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पशुओं पर भारी पड़ रही शीत लहर
बांकेगंज
Updated Thu, 15 Jan 2015 06:28 PM IST
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पिछले 15 दिनों से चल रही शीतलहर पशुओं पर भारी पड़ रही है। जानवर इन दिनों सर्दी जनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। विशेषकर छोटे पशु इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में उनके बचाव को लेकर पशुपालक चिंतित नजर आ रहे हैं। पशु चिकित्सकों का कहना है यदि इस मौसम में उनकी सावधानी से देखभाल न की गई तो बीमारियां उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।
कस्बा स्थित पशु अस्पताल के पशु चिकित्सक डॉ. रविकांत वर्मा का कहना है कि सर्दी के मौसम में पशुओं के रखरखाव में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। इन दिनों छोटे पशु सर्दी जनित बीमारियों हाइपोथर्मिया, निमोनिया और डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। इनके बचाव के उपाय सरल हैं। बीमार होने पर पशुओं में रोग के लक्षण आसानी से दिख जाते हैं।
पशुओं में सर्दी जनित बीमारियों के लक्षण
पशु के शरीर के तापमान में लगातार गिरावट आना, सुस्त हो जाना, चलनेे-फिरने में दिक्कत महसूस होना, चारा खाना बंद करना और जुगाली करना छोड़ देना।
सर्दी जनित बीमारी से पशुओं के बचाव के उपाय
सर्दियों के मौसम में पशुवाड़े के दरवाजे और खिड़कियों पर टाट के पर्दे डाले, फर्श पर गन्ने की पत्ती या पुआल का बिछावन डालें, ताजे पानी और हरे चारे के साथ ही हल्का सुपाच्य भोजन दें, धूप निकलने पर अवश्य बिठाएं, पशु के शरीर पर टाट की झाल बनाकर उसे ढकें। फर्श पर पड़ी बिछावन को दो-तीन दिन के अंतराल में बदलें।
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डॉक्टर की सलाह
इन दिनों पशुपालकों को पालतू पशुओं की सर्दी जनित बीमारियों से सतर्क रहना चाहिए। खासकर छोटे पशुओं का बीमारियों से बचाव करना चाहिए। बीमारी के लक्षण दिखने पर पशु चिकित्सालय में आकर पशुओं का इलाज करवाएं। गांवों में घूम रहे नीम हकीमों से बचना चाहिए।
-डॉ. रविकांत वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी, बांकेगंज-खीरी
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कस्बा स्थित पशु अस्पताल के पशु चिकित्सक डॉ. रविकांत वर्मा का कहना है कि सर्दी के मौसम में पशुओं के रखरखाव में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। इन दिनों छोटे पशु सर्दी जनित बीमारियों हाइपोथर्मिया, निमोनिया और डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। इनके बचाव के उपाय सरल हैं। बीमार होने पर पशुओं में रोग के लक्षण आसानी से दिख जाते हैं।
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पशुओं में सर्दी जनित बीमारियों के लक्षण
पशु के शरीर के तापमान में लगातार गिरावट आना, सुस्त हो जाना, चलनेे-फिरने में दिक्कत महसूस होना, चारा खाना बंद करना और जुगाली करना छोड़ देना।
सर्दी जनित बीमारी से पशुओं के बचाव के उपाय
सर्दियों के मौसम में पशुवाड़े के दरवाजे और खिड़कियों पर टाट के पर्दे डाले, फर्श पर गन्ने की पत्ती या पुआल का बिछावन डालें, ताजे पानी और हरे चारे के साथ ही हल्का सुपाच्य भोजन दें, धूप निकलने पर अवश्य बिठाएं, पशु के शरीर पर टाट की झाल बनाकर उसे ढकें। फर्श पर पड़ी बिछावन को दो-तीन दिन के अंतराल में बदलें।
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इन दिनों पशुपालकों को पालतू पशुओं की सर्दी जनित बीमारियों से सतर्क रहना चाहिए। खासकर छोटे पशुओं का बीमारियों से बचाव करना चाहिए। बीमारी के लक्षण दिखने पर पशु चिकित्सालय में आकर पशुओं का इलाज करवाएं। गांवों में घूम रहे नीम हकीमों से बचना चाहिए।
-डॉ. रविकांत वर्मा, पशु चिकित्साधिकारी, बांकेगंज-खीरी