फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Cooperative societies claim plenty of urea but warehouse empty

सहकारी समितियों में भरपूर यूरिया का दावा लेकिन गोदाम खाली

Thu, 30 Jul 2020 12:48 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला ब्यूरो, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 30 Jul 2020 12:48 PM IST
विज्ञापन
Cooperative societies claim plenty of urea but warehouse empty
मैलानी में यूरिया बंटवाते प्रशासक - फोटो : LAKHIMPUR
सहकारी समितियों में यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं, क्योंकि प्राइवेट दुकानों पर ओवररेटिंग के चलते महंगे दामों पर यूरिया बिक रही है। इस खरीफ सीजन की शुरुआत से ही यूरिया को लेकर मारामारी मची रही, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान दो माह तक रैक न लगने से यूरिया की किल्लत हुई। इसके बाद यूरिया की आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन किल्लत लगातार बनी हुई है। खासकर सहकारी समितियों पर यूरिया की सबसे ज्यादा किल्लत बनी है। एआर कोआपरेटिव का कहना है लक्ष्य से अधिक यूरिया बांटी जा चुकी है और स्टॉक भी है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने भी सहकारी समितियों में यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया है, लेकिन बुधवार को कई समितियों में यूरिया उपलब्ध नहीं थी। गोदाम खाली पड़े थे।
विज्ञापन


जनपद में पैक्स की 132 समेत करीब 180 सहकारी समितियां संचालित हैं। सहकारिता विभाग को खरीफ सीजन में कुल 38101 मीट्रिक टन यूरिया बांटने का लक्ष्य मिला था, जिसमें जुलाई 2020 तक 13945 मीट्रिक टन यूरिया वितरित होनी है। डीएम के मुताबिक समय-समय पर हो रही बारिश से किसानों में इफको और कृभको ब्रांड यूरिया की मांग बढ़ी। इससे अभी तक 31 हजार मीट्रिक टन यूरिया किसानों को बांटी जा चुकी है। इसके अलावा प्रीपोजिसनिंग स्टॉक से 33 प्रतिशत यूरिया किसानों को बंटवाई गई। जुलाई में नौ हजार मीट्रिक टन यूरिया समितियों को भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन


इन समितियों के गोदाम खाली
साधन सहकारी समिति फरधान, गनेशपुर और हरिहरनपुर में एक सप्ताह से यूरिया नहीं हैं। इससे पहले यूरिया आई थी, तो उसे कर्जे पर खाद लेने वाले किसानों को दिया गया। सचिव कृष्ण मोहन पांडेय ने बताया कि यूरिया स्टॉक में नहीं है। डिमांड के लिए चेक लगाया जा चुका है। बांकेगंज क्षेत्र की साधन सहकारी समिति ग्रंट नंबर 18 में 15 दिनों से यूरिया खाद नहीं है। सिर्फ एनपीके उपलब्ध है। सचिव पवनेश कुमार ने बताया कि यूरिया की डिमांड के लिए पैसा जमा किया जा चुका है, लेकिन अभी खाद नहीं मिल पाई है। पसगवां क्षेत्र की सहकारी समिति बनकागांव और मठवाल देवता में लाइसेंस बना न होने के कारण खाद की उपलब्धता नहीं है। इससे दोनों समितियों में कई महीनों से तालाबंदी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लक्ष्य से अधिक बंटी तो गई कहां यूरिया
सहकारी समितियों पर लक्ष्य 13945 मीट्रिक टन से अधिक 31 हजार मीट्रिक टन यूरिया बांटे जाने का दावा सहकारिता विभाग कर रहा है, फिर भी यूरिया के लिए किसानों में त्राहि-त्राहि मची है। इस पर विभाग के ही अफसरों ने चुटकी लेते हुए सवाल दाग दिए कि किसानों को नहीं मिली तो आखिर यूरिया गई कहां। हालांकि अधिकारी डैमेज कंट्रोल में लगे हैं। अच्छी बारिश होने से किसानों द्वारा ज्यादा


यूरिया का प्रयोग किए जाने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
समितियों में पॉस मशीन के माध्यम से किसानों को जोत एवं आपूर्ति को ध्यान में रखकर यूरिया वितरित करने के निर्देश दिए हैं। यूरिया वितरण में किसी प्रकार से अनियमितता न हो, जिसके लिए एआर कोआपरेटिव और जिला गन्ना अधिकारी को लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। प्राइवेट दुकानों पर यूरिया की ओवररेटिंग पर अंकुश लगाने के लिए जिला कृषि अधिकारी को दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed