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Lakhimpur Kheri News: मुआवजा मिला... आज ध्वस्त की जाएगी अंगद धर्मशाला

Thu, 19 Dec 2024 11:15 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 19 Dec 2024 11:15 PM IST
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Compensation received... Angad Dharamshala will be demolished today
गोला गोकर्णनाथ। शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण का काम तेज हो गया है। मार्च 2026 में निर्माण पूर्ण किया जाना है। इसको लेकर भवन और दुकानों का ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है। शुक्रवार को अंगद धर्मशाला पर बुलडोजर गरजेगा।
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सूत्रों के अनुसार, चार चरणों में 19,418.992 वर्ग मीटर में शिव मंदिर कॉरिडोर, अतिरिक्त 800 वर्ग मीटर में डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक के अलावा पीलीभीत धर्मशाला और कानपुर धर्मशाला प्रांगण में कैंटीन, शौचालय और पार्किंग स्थल, मार्गों का चौड़ी और सौंदर्यीकरण भी शामिल है। निर्माण की दिशा में पहले चरण में ध्वस्तीकरण तथा नाली निर्माण शुरू हो गया है।
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ध्वस्तीकरण के कार्य में जिला पंचायत, नगर पालिका परिषद की सात दुकानें और नेडा के सुलभ शौचालय ढहाने के बाद शिव मंदिर के मुख्य मार्ग में काम शुरू हो गया है। शिव मंदिर के ठीक सामने परिषद के भवन ढहाए जा रहे हैं। साथ ही अंगद धर्मशाला, बरेली धर्मशाला, महादेव धर्मशाला और रामपुर धर्मशाला सहित कई और भवनों का ध्वस्तीकरण शेष है। ध्वस्तीकरण के बाद समतलीकरण का कार्य शुरू होगा।
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वर्षों से चली आ रही समस्या से मिलेगी निजात
आंबेडकर तिराहे से लेकर श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर तक, मेला मैदान, मूनलाइट स्टूडियो से शिव मंदिर के मुख्य मार्ग में बरसात में जलभराव की समस्या काफी प्राचीन है। इतना ही नहीं बरसात में गंदा पानी गोकर्ण तीर्थ में भरने लगता है। यह समस्या प्रतिवर्ष बरसात में प्रत्येक व्यक्ति की जुबान पर रहती है। सावन में श्रद्धालुओं की बेहिसाब भीड़ प्रशासन और परिक्षेत्र के दुकानदारों के लिए मुसीबत बन जाती है। कई बार तो अफरातफरी की स्थिति बन जाती है। सबसे अधिक भीड़ आंबेडकर तिराहे पर होती है। यहां से प्रशासन ने नगर पालिका परिषद की दुकानें तोड़ी हैं। कॉरिडोर निर्माण के साथ इन दो पुरानी समस्याओं से निजात मिलने की उम्मीद है।


प्राचीन धर्मशाला का अस्तित्व मिटाकर कॉरिडोर को देंगे जगह
शिव मंदिर कॉरिडोर निर्माण में मंदिर परिसर स्थित वर्ष 1905 में निर्मित डॉ. बद्री प्रसाद कुंज बिहारी बांस बरेली वालों की धर्मशाला, 1995 में बनी स्वर्गीय अंगद राम धर्मशाला के अलावा रामपुर धर्मशाला, महादेवा सहित कई धर्मशालाओं का अस्तित्व मिटाकर कॉरिडोर के लिए जगह बनाई जा रही है। 39,04,488 रुपए मुआवजे का दे दिया गया है।
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