{"_id":"5f3039f78ebc3e3cf10a9bfd","slug":"construction-of-shri-ram-darbar-temple-started-in-gola-lakhimpur-news-bly4157176188","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोला में श्री राम दरबार मंदिर का निर्माण शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोला में श्री राम दरबार मंदिर का निर्माण शुरू
विज्ञापन
शिवालय में रखी मूर्ति। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी के प्राचीन शिवालय के समीप श्रीराम दरबार मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। देवालय को भव्य और दर्शनीय बनाने के लिए प्रारूप तैयार किया गया है।
मोहल्ला तीर्थ निवासी ज्ञानेंद्र गिरि ने बताया कि उनके भाई राजेश गिरि, अश्वनि, दीपक और कुणाल गिरि ने भाजपा विधायक अरविंद गिरि के सहयोग से पिता स्वर्गीय चंद्रदत्त गिरि और माता मनोरमा देवी गिरि की स्मृति में श्रीराम दरबार मंदिर बनाने का संकल्प लिया है। भूमि पूजन अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन के दिन उसी मुहूर्त में किया गया। शनिवार से मंदिर निर्माण के लिए कॉलम बनाकर पिलर का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
खुदाई में मिली मूर्ति सुरक्षित
गोला गोकर्णनाथ। श्रीराम दरबार मंदिर के निर्माण के लिए खुदाई में मिली खंडित प्रतिमा प्राचीन शिव मंदिर के सामने पारद शिवालय में सुरक्षित रख दी गई है।
ज्ञानेंद्र गिरि और प्रदीप गिरि ने बताया कि मंदिर निर्माण की खुदाई में मिली खंडित प्रतिमा काफी प्राचीन और राजस्थान की मिट्टी की बनी मालूम हो रही है। शनिवार को प्रतिमा को स्नान करवाकर मां संतोषी माता मंदिर में रखवा दिया गया, रविवार को प्रतिमा के दर्शन के लिए लोग आने लगे तो सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने प्रतिमा को पारद शिवालय में रखवा दिया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहल्ला तीर्थ निवासी ज्ञानेंद्र गिरि ने बताया कि उनके भाई राजेश गिरि, अश्वनि, दीपक और कुणाल गिरि ने भाजपा विधायक अरविंद गिरि के सहयोग से पिता स्वर्गीय चंद्रदत्त गिरि और माता मनोरमा देवी गिरि की स्मृति में श्रीराम दरबार मंदिर बनाने का संकल्प लिया है। भूमि पूजन अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन के दिन उसी मुहूर्त में किया गया। शनिवार से मंदिर निर्माण के लिए कॉलम बनाकर पिलर का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
खुदाई में मिली मूर्ति सुरक्षित
गोला गोकर्णनाथ। श्रीराम दरबार मंदिर के निर्माण के लिए खुदाई में मिली खंडित प्रतिमा प्राचीन शिव मंदिर के सामने पारद शिवालय में सुरक्षित रख दी गई है।
ज्ञानेंद्र गिरि और प्रदीप गिरि ने बताया कि मंदिर निर्माण की खुदाई में मिली खंडित प्रतिमा काफी प्राचीन और राजस्थान की मिट्टी की बनी मालूम हो रही है। शनिवार को प्रतिमा को स्नान करवाकर मां संतोषी माता मंदिर में रखवा दिया गया, रविवार को प्रतिमा के दर्शन के लिए लोग आने लगे तो सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने प्रतिमा को पारद शिवालय में रखवा दिया है। संवाद
विज्ञापन