल 29 हजार प्रवासी मजदूर आए हैं। कोविड कंट्रोल रूम प्रभारी रत्नेश चंद्र ने बताया कि सोमवार को अलग-अलग राज्यों से सीधे बसों के जरिए करीब दो हजार प्रवासी मजदूर लाए गए हैं। इसके अलावा गुजरात के नवसारी से सीतापुर आने वाली स्पेशल ट्रेन से 188 लोगों के आने की सूची मिली है, लेकिन अब तक आए नहीं हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को भी रात तक कुल 1695 प्रवासी मजदूर आए थे। जिला प्रशासन ने इनके लिए छह नए स्क्रीनिंग कैंप बनाए हैं, जिनमें तहसीलवार मजदूरों को रखा गया है। रायल प्रूडेंस कालेज में महाराष्ट्र से आए संदिग्ध लक्षणों वाले मजदूरों को क्वारंटीन करके नमूना जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा सीतापुर रोड पर स्थित अजय शांति डिग्री कॉलेज, रामेश्वर दयाल डिग्री कालेज, विवेकानंद इंटर कॉलेज बाबागंज, युवराज दत्त इंटर कालेज ओयल और सृजन हास्पिटल पैरा मेडिकल कॉलेज में प्रवासी मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को करीब 79 बसों से दो हजार प्रवासी मजदूरों को लाया गया है। अब इन सभी की मेडिकल जांच कराई जा रही है। सही पाए गए मजदूरों को उनके गांवों में भेजकर होम क्वारंटीन किया जाएगा, जहां पर निगरानी समितियां इन पर नजर रखेंगी। संदिग्ध लक्षण वाले मजदूरों को स्क्रीनिंग कैंपों में ही क्वारंटीन किया जा रहा है।
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274 प्रवासी मजदूरों को होम क्वारंटीन किया
महेवागंज प्रशासन की निगरानी में सोमवार को बसों से हरियाणा, मेरठ और शामली समेत कई जगहों से करीब 274 प्रवासी मजदूर नवभारत इंटर कॉलेज में बने स्क्रीनिंग कैंप पर लाए गए। डीएम शैलेंद्र सिंह और एसपी पूनम मॉनिटरिंग करने सोमवार की दोपहर स्क्रीनिंग कैंप पर पहुंचे। उन्होंने अधीनस्थों को दिशा निर्देश दिए। मजदूरों को सामाजिक दूरी, मास्क लगाने और लॉकडाउन के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। डॉक्टरों ने मजदूरों का मेडिकल चेकअप और थर्मल स्क्रीनिंग की। प्रभारी चिकित्साधिकारी फूलबेहड़ डॉ अमितेश दत्त द्विवेदी ने बताया कि मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। लेखपाल सुधीर वर्मा ने बताया कि कहा कि जांच में स्वस्थ पाए जाने पर 274 मजदूरों को राहत सामग्री देकर उन्हें होम क्वारंटीन के लिए रवाना कर दिया गया है।
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निघासन में 17 मजदूरों के सैंपल जांच के लिए भेजे
निघासन मुंबई से गोंडा होते हुए बस से 16 और सहारनपुर से आया एक मजदूर राजकीय कन्या इंटर कॉलेज पहुंचा। यहां एसडीएम ओपी गुप्ता ने सभी मजदूरों की जांच कराई। सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने बताया कि दो मजदूरों अधिक बुखार है। सभी मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है। डीएम के आदेश पर सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
बांकेगंज सीएचसी में 42 मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग
बांकेगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ केके रंजन ने बताया कि बांकेगंज क्षेत्र में बाहर से आए 42 मजदूरों का मेडिकल चेकअप कर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई, जिसमें किसी में बीमारी के लक्षण नहीं मिले।