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12 लाख बच्चों की पढ़ाई पर कोरोना का ग्रहण

Sun, 04 Apr 2021 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 01:27 AM IST
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Corona eclipse on the education of 1.2 million children
लखीमपुर खीरी। एक बार फिर से कोरोना ने कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की पढ़ाई पर संकट खड़ा कर दिया है। कोरोना के कारण सीएम योगी ने आठवीं तक के सभी स्कूल 24 से 31 मार्च तक बंद रखने के निर्देश जारी किए थे। मगर, बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अब 11 अप्रैल तक अवकाश बढ़ा दिया है। लगातार बढ़ रहीं छुट्टियों को लेकर अभिभावक और शिक्षक बेहद चिंतित हैं।
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पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण तीन माह का लॉकडाउन हुआ। इस दौरान बंद हुए स्कूल अनलॉक होने पर भी नहीं खुल सके। इससे शैक्षिक सत्र 2020-21 पूरी तरह से चौपट हो गया। इसके बाद प्रदेश सरकार ने पहली शिफ्ट में नौ से 12 तक की कक्षाएं शुरू कराईं। नए साल में 10 फरवरी से छह से आठ और फिर एक मार्च से कक्षा एक से पांच तक पढ़ाई शुरू हुई। मगर, इस बीच फिर से कोरोना ने पांव पसारने शुरू कर दिए। खतरे को भांपते को प्रदेेश सरकार ने परीक्षाएं रद्द कर कक्षा आठ तक के स्कूलों को 24 से 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश दिए।
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 24 मार्च से बंद चल रहे स्कूलों के अब तक खुलने की नौबत नहीं बनी। उधर, कोरोना वायरस जिस तरह दूसरे राज्यों के साथ लखनऊ आदि में पांव पसार रहा है। इससे स्कूलों के जल्द खुलने के आसार भी नहीं बन रहे। इसको लेकर अभिभावक और शिक्षक चिंतित है। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई की चिंता सता रही है तो वहीं शिक्षकों को स्कूल न खुलने से दो वक्त की रोटी पर खतरा मंडराता दिख रहा है।
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अनुमानित छात्र संख्या
बेसिक स्कूलों में छात्र- पांच लाख 50 हजार
माध्यमिक (छह से आठ), सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा, संस्कृत स्कूलों में छात्र संख्या- छह लाख 50 हजार

स्कूल बंद रहने से पढ़ाई तो जरूर प्रभावित होगी, लेकिन बच्चों की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है। स्कूल बंद कराने के साथ सरकार शुल्क को लेकर इनकी ओर से की जा रही मनमानी पर भी अंकुश लगाए, जिससे अभिभावकों को भी राहत मिले।
- हरविंद्र सिंह, अभिभावक पंजाबी कॉलोनी

कोरोना के कारण पिछले सालभर स्कूल बंद रहे। स्कूल खुलने पर स्कूल प्रशासन पूरे साल की फीस जमा करने का दबाव बना रहा है। पढ़ाई ऑनलाइन कराकर परीक्षा ऑफलाइन कराई और अब पूरा शुल्क जमा करने पर ही बच्चों को पास करने का दबाव बना रहे हैं।
- गौरव गुप्ता, अभिभावक नौरंगाबाद

शासन से निवेदन है कि छोटे बच्चों के स्कूल बंद हैं, जिन्हें खोलने की अनुमति दी जाए। घंटों मोबाइल पर नजरें गड़ाकर ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। स्थित को देखते हुए बच्चों को एक दिन छोड़कर स्कूल बुलाने की अनुमति दी जाए।
- बलराम गुप्त, अभिभावक, राजेंद्रनगर कॉलोनी गोला

कोरोना महामारी के कारण स्कूल बंद हो जाने से नवीन सत्र भी प्रभावित हो रहा है। यदि इसी तरह विद्यालय लगातार बंद रहे तो बच्चों की पढ़ाई तो प्रभावित होगी ही साथ ही स्कूलों को अपनी स्थिति से उबरना भी मुश्किल होगा। इसलिए विद्यालय संचालन की अनुमति दी जाए।
- शैलेंद्र सक्सेना, प्रांतीय महामंत्री, विद्यालय प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य कल्याण समिति

स्कूलों में निरंतर अवकाश न कराएं। छात्र राष्ट्र के भविष्य कर्णधार हैं। पिछले पूरे साल पठन पाठन प्रभावित रहा। कोविड-19 की गाइड लाइन का कड़ाई से पालन कराते हुए स्कूल खुलवाएं। विद्यालय बंद रहने से निजी विद्यालय के शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

- विमलेश मिश्र, प्रांतीय अध्यक्ष, आदर्श शिक्षक कल्याण समिति

कोरोना के कारण बार बार स्कूल बंद होने से प्राइवेट अध्यापकों के सामने जीविका की समस्या खड़ी हो गई है। कहां तक धैर्य से काम लिया जाए। अब प्राइवेट शिक्षकों में रोष भी है। यदि इसी तरह रहा तो विवश होकर सड़क पर उतरना भी पड़ सकता है।
- सचेंद्र कुमार शुक्ल, प्राइवेट अध्यापक
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