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125 करोड़ का कारोबार हजम कर चुका कोरोना
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लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन के सात दिनों में ही कोरोना ने अर्थव्यवस्था के लिए खौफनाक तस्वीर का खाका खींच दिया है। अब तक के आंकडे़ ही बता रहे हैं कि सात दिनों में कोरोना का खौफ जिले के बाजार और आटोमोबाइल सेक्टर में 125 करोड़ की धनराशि निगल चुका है। लॉकडाउन की अवधि खत्म होते यानी 14 अप्रैल 2020 तक यह नुकसान करीब 375 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है। कारोबारी इस आशंका से दहले हुए हैं कि आने वाले दिनों में कोरोना की तरह आगे यह नुकसान भी गुणात्मक तौर पर बढ़ सकता है।
कोरोना ने पूरे देश में ऐसे वक्त में दस्तक दी है, जब गेहूं की फसल कटने वाली है और इसी के साथ ही सहालग की भी शुरुआत होती थी। कारोबारी क्षेत्रों में हर साल फरवरी की शुरुआत से ही पूरे साल के सबसे चमकदार वाले सीजन की तैयारी शुरू हो जाती हैं। कारोबारियों का कहना है कि सर्दी भर सिर्फ गर्म कपड़ों और कुछ हद तक इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रनिक्स के उपकरणों के बाजार में धूम रहने के बाद यह सीजन सभी सेक्टरों के लिए होता है। लिहाजा सभी कारोबारी पहले से अपना स्टॉक फुल कर लेते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो अंदाजा लगाना मुश्किल है कि जिले भर के कारोबारियों ने इस सीजन की मांग पूरी करने के लिए कितने अरब के सामान का स्टाक कर रखा है। कोरोना की दहशत के बीच लॉकडाउन होने के बाद यह सारा स्टाक भी जहां के तहां डंप हो गया है। हफ्ते भर के लॉकडाउन में सबसे ज्यादा नुकसान आटोमोबाइल सेक्टर, पेट्रोलियम सेक्टर और रेडीमेड को होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक गर्मियों में सबसे ज्यादा शादी-ब्याह ग्रामीण क्षेत्रों में होते हैं। इसमें बाइक, रेडीमेड के ब्रांडेड शोरूम के अलावा छोटे कारोबारी इस सीजन में काफी तैयारी करते हैं। कोरोना की वजह से नुकसान झेलने वाले कारोबारों में दूसरा नंबर सराफा कारोबार का है। आम तौर पर शादी-ब्याह के लिए मार्च से ही सराफा बाजार में खरीदारी शुरू हो जाती है, लेकिन चीन में कोरोना के फैलते ही यह बाजार ऐसा डाउन हुआ कि फिर रफ्तार पकड़ने की नौबत नहीं आई।
लगभग दो लाख का दुधवा को हो चुका है नुकसान
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क के द्वार लॉकडाउन होने के बाद से सैलानियों के लिए बंद कर दिए गए हैं। लगभग सात दिनों से सैलानियों के लिए पार्क के द्वार बंद हैं। इसको लेकर इनदिनों में पार्क को लगभग दो लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है। बता दें कि पिछले माह की अगर तुलना की जाए तो पार्क प्रशासन को प्रतिमाह लगभग सात लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता आ रहा है। इस माह 23 मार्च से दुधवा नेशनल पार्क के द्वार सैलानियों के लिए बंद हैं। इससे इन सात दिनों में पार्क को लगभग दो लाख रुपये के आसपास का राजस्व नुकसान हुआ है। हालांकि कोरोना के चलते वैसे भी लोग दूरी बनाए हुए हैं।
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आटोमोबाइल सेक्टर में सहालग के दौरान काफी बूम रहता है। जिले भर के सभी शोरूम पर प्रतिदिन करीब 15 से 20 करोड़ का टर्नओवर होता है, जिसमें गाड़ियों के सर्विस सेंटर भी शामिल हैं। कोरोना के चलते लॉकडाउन से एक सप्ताह में करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
-प्रेमशंकर अग्रवाल, आटोमोबाइल कारोबारी
कोरोना से बाजार को तगड़ा झटका लगा है। लॉकडाउन होने से ट्रांसपोर्ट बंद हो गया है। इससे जिले भर के करीब 200 पेट्रोल/डीजल पंपों पर प्रतिदिन करीब दो करोड़ की सेल डाउन हो गई है। इससे सप्ताह भर में करोड़ों का नुकसान हुआ है।
- शरद वाजेपयी, पेट्रोलियम कारोबारी
लॉकडाउन से सराफा बाजार काफी प्रभावित हुआ है। मार्च में होली के बाद सोने-चांदी के जेवरात की बिक्री खूब रहती है। प्रतिदिन लाखों का कारोबार होता था, लेकिन कोरोना के चलते दुकानें बंद है। व्यापार ठप है।
-हर्ष सेठ, सराफा कारोबारी
लॉकडाउन से सात दिनों में किराना को छोड़कर अन्य दुकानदारों का व्यापार पूरी तरह ठप है। इससे करोड़ों रुपये प्रतिदिन की सेल प्रभावित हुई है। रेडीमेड, रेस्टोरेंट कारोबार को भी काफी नुकसान हुआ है।
-संजय गुप्ता, व्यापारी नेता
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कोरोना ने पूरे देश में ऐसे वक्त में दस्तक दी है, जब गेहूं की फसल कटने वाली है और इसी के साथ ही सहालग की भी शुरुआत होती थी। कारोबारी क्षेत्रों में हर साल फरवरी की शुरुआत से ही पूरे साल के सबसे चमकदार वाले सीजन की तैयारी शुरू हो जाती हैं। कारोबारियों का कहना है कि सर्दी भर सिर्फ गर्म कपड़ों और कुछ हद तक इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रनिक्स के उपकरणों के बाजार में धूम रहने के बाद यह सीजन सभी सेक्टरों के लिए होता है। लिहाजा सभी कारोबारी पहले से अपना स्टॉक फुल कर लेते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो अंदाजा लगाना मुश्किल है कि जिले भर के कारोबारियों ने इस सीजन की मांग पूरी करने के लिए कितने अरब के सामान का स्टाक कर रखा है। कोरोना की दहशत के बीच लॉकडाउन होने के बाद यह सारा स्टाक भी जहां के तहां डंप हो गया है। हफ्ते भर के लॉकडाउन में सबसे ज्यादा नुकसान आटोमोबाइल सेक्टर, पेट्रोलियम सेक्टर और रेडीमेड को होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। कारोबारियों के मुताबिक गर्मियों में सबसे ज्यादा शादी-ब्याह ग्रामीण क्षेत्रों में होते हैं। इसमें बाइक, रेडीमेड के ब्रांडेड शोरूम के अलावा छोटे कारोबारी इस सीजन में काफी तैयारी करते हैं। कोरोना की वजह से नुकसान झेलने वाले कारोबारों में दूसरा नंबर सराफा कारोबार का है। आम तौर पर शादी-ब्याह के लिए मार्च से ही सराफा बाजार में खरीदारी शुरू हो जाती है, लेकिन चीन में कोरोना के फैलते ही यह बाजार ऐसा डाउन हुआ कि फिर रफ्तार पकड़ने की नौबत नहीं आई।
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लगभग दो लाख का दुधवा को हो चुका है नुकसान
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क के द्वार लॉकडाउन होने के बाद से सैलानियों के लिए बंद कर दिए गए हैं। लगभग सात दिनों से सैलानियों के लिए पार्क के द्वार बंद हैं। इसको लेकर इनदिनों में पार्क को लगभग दो लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है। बता दें कि पिछले माह की अगर तुलना की जाए तो पार्क प्रशासन को प्रतिमाह लगभग सात लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता आ रहा है। इस माह 23 मार्च से दुधवा नेशनल पार्क के द्वार सैलानियों के लिए बंद हैं। इससे इन सात दिनों में पार्क को लगभग दो लाख रुपये के आसपास का राजस्व नुकसान हुआ है। हालांकि कोरोना के चलते वैसे भी लोग दूरी बनाए हुए हैं।
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आटोमोबाइल सेक्टर में सहालग के दौरान काफी बूम रहता है। जिले भर के सभी शोरूम पर प्रतिदिन करीब 15 से 20 करोड़ का टर्नओवर होता है, जिसमें गाड़ियों के सर्विस सेंटर भी शामिल हैं। कोरोना के चलते लॉकडाउन से एक सप्ताह में करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
-प्रेमशंकर अग्रवाल, आटोमोबाइल कारोबारी
कोरोना से बाजार को तगड़ा झटका लगा है। लॉकडाउन होने से ट्रांसपोर्ट बंद हो गया है। इससे जिले भर के करीब 200 पेट्रोल/डीजल पंपों पर प्रतिदिन करीब दो करोड़ की सेल डाउन हो गई है। इससे सप्ताह भर में करोड़ों का नुकसान हुआ है।
- शरद वाजेपयी, पेट्रोलियम कारोबारी
लॉकडाउन से सराफा बाजार काफी प्रभावित हुआ है। मार्च में होली के बाद सोने-चांदी के जेवरात की बिक्री खूब रहती है। प्रतिदिन लाखों का कारोबार होता था, लेकिन कोरोना के चलते दुकानें बंद है। व्यापार ठप है।
-हर्ष सेठ, सराफा कारोबारी
लॉकडाउन से सात दिनों में किराना को छोड़कर अन्य दुकानदारों का व्यापार पूरी तरह ठप है। इससे करोड़ों रुपये प्रतिदिन की सेल प्रभावित हुई है। रेडीमेड, रेस्टोरेंट कारोबार को भी काफी नुकसान हुआ है।
-संजय गुप्ता, व्यापारी नेता