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शीत लहर : निमोनिया के साथ ही कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चे
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लखीमपुर खीरी। भीषण सर्दी बच्चों के लिए घातक साबित हो रही है। थोड़ी सी लापरवाही में ही बच्चे बीमार हो रहे हैं। निमोनिया के साथ ही अब बच्चों में कोल्ड डायरिया की शिकायत भी देखने को मिल रही है।
जिला अस्पताल में अभी कोल्ड डायरिया के मामले नहीं आ रहे हैं, लेकिन निजी अस्पतालों में रोजाना कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे पहुंचे रहे हैं। हिदायत नगर निवासी सोहराब का 11 माह का बेटा गुल्लू सोमवार को बीमार हो गया। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया तो कोल्ड डायरिया बताया गया। डॉक्टर ने बच्चे को एक दिन भर्ती रखा। वहीं सुआगाड़ा निवासी मनोहर की 18 माह की पोती गोल्डी को भी कोल्ड डायरिया हो गया। उसे भी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि उनके पास अब तक कोल्ड डायरिया से पीड़ित कोई बच्चा नहीं आया है, लेकिन ठंड में बच्चों में इसकी शिकायत बढ़ जाती है।
ये हैं कोल्ड डायरिया के लक्षण
कोल्ड डायरिया के साथ बच्चों को निमोनिया होने की आशंका बढ़ जाती है। उन्हें उल्टी, बलगम वाली खांसी, बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। बुधवार को सांस लेने में तकलीफ होने पर एक चार माह की बच्ची की मौत भी हो चुकी है।
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तापमान के बीच कम हो रहा अंतर कर रहा बीमार
इन दिनों अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंदर घट गया है। यही बीमारी की वजह बन रहा है। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुटैयाबाग के डॉ. करवीर ने बताया कि इस दौरान लोग खांसी, बुखार, जुकाम, सांस लेने की तकलीफ आदि चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है।
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जिला अस्पताल में अभी कोल्ड डायरिया के मामले नहीं आ रहे हैं, लेकिन निजी अस्पतालों में रोजाना कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे पहुंचे रहे हैं। हिदायत नगर निवासी सोहराब का 11 माह का बेटा गुल्लू सोमवार को बीमार हो गया। उसे शहर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया तो कोल्ड डायरिया बताया गया। डॉक्टर ने बच्चे को एक दिन भर्ती रखा। वहीं सुआगाड़ा निवासी मनोहर की 18 माह की पोती गोल्डी को भी कोल्ड डायरिया हो गया। उसे भी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि उनके पास अब तक कोल्ड डायरिया से पीड़ित कोई बच्चा नहीं आया है, लेकिन ठंड में बच्चों में इसकी शिकायत बढ़ जाती है।
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ये हैं कोल्ड डायरिया के लक्षण
कोल्ड डायरिया के साथ बच्चों को निमोनिया होने की आशंका बढ़ जाती है। उन्हें उल्टी, बलगम वाली खांसी, बुखार, ठंड लगना और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। बुधवार को सांस लेने में तकलीफ होने पर एक चार माह की बच्ची की मौत भी हो चुकी है।
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तापमान के बीच कम हो रहा अंतर कर रहा बीमार
इन दिनों अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंदर घट गया है। यही बीमारी की वजह बन रहा है। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुटैयाबाग के डॉ. करवीर ने बताया कि इस दौरान लोग खांसी, बुखार, जुकाम, सांस लेने की तकलीफ आदि चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है।