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समझाने के बाद भी घरों में रहने को तैयार नहीं लोग
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण देश और प्रदेश में कहर बरपा रहा है। संक्रमित लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। संक्रमण रोकने के लिए मोदी सरकार ने लॉकडाउन कर रखा है। ऐसे में गरीबों-जरूरतमंदों के खाने-पीने का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मगर, कुछ लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और बेवजह सड़कों पर घूम रहे हैं।
जिला पूरी तरह से कोरोना मुक्त हो चुका है, लेकिन सावधानी बरतने की अब भी जरूरत है। बावजूद इसके कुछ लोग गैर जिम्मेदार बनकर सड़कों पर निकल रहे हैं। इन्हें न तो अपनी चिंता है और न ही परिवार व समाज की। पुलिस प्रशासन के रोकने पर भी यह लोग जरूरी कार्य से सड़कों पर निकलने का तर्क देते हैं। ऐसे में पुलिस सख्ती भी करती है, बावजूद इसके ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं हो पा रही है।
बुधवार को ईसानगर कस्बे के बैंक से रुपया निकालने के लिए काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इन लोगों ने सामाजिक दूरी का उल्लंघन करने से गुरेज नहीं किया। इसी क्रम में कुछ लोग सड़कों पर निकले तो उन्हें खमरिया चौकी प्रभारी महेश त्यागी न सिर्फ समझाया बल्कि घरों पर रहने की ताकीद की। इसी तरह हीरालाला धर्मशाला चौराहा पर बाइक सवार को सिपाही ने लॉकडाउन के महत्व को समझाया और घरों में रहने के लिए कहा।
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इधर, शासन और प्रभारी मंत्री के सख्त निर्देश मिलने के बाद बुधवार को पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी। शहर में आने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी गई, तो बाइक सवारों को भी पूछताछ के लिए रोका गया। इससे कई प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा नजर आया तो वहीं मेडिकल स्टोर और किराना बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की लाइन लगी रहीं।
रोडवेज बसअड्डा रोड पर बुधवार को सभी दुकानें पूरी तरह बंद थी। वहीं सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा दिखा। इक्का-दुक्का वाहन चलते दिखाई दिए।
मोहल्ला सिविल लाइन को जाने वाले मार्ग पर सन्नाटा दिखा, पैदल आने-जाने वाले कहीं नजर नहीं आए। हालांकि कुछ बाइक और कार सवार जरूरी सामान की खरीदारी करने के लिए निकले।
संकटा देवी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती से चेकिंग की। इस दौरान बाइक सवारों को रोककर पूछताछ की गई और जो लोग घूमने निकले थे, उन्हें फटकार लगाकर वापस घरों को भेज दिया गया।
मोहल्ला संकटा देवी स्थित बाजार में लोगों की आवाजाही दिखाई दी। खरीदारी के लिए लोग साइकिल और बाइक से पहुंचे। रास्ते में वाहनों के खड़े होने से सामाजिक दूरी का उल्लंघन भी दिखा।
मोहम्मदी: 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग
कस्बे में बाहर से आए लोगों की जांच पड़ताल के लिए 40 टीमें का गठन किया गया। टीमों ने घर- घर जाकर पड़ताल की। तीन दिन तक चली जांच में 16 संदिग्ध व्यक्तियों को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। यहां 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग हुई।
सीएचसी अधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पांच लोगों की 40 टीमें बनाई गई थी। जिन्होंने तीन दिन तक घरों में जांच पड़ताल की। इस दौरान टीम ने कुल 8500 घरों का परीक्षण करते हुए 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की। टीमों की निगरानी के लिए आठ सुपरवाइजर नियुक्त किए। जांच के पहले दिन 20 अप्रैल को छह, 21 अप्रैल को तीन और 22 अप्रैल को सात लोगों को खांसी, बुखार, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ के प्रारंभिक लक्षण मिले। जिन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। इस दौरान एसडीएम स्वाति शुक्ला, तहसीलदार विकास धर दुबे, नायब तहसीलदार ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा जिले से आए डॉ बलवीर सिंह, डॉ एसके चक्र आदि मौजूद रहे।
भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ाई
भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता और सख्ती बढ़ा दी गई है। जिसको लेकर थाना क्षेत्र बसही बीओपी के एसएसबी जवान नेपाल पुलिस व एपीएफ जवानों के साथ जंगली रास्तों पर गश्त कर रहे हैं। ग्रामीणों को लॉकडाउन का पालन कराने की हिदायत भी दे रहे हैं।
एसएसबी बसही बीओपी प्रभारी निरीक्षक भेर जी सोडा, एपीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश बिष्ट व एसआई रतन माला ने अन्य जवानों के साथ जंगली रास्तों पर चेकिंग की। पिलर संख्या 199 से 202 तक पैदल पेट्रोलिंग की एवं लॉकडाउन को लेकर गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही गई। बसही एसएसबी इंचार्ज ने बताया कि लॉकडाउन लगते ही सीमा सील हो गई थी जिसके कारण सतर्कता बढ़ा दी है।
एसएसबी के डीआईजी ने लिया बॉर्डर का जायजा
गौरीफंटा में कोरोना को लेकर बॉर्डर की सुरक्षा व्यवस्था देखने एसएसबी के डीआईजी ने गौरीफंटा बॉर्डर का निरीक्षण कर सीमा पर कोरोना को लेकर बरती जा रही सतर्कता को देखा। साथ ही बॉर्डर पर तैनात नेपाल के सशस्त्र अधिकारियों वे स्वास्थ्य टीम से भी जानकारी ली। बुधवार को पीलीभीत के एसएसबी डीआईजी हरिनंद बिष्ट बॉर्डर पर पहुंचे। यहां उन्होंने एसएसबी चौकी, कोतवाली, पुलिस चौकी, कस्टम कार्यालय का निरीक्षण किया। बॉर्डर पर पहुंचकर कोरोना को लेकर सीमा पर बरती जा रही सतर्कता और चौकसी के बारे में भी जवानों से जानकारी हासिल की। बॉर्डर के अधिकारियों के साथ ही यहां तैनात नेपाल के कैलाली जिले के पुलिस अधिकारियों व स्वास्थ्य टीम से बॉर्डर की जानकारी ली। भारत से नेपाल जाने वाले मालवाहक वाहनों को सैनिटाइज कर ही नेपाल जाने के निर्देश दिए। कहा कि सीमा पर तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी मास्क जरूर पहनें और सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखें। इस दौरान 39वीं वाहिनी एसएसबी पलिया के कमांडेंट मुन्ना सिंह, एसएसबी गौरीफंटा सहायक कमांडेंट हरवंश सिंह, कस्टम अधीक्षक आरएन वर्मा, गौरीफंटा कोतवाल रमेश चंद्र यादव, नेपाल कैलाली जिले के सशस्त्र पुलिस बल एसपी कमल प्रसाद तिमिल्सिना, ईश्वरी दत्त भट्ट समेत अन्य मौजूद रहे।
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जिला पूरी तरह से कोरोना मुक्त हो चुका है, लेकिन सावधानी बरतने की अब भी जरूरत है। बावजूद इसके कुछ लोग गैर जिम्मेदार बनकर सड़कों पर निकल रहे हैं। इन्हें न तो अपनी चिंता है और न ही परिवार व समाज की। पुलिस प्रशासन के रोकने पर भी यह लोग जरूरी कार्य से सड़कों पर निकलने का तर्क देते हैं। ऐसे में पुलिस सख्ती भी करती है, बावजूद इसके ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं हो पा रही है।
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बुधवार को ईसानगर कस्बे के बैंक से रुपया निकालने के लिए काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इन लोगों ने सामाजिक दूरी का उल्लंघन करने से गुरेज नहीं किया। इसी क्रम में कुछ लोग सड़कों पर निकले तो उन्हें खमरिया चौकी प्रभारी महेश त्यागी न सिर्फ समझाया बल्कि घरों पर रहने की ताकीद की। इसी तरह हीरालाला धर्मशाला चौराहा पर बाइक सवार को सिपाही ने लॉकडाउन के महत्व को समझाया और घरों में रहने के लिए कहा।
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इधर, शासन और प्रभारी मंत्री के सख्त निर्देश मिलने के बाद बुधवार को पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी। शहर में आने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी गई, तो बाइक सवारों को भी पूछताछ के लिए रोका गया। इससे कई प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा नजर आया तो वहीं मेडिकल स्टोर और किराना बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की लाइन लगी रहीं।
रोडवेज बसअड्डा रोड पर बुधवार को सभी दुकानें पूरी तरह बंद थी। वहीं सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा दिखा। इक्का-दुक्का वाहन चलते दिखाई दिए।
मोहल्ला सिविल लाइन को जाने वाले मार्ग पर सन्नाटा दिखा, पैदल आने-जाने वाले कहीं नजर नहीं आए। हालांकि कुछ बाइक और कार सवार जरूरी सामान की खरीदारी करने के लिए निकले।
संकटा देवी चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती से चेकिंग की। इस दौरान बाइक सवारों को रोककर पूछताछ की गई और जो लोग घूमने निकले थे, उन्हें फटकार लगाकर वापस घरों को भेज दिया गया।
मोहल्ला संकटा देवी स्थित बाजार में लोगों की आवाजाही दिखाई दी। खरीदारी के लिए लोग साइकिल और बाइक से पहुंचे। रास्ते में वाहनों के खड़े होने से सामाजिक दूरी का उल्लंघन भी दिखा।
मोहम्मदी: 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग
कस्बे में बाहर से आए लोगों की जांच पड़ताल के लिए 40 टीमें का गठन किया गया। टीमों ने घर- घर जाकर पड़ताल की। तीन दिन तक चली जांच में 16 संदिग्ध व्यक्तियों को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। यहां 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग हुई।
सीएचसी अधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पांच लोगों की 40 टीमें बनाई गई थी। जिन्होंने तीन दिन तक घरों में जांच पड़ताल की। इस दौरान टीम ने कुल 8500 घरों का परीक्षण करते हुए 51 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की। टीमों की निगरानी के लिए आठ सुपरवाइजर नियुक्त किए। जांच के पहले दिन 20 अप्रैल को छह, 21 अप्रैल को तीन और 22 अप्रैल को सात लोगों को खांसी, बुखार, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ के प्रारंभिक लक्षण मिले। जिन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया गया। इस दौरान एसडीएम स्वाति शुक्ला, तहसीलदार विकास धर दुबे, नायब तहसीलदार ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा जिले से आए डॉ बलवीर सिंह, डॉ एसके चक्र आदि मौजूद रहे।
भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बढ़ाई
भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता और सख्ती बढ़ा दी गई है। जिसको लेकर थाना क्षेत्र बसही बीओपी के एसएसबी जवान नेपाल पुलिस व एपीएफ जवानों के साथ जंगली रास्तों पर गश्त कर रहे हैं। ग्रामीणों को लॉकडाउन का पालन कराने की हिदायत भी दे रहे हैं।
एसएसबी बसही बीओपी प्रभारी निरीक्षक भेर जी सोडा, एपीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश बिष्ट व एसआई रतन माला ने अन्य जवानों के साथ जंगली रास्तों पर चेकिंग की। पिलर संख्या 199 से 202 तक पैदल पेट्रोलिंग की एवं लॉकडाउन को लेकर गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही गई। बसही एसएसबी इंचार्ज ने बताया कि लॉकडाउन लगते ही सीमा सील हो गई थी जिसके कारण सतर्कता बढ़ा दी है।
एसएसबी के डीआईजी ने लिया बॉर्डर का जायजा
गौरीफंटा में कोरोना को लेकर बॉर्डर की सुरक्षा व्यवस्था देखने एसएसबी के डीआईजी ने गौरीफंटा बॉर्डर का निरीक्षण कर सीमा पर कोरोना को लेकर बरती जा रही सतर्कता को देखा। साथ ही बॉर्डर पर तैनात नेपाल के सशस्त्र अधिकारियों वे स्वास्थ्य टीम से भी जानकारी ली। बुधवार को पीलीभीत के एसएसबी डीआईजी हरिनंद बिष्ट बॉर्डर पर पहुंचे। यहां उन्होंने एसएसबी चौकी, कोतवाली, पुलिस चौकी, कस्टम कार्यालय का निरीक्षण किया। बॉर्डर पर पहुंचकर कोरोना को लेकर सीमा पर बरती जा रही सतर्कता और चौकसी के बारे में भी जवानों से जानकारी हासिल की। बॉर्डर के अधिकारियों के साथ ही यहां तैनात नेपाल के कैलाली जिले के पुलिस अधिकारियों व स्वास्थ्य टीम से बॉर्डर की जानकारी ली। भारत से नेपाल जाने वाले मालवाहक वाहनों को सैनिटाइज कर ही नेपाल जाने के निर्देश दिए। कहा कि सीमा पर तैनात सभी अधिकारी व कर्मचारी मास्क जरूर पहनें और सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखें। इस दौरान 39वीं वाहिनी एसएसबी पलिया के कमांडेंट मुन्ना सिंह, एसएसबी गौरीफंटा सहायक कमांडेंट हरवंश सिंह, कस्टम अधीक्षक आरएन वर्मा, गौरीफंटा कोतवाल रमेश चंद्र यादव, नेपाल कैलाली जिले के सशस्त्र पुलिस बल एसपी कमल प्रसाद तिमिल्सिना, ईश्वरी दत्त भट्ट समेत अन्य मौजूद रहे।