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कहीं मुर्गा बनाया तो कहीं पैदल घरों को लौट रहे लोगों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां
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लखीमपुर खीरी। कोराना महामारी के कारण 21 दिनों तक लॉकडाउन के बीच जिले में कुछ जगहों पर पुलिस की क्रूर चेहरा भी सामने आया है। सैकड़ों मील पैदल भूखे-प्यासे चलकर मैगलगंज पहुंचे मजदूरों को दरोगा ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। मजदूरों ने किसी तरह भागकर और झाड़-झंखाड़ में छुपकर जान बचाई तो मितौली में पुलिस ने दो युवकों को मुर्गा बनने पर मजबूर कर दिया। पुलिस के इस रवैये लोगों में आक्रोश है।
नेशनल हाईवे पर दरोगा ने मजदूरों को पीटा
मैगलगंज में वाहन न चलने के कारण कई मजदूर दिल्ली से पैदल ही अपने घरों को लौट रहे थे। इनमें गोंडा, सिदार्द्धनगर, बिहार, आजमगढ़, बहराइच सहित कई अन्य जगहों के मजदूर शामिल थे। मजदूरों का जत्था थाना मैगलगंज क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास रुका और पास में खाली पड़े प्लाट पर आराम करने लगा। कुछ खाने-पीने के सामान की जुगाड़ करने लगे तो कुछ लोग खेतों से गन्ना तोड़ने के बाद उसे चूस कर अपनी भूख मिटाने लगे। इसी बीच मैगलगंज थाने के दरोगा रईस अहमद चार-पांच सिपाहियों के साथ आ गए। मजदूरों का आरोप है कि दरोगा ने उनसे कोई बात भी नहीं की। आते ही उन पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। बच्चे, बूढ़े और महिलाओं को भी नहीं बख्शा। पुलिस का यह रवैया देख मजदूर रेलवे लाइन कूदकर इधर उधर भागने लगे। खेतों और झाड़ झंखाड़ में छुपकर अपनी जान बचाई। कुछ लोग पास में बने शौचालय में भी छिप गए। मजदूरों ने बताया कि वे चार दिन में यहां तक पहुंचे हैं। अब घर कैसे जाएंगे यह सोचकर बुरा हाल है।
जा रहे थे गन्ना छिलाई करने बना दिया मुर्गा
मितौली में जिला प्रशासन ने भले ही खेती-किसानी के लिए मजदूरों को आने-जाने में छूट दे रखी हो, लेकिन पुलिस इसे नहीं मानती। शुक्रवार को दो युवक साइकिल से गन्ने की छिलाई करने खेत पर जा रहे थे, सिपाहियों ने दोनों को रोक लिया। युवक गन्ना छिलाई करने की बात कहते रहे, लेकिन सिपाहियों ने उनकी एक नहीं सुनी और मुर्गा बना दिया। युवक करीब आधे घंटे तक मुर्गा बने रहे। उसके बाद उन्हें छोड़ा गया।
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सिपाही ने चार युवकों को पीटा, डीएम से शिकायत
महेवागंज में लॉकडाउन के बीच पुलिस अपने ही मातहतों के निर्देशों को ठेंगा दिखा रही है। चार युवकों ने महेवागंज पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही पर लाठियों से पीटने का आरोप लगाया है। डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
कस्बा निवासी रिजवान ने बताया कि शुक्रवार को वह घर के बाहर गड्ढा नुमा नाले की सफाई कर रहा था। इस बीच पुलिस चौकी का एक सिपाही गश्त पर निकला। बाहर खड़े देख डंडे बरसाने लगा। ओदरहना के अभय दीप ने बताया कि खेत पर वह पिता को खाना देने जा रहा था। सिपाही ने बगैर कुछ पूछे पिटाई कर दी। बबलू और खलील ने बताया कि वह दुकान पर राशन लेने जा रहे थे। तभी सिपाही ने रोक लिया और पीट दिया। सिपाही की पिटाई से चारों को गंभीर चोटें आईं हैं। चारों युवक डीएम से मिले और कार्रवाई की मांग की। डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चौकी प्रभारी पारसनाथ ने बताया कि बेवजह लोग घर के बाहर टहल रहे थे। सिपाही ने एहतियातन सभी को खदेड़ा था। लोगों की सुरक्षा अहम है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जो मजदूर घरों को लौट रहे हैं उन्हें पुलिस लंच पैकेट दे रही है। आने-जाने की व्यवस्था भी करा रही है। यह उनकी मदद का समय है। अगर दरोगा ने पिटाई की है तो यह बड़ी शर्मनाक बात है। इसकी जांच सीओ से कराई जाएगी।
-शैलेंद्र कुमार, एएसपी
कुछ लोगों ने सूचना दी थी कि करीब 400 लोग आए हैं। सभी एक पास खड़े हैं। इससे संक्रमण का खतरा है। सूचना पर वह गए थे और पूछताछ करने के बाद उन्हें आगे के लिए भेज दिया था। हां कुछ लोग पुलिस को देखकर भागे जरूर थे। किसी के साथ कोई मारपीट व अभद्रता नहीं की गई है।
-रईस अहमद, आरोपी दरोगा
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नेशनल हाईवे पर दरोगा ने मजदूरों को पीटा
मैगलगंज में वाहन न चलने के कारण कई मजदूर दिल्ली से पैदल ही अपने घरों को लौट रहे थे। इनमें गोंडा, सिदार्द्धनगर, बिहार, आजमगढ़, बहराइच सहित कई अन्य जगहों के मजदूर शामिल थे। मजदूरों का जत्था थाना मैगलगंज क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर निर्माणाधीन टोल प्लाजा के पास रुका और पास में खाली पड़े प्लाट पर आराम करने लगा। कुछ खाने-पीने के सामान की जुगाड़ करने लगे तो कुछ लोग खेतों से गन्ना तोड़ने के बाद उसे चूस कर अपनी भूख मिटाने लगे। इसी बीच मैगलगंज थाने के दरोगा रईस अहमद चार-पांच सिपाहियों के साथ आ गए। मजदूरों का आरोप है कि दरोगा ने उनसे कोई बात भी नहीं की। आते ही उन पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। बच्चे, बूढ़े और महिलाओं को भी नहीं बख्शा। पुलिस का यह रवैया देख मजदूर रेलवे लाइन कूदकर इधर उधर भागने लगे। खेतों और झाड़ झंखाड़ में छुपकर अपनी जान बचाई। कुछ लोग पास में बने शौचालय में भी छिप गए। मजदूरों ने बताया कि वे चार दिन में यहां तक पहुंचे हैं। अब घर कैसे जाएंगे यह सोचकर बुरा हाल है।
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जा रहे थे गन्ना छिलाई करने बना दिया मुर्गा
मितौली में जिला प्रशासन ने भले ही खेती-किसानी के लिए मजदूरों को आने-जाने में छूट दे रखी हो, लेकिन पुलिस इसे नहीं मानती। शुक्रवार को दो युवक साइकिल से गन्ने की छिलाई करने खेत पर जा रहे थे, सिपाहियों ने दोनों को रोक लिया। युवक गन्ना छिलाई करने की बात कहते रहे, लेकिन सिपाहियों ने उनकी एक नहीं सुनी और मुर्गा बना दिया। युवक करीब आधे घंटे तक मुर्गा बने रहे। उसके बाद उन्हें छोड़ा गया।
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सिपाही ने चार युवकों को पीटा, डीएम से शिकायत
महेवागंज में लॉकडाउन के बीच पुलिस अपने ही मातहतों के निर्देशों को ठेंगा दिखा रही है। चार युवकों ने महेवागंज पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही पर लाठियों से पीटने का आरोप लगाया है। डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
कस्बा निवासी रिजवान ने बताया कि शुक्रवार को वह घर के बाहर गड्ढा नुमा नाले की सफाई कर रहा था। इस बीच पुलिस चौकी का एक सिपाही गश्त पर निकला। बाहर खड़े देख डंडे बरसाने लगा। ओदरहना के अभय दीप ने बताया कि खेत पर वह पिता को खाना देने जा रहा था। सिपाही ने बगैर कुछ पूछे पिटाई कर दी। बबलू और खलील ने बताया कि वह दुकान पर राशन लेने जा रहे थे। तभी सिपाही ने रोक लिया और पीट दिया। सिपाही की पिटाई से चारों को गंभीर चोटें आईं हैं। चारों युवक डीएम से मिले और कार्रवाई की मांग की। डीएम ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चौकी प्रभारी पारसनाथ ने बताया कि बेवजह लोग घर के बाहर टहल रहे थे। सिपाही ने एहतियातन सभी को खदेड़ा था। लोगों की सुरक्षा अहम है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जो मजदूर घरों को लौट रहे हैं उन्हें पुलिस लंच पैकेट दे रही है। आने-जाने की व्यवस्था भी करा रही है। यह उनकी मदद का समय है। अगर दरोगा ने पिटाई की है तो यह बड़ी शर्मनाक बात है। इसकी जांच सीओ से कराई जाएगी।
-शैलेंद्र कुमार, एएसपी
कुछ लोगों ने सूचना दी थी कि करीब 400 लोग आए हैं। सभी एक पास खड़े हैं। इससे संक्रमण का खतरा है। सूचना पर वह गए थे और पूछताछ करने के बाद उन्हें आगे के लिए भेज दिया था। हां कुछ लोग पुलिस को देखकर भागे जरूर थे। किसी के साथ कोई मारपीट व अभद्रता नहीं की गई है।
-रईस अहमद, आरोपी दरोगा