{"_id":"62c1d0bd0b3dfc658a6d749d","slug":"convicted-after-26-years-released-on-moral-probation-lakhimpur-news-bly490222554","type":"story","status":"publish","title_hn":"26 साल बाद दोषी करार, सदाचार परिविक्षा पर छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
26 साल बाद दोषी करार, सदाचार परिविक्षा पर छोड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार हमलावरों में दो की हो चुकी है मौत, दो दोषी हो चुके हैं काफी बुजुर्ग
लखीमपुर खीरी। फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में 26 साल पहले हुई मारपीट के मामले में फैसला आया है, जिसमें चार हमलावरों में दो की मौत हो चुकी है। बाकी बचे दो आरोपी काफी बुजुर्ग हो चुके हैं। लिहाजा उन्हें भी छह माह के लिए सदाचारी रहने का आदेश देते हुए अदालत ने पुराने मामले का निस्तारण कर दिया है।
सहायक अभियोजन अधिकारी सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि 26 साल पहले फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के ग्राम सर्वा में बबलू और रामस्वरूप राम सागर की कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद 21 अप्रैल 1996 को जब बदलू रात को 9:00 बजे हनुमान शुगर मिल से ड्यूटी कर लौटते हुए अपने घर जा रहा था तभी गांव के प्रमोद कुमार, राम सागर, संत कुमार और रामस्वरूप ने गालियां देते हुए बुरी तरह मारा-पीटा था जिससे बदलू का दाहिना पैर टूट गया था। अदालती सुनवाई के दौरान तकनीकी बिंदुओं को लेकर मामले की सुनवाई चलती रही इसी बीच हमलावर संत कुमार और रामस्वरूप की मृत्यु हो गई लेकिन फाइल नहीं खत्म हुई। जब पत्रावली जेएम दीक्षा भारती के समक्ष आई तो उन्होंने फूलबेहड़ पुलिस के रवैए पर नाराजगी जाहिर की और पैरवी को लेकर लिखा पढ़ी शुरू कर दी। अदालत ने अपने फैसले में हमलावरों में जीवित बचे प्रमोद कुमार और राम सागर को 26 साल पहले हुई मारपीट के मामले में दोषी करार दिया। लंच के बाद अपने फैसले में अदालत ने दोनों आरोपियों को 6 माह के लिए सदाचारी रहने का आदेश देते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी के यहां छह महीने तक हाजिरी देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में 26 साल पहले हुई मारपीट के मामले में फैसला आया है, जिसमें चार हमलावरों में दो की मौत हो चुकी है। बाकी बचे दो आरोपी काफी बुजुर्ग हो चुके हैं। लिहाजा उन्हें भी छह माह के लिए सदाचारी रहने का आदेश देते हुए अदालत ने पुराने मामले का निस्तारण कर दिया है।
सहायक अभियोजन अधिकारी सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि 26 साल पहले फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के ग्राम सर्वा में बबलू और रामस्वरूप राम सागर की कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद 21 अप्रैल 1996 को जब बदलू रात को 9:00 बजे हनुमान शुगर मिल से ड्यूटी कर लौटते हुए अपने घर जा रहा था तभी गांव के प्रमोद कुमार, राम सागर, संत कुमार और रामस्वरूप ने गालियां देते हुए बुरी तरह मारा-पीटा था जिससे बदलू का दाहिना पैर टूट गया था। अदालती सुनवाई के दौरान तकनीकी बिंदुओं को लेकर मामले की सुनवाई चलती रही इसी बीच हमलावर संत कुमार और रामस्वरूप की मृत्यु हो गई लेकिन फाइल नहीं खत्म हुई। जब पत्रावली जेएम दीक्षा भारती के समक्ष आई तो उन्होंने फूलबेहड़ पुलिस के रवैए पर नाराजगी जाहिर की और पैरवी को लेकर लिखा पढ़ी शुरू कर दी। अदालत ने अपने फैसले में हमलावरों में जीवित बचे प्रमोद कुमार और राम सागर को 26 साल पहले हुई मारपीट के मामले में दोषी करार दिया। लंच के बाद अपने फैसले में अदालत ने दोनों आरोपियों को 6 माह के लिए सदाचारी रहने का आदेश देते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी के यहां छह महीने तक हाजिरी देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन