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मिठाई-केक और पेस्ट्री के कारोबारियों को 2.45 करोड़ की चपत
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लखीमपुर खीरी। कोरोना की सबसे बढ़ी मार मिठाई और पेस्ट्री, केक कोरोबारियों पर पड़ी है। एक अनुमान मुताबिक लॉकडाउन के चलते मिठाई की ब्रांडेड दुकानों पर ही लाखों की मिठाइयां डंप होकर रह गईं। बेकरियों में तैयार लाखों रुपये की केक, पेस्ट्री बाजार तक पहुंचने की नौबत नहीं आई। मावा मार्केट भी अपने भरे-पूरे स्टाक के साथ बंद हुआ तो हफ्ते भर बाद भी खुलने की नौबत नहीं आई। माल बर्बाद होने की चिंता में डूबे कारोबारी कई दिन तक उसे सस्ते मद्दे में खपाने के लिए राहत भरी खबर मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन 21 दिन का लॉकडाउन घोषित होते ही उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं।
शहर में मिठाइयों की सैकड़ों दुकानें हैं, लेकिन सिर्फ ब्रांडेड दुकानों की गिनती की जाए तो यह संख्या 50 से ज्यादा है। कारोबारियों के मुताबिक ब्रांडेड दुकानों पर रोजाना 25 से 30 लाख रुपये कीमत की मिठाइयों की सेल होती है। इस वजह से उनके शोरूम के अलावा गोदामों में भी लाखों का माल तैयार रहता है। 21 मार्च को आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू की घोषणा से पहले तक किसी को अंदाजा नहीं था कि कोरोना के कहर के बीच एकाएक ऐसा कोई सख्त फैसला भी लिया जा सकता है। लिहाजा कारोबारी क्षेत्र में सबकुछ सामान्य तौर पर चल रहा था और नवरात्र को लेकर भी व्रत वाली मिठाई अलग से तैयार कराई जा रही थी। मिठाई कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें तब खिंचनी शुरू हुई, जब 22 मार्च की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता कर्फ्यू खत्म होने से पहले ही एलान कर दिया कि यूपी में तीन दिन और लॉकडाउन लागू रहेगा। मिठाई कारोबारियों को और भी तगड़ा झटका तब लगा जब मुख्यमंत्री की ओर से 25 मार्च तक के लिए घोषित जनता कर्फ्यू की सीमा खत्म होने से एक दिन पहले 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पूरे देश में 21 दिन का यानी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी।
मैगलगंज के गुलाब जामुन का कारोबार भी ठप
शहर के अलावा लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर स्थित मैगलगंज गुलाब जामुन के लिए प्रसिद्ध है। यहां भी करीब 50 दुकानें गुलाब जामुन के कारोबार में लगी हैं, जिनमें प्रतिदिन लाखों रुपये की बिक्री होती है। लॉकडाउन होने से कारोबारियों को लाखों की चपत लगी है। कई दिनों के इंतजार के बाद मिठाइयां सडने के डर से दुकानदारों ने अपने वर्करों और परिचितों में मिठाइयां बांट दी हैं।
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लॉकडाउन से हुए नुकसान की भरपाई संभव नहीं है। जो मिठाइयां स्टाक में थीं, उनका वर्करों और परिचितों में वितरण करा दिया गया। नहीं तो मिठाइयां खराब हो जाती।
शिवनरायन मिठाईवाला
मिठाई, बेकरी, मावा के बाजार में लाखों का नुकसान हुआ है। अभी अगर अंदाजा लगाए तो दो करोड़ से ज्यादा कीमत का माल खराब हुआ है।
संजय गुप्ता, व्यापारी नेता
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शहर में मिठाइयों की सैकड़ों दुकानें हैं, लेकिन सिर्फ ब्रांडेड दुकानों की गिनती की जाए तो यह संख्या 50 से ज्यादा है। कारोबारियों के मुताबिक ब्रांडेड दुकानों पर रोजाना 25 से 30 लाख रुपये कीमत की मिठाइयों की सेल होती है। इस वजह से उनके शोरूम के अलावा गोदामों में भी लाखों का माल तैयार रहता है। 21 मार्च को आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू की घोषणा से पहले तक किसी को अंदाजा नहीं था कि कोरोना के कहर के बीच एकाएक ऐसा कोई सख्त फैसला भी लिया जा सकता है। लिहाजा कारोबारी क्षेत्र में सबकुछ सामान्य तौर पर चल रहा था और नवरात्र को लेकर भी व्रत वाली मिठाई अलग से तैयार कराई जा रही थी। मिठाई कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें तब खिंचनी शुरू हुई, जब 22 मार्च की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता कर्फ्यू खत्म होने से पहले ही एलान कर दिया कि यूपी में तीन दिन और लॉकडाउन लागू रहेगा। मिठाई कारोबारियों को और भी तगड़ा झटका तब लगा जब मुख्यमंत्री की ओर से 25 मार्च तक के लिए घोषित जनता कर्फ्यू की सीमा खत्म होने से एक दिन पहले 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पूरे देश में 21 दिन का यानी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी।
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मैगलगंज के गुलाब जामुन का कारोबार भी ठप
शहर के अलावा लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर स्थित मैगलगंज गुलाब जामुन के लिए प्रसिद्ध है। यहां भी करीब 50 दुकानें गुलाब जामुन के कारोबार में लगी हैं, जिनमें प्रतिदिन लाखों रुपये की बिक्री होती है। लॉकडाउन होने से कारोबारियों को लाखों की चपत लगी है। कई दिनों के इंतजार के बाद मिठाइयां सडने के डर से दुकानदारों ने अपने वर्करों और परिचितों में मिठाइयां बांट दी हैं।
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लॉकडाउन से हुए नुकसान की भरपाई संभव नहीं है। जो मिठाइयां स्टाक में थीं, उनका वर्करों और परिचितों में वितरण करा दिया गया। नहीं तो मिठाइयां खराब हो जाती।
शिवनरायन मिठाईवाला
मिठाई, बेकरी, मावा के बाजार में लाखों का नुकसान हुआ है। अभी अगर अंदाजा लगाए तो दो करोड़ से ज्यादा कीमत का माल खराब हुआ है।
संजय गुप्ता, व्यापारी नेता