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Lakhimpur Kheri News: हत्या के 11 वर्ष पुराने मामले में दोषी को उम्रकैद
Sat, 18 Oct 2025 11:41 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 18 Oct 2025 11:41 PM IST
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लखीमपुर खीरी। मितौली क्षेत्र में वृद्ध की गोली मारकर हत्या करने के 11 साल पुराने मामले में एडीजे मनोज सिंह ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मितौली थाना क्षेत्र के गांव हरिहरपुर में रामदत्त शुक्ल के घर के पास ही मदार का पेड़ लगा था। उसके पास ही रहने वाला मनोज शुक्ल भी पेड़ वाली जमीन पर दावेदारी कर रहा था। 26 जून, 2014 की शाम को साढ़े चार बजे मनोज शुक्ल मदार का पेड़ काटने लगा। रामदत्त ने विरोध किया तो उन्हें मारपीट कर गाली-गलौज करते हुए 315 बोर के तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी और पत्नी को लेकर भाग गया।
पुलिस की तफ्तीश के दौरान 30 जून, 2014 को महमदपुर नगरा मार्ग पर मनोज की गिरफ्तारी हुई। मृतक रामदत्त शुक्ल के पुत्र हंसराम शुक्ल ने इस मामले में मनोज शुक्ल और उसकी पत्नी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान पीके वर्मा, हंसराम, रविंद्र, डॉ. एसके सिंह, रामकुमार सिंह, अरविंद सरोज और रामअवतार ने अपने बयान दर्ज कराए थे।
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शनिवार को एडीजे मनोज सिंह ने फैसला सुनाते हुए मनोज शुक्ल को उम्रकैद और 55 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है, जबकि उसकी पत्नी को संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी किया गया है। संवाद
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मितौली थाना क्षेत्र के गांव हरिहरपुर में रामदत्त शुक्ल के घर के पास ही मदार का पेड़ लगा था। उसके पास ही रहने वाला मनोज शुक्ल भी पेड़ वाली जमीन पर दावेदारी कर रहा था। 26 जून, 2014 की शाम को साढ़े चार बजे मनोज शुक्ल मदार का पेड़ काटने लगा। रामदत्त ने विरोध किया तो उन्हें मारपीट कर गाली-गलौज करते हुए 315 बोर के तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी और पत्नी को लेकर भाग गया।
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पुलिस की तफ्तीश के दौरान 30 जून, 2014 को महमदपुर नगरा मार्ग पर मनोज की गिरफ्तारी हुई। मृतक रामदत्त शुक्ल के पुत्र हंसराम शुक्ल ने इस मामले में मनोज शुक्ल और उसकी पत्नी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान पीके वर्मा, हंसराम, रविंद्र, डॉ. एसके सिंह, रामकुमार सिंह, अरविंद सरोज और रामअवतार ने अपने बयान दर्ज कराए थे।
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शनिवार को एडीजे मनोज सिंह ने फैसला सुनाते हुए मनोज शुक्ल को उम्रकैद और 55 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है, जबकि उसकी पत्नी को संदेह का लाभ देते हुए मामले से बरी किया गया है। संवाद