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गांवों में महामारी बचाव व समन्वय समिति बनाने के निर्देश
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संकट के बीच बड़े पैमाने पर ग्रामीण कामगारों की शहरों से गांवों में हुई वापसी से ग्राम पंचायतों की भूमिका और दायित्व बढ़ गए हैं। ऐसे में प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने कोरोना से जंग में प्रधानों को उनके अधिकारों एवं दायित्वों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम में महामारी के खिलाफ रोकथाम की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी गई है। प्रधान को संक्रामक रोगों को नियंत्रित के लिए विशेष शक्ति भी प्रदान की गई है। प्रधान अपने गांव में ग्रामीण स्वयंसेवी बल का गठन कर सकता है और इसके लिए ग्राम कोष से व्यय भी कर सकता है।
बता दें कि जिले में लॉकडाउन के बाद 27 मार्च से अब तक दूसरे राज्यों से गांवों में लौटे कामगारों की संख्या 19 हजार से अधिक हो चुकी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में 600 क्वारंटीन सेंटर बनाकर 8762 कामगारों को क्वारंटीन किया गया है। जबकि 5258 लोगों को उनके घरों में क्वारंटीन किया जा रहा है। लिहाजा ग्रामीण परिवेश में सामाजिक दूरी बनाने के लिए विशेष जागरूकता और सावधानी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि महामारी बचाव व समन्वय समिति का प्रत्येक सदस्य बीमारी से बचाव एवं रोकथाम की सही एवं पूर्ण जानकारी रखेगा। ताकि लोगों को सही जानकारी दी जा सके। वहीं शासन से मिलने वाले आदेश/निर्देशों को लोगों के बीच प्रसारित करने के साथ ही जिला मुख्यालय से निरंतर संपर्क में रहना होगा। क्वारंटीन सेंटरों पर भोजन बनाने के दौरान विशेष सफाई और सतर्कता बरतने के लिए कहा गया। डीपीआरओ ने कहा कि प्रधानों से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे बचाव कार्यों को और प्रभावी बनाने की अपील की है।
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बता दें कि जिले में लॉकडाउन के बाद 27 मार्च से अब तक दूसरे राज्यों से गांवों में लौटे कामगारों की संख्या 19 हजार से अधिक हो चुकी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में 600 क्वारंटीन सेंटर बनाकर 8762 कामगारों को क्वारंटीन किया गया है। जबकि 5258 लोगों को उनके घरों में क्वारंटीन किया जा रहा है। लिहाजा ग्रामीण परिवेश में सामाजिक दूरी बनाने के लिए विशेष जागरूकता और सावधानी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि महामारी बचाव व समन्वय समिति का प्रत्येक सदस्य बीमारी से बचाव एवं रोकथाम की सही एवं पूर्ण जानकारी रखेगा। ताकि लोगों को सही जानकारी दी जा सके। वहीं शासन से मिलने वाले आदेश/निर्देशों को लोगों के बीच प्रसारित करने के साथ ही जिला मुख्यालय से निरंतर संपर्क में रहना होगा। क्वारंटीन सेंटरों पर भोजन बनाने के दौरान विशेष सफाई और सतर्कता बरतने के लिए कहा गया। डीपीआरओ ने कहा कि प्रधानों से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे बचाव कार्यों को और प्रभावी बनाने की अपील की है।
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