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महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की योजना पर ग्रहण
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लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गांवों की महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने की योजना कोरोना महामारी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। पलिया क्षेत्र में थारू जनजाति के 23 गांवों में गठित 331 महिला समूहों को शुरुआत से ही बैंक से मदद (सीसीएल) नहीं मिल पा रही है। जबकि थारू हस्तशिल्प उत्पादों को एक जिला एक उत्पाद योजना में स्थान मिला हुआ है।
पलिया ब्लॉक क्षेत्र में गांव चंदनचौकी समेत 23 थारू जनजाति बाहुल्य गांवों में 331 महिला समूह लंबे समय से कार्य कर रहे हैैं। ये समूह थारू हस्तशिल्प उत्पाद बनाते हैं। इन समूहों को एनआरएलएम द्वारा सहायता मिल पाई है, लेकिन बैंकों से सीसीएल की सुविधा नहीं मिल पाई है। चंदनचौकी में कोआपरेटिव बैंक हैं, जिसमें इन समूहों के खाते खुले हैं। समूहों को 15-15 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड मिलने के बाद सामूहिक निवेश निधि (सीआईएफ) का 1.10 लाख रुपये मिल चुके हैं। इसके बाद बैंक से क्रेडिट लिंकेज होना है, लेकिन कोआपरेटिव बैंक से क्रेडिट लिंकेज का कार्य नहीं हो पा रहा है।
हालांकि चंदनचौकी में हाल मेें ही स्टेट बैंक की शाखा भी खुली है, लेकिन महिला समूहों का आरोप है कि बैंक अधिकारी समूहों का काम करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे परेशान समूहों ने बीडीओ के माध्यम से थारू क्षेत्र में नोडल बैंक यानी इंडियन बैंक की शाखा खोलने की मांग कई बार की, लेकिन इसमें भी सफलता नहीं मिल पाई है। लिहाजा समूहों ने कोआपरेटिव बैंक में संचालित खातों को पलिया स्थित राष्ट्रीयकृत बैंकों में ट्रांसफर करने की मांग रखी। इसमें भी एलडीएम ने सर्विस एरिया का कारण बताकर खाते ट्रांसफर नहीं कराए और न ही नई शाखा खोली। इससे महिला समूहों को आजीविका संवर्धन के काम में झटका लगा है।
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समूहों ने उपायुक्त से की जल्द समाधान की मांग
थारू क्षेत्र के महिला समूहों को सीसीएल का लाभ न मिलने से परेशान सीएलएफ अध्यक्ष उमा देवी, सचिव फूलन देवी, ग्राम संगठन की अध्यक्ष अनीता, रेनू आदि ने उपायुक्त अजय प्रताप सिंह से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। थारू क्षेत्र में खुली स्टेट बैंक की शाखा द्वारा समूहों का कार्य न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए समूहों ने शाखा प्रबंधक को दिशा-निर्देश देने की मांग की है।
नए महिला समूह बनाने में भी पिछड़े
2021-22 में 3734 महिला समूहों का गठन किया जाना है, लेकिन अभी तक 20 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सका है। जनपद के 13 ब्लॉकों (पलिया और निघासन को छोड़कर) में महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए 3734 महिला समूह बनाने का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 490 समूह गठित हुए हैं। गठित समूहों के खाते बैंकों में खुलवाए हैं, जिनमें एनआरएलएम द्वारा 15-15 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड भेजा जाएगा। एनआरएलएम के उपायुक्त अजय प्रताप सिंह ने बताया कि कोविड महामारी के चलते समूहों के गठन का कार्य कई महीने तक बाधित रहा। अब काम में तेजी आएगी।
थारू जनजाति बाहुल्य 23 गांवों के 331 महिला समूहों को बैंक से मदद नहीं मिल पा रही है, जिससे इनका कामकाज प्रभावित हो रहा है। समूहों की मांग है कि कोआपरेटिव बैंक के खातों को इंडियन बैंक पलिया में ट्रांसफर कर दिया जाए या फिर थारू क्षेत्र में नई शाखा खोली जाए। समूहों की समस्या से डीएम को अवगत कराया है। जल्द ही समस्या का हल निकलने की उम्मीद है। - अजय प्रताप सिंह, उपायुक्त, एनआरएलएम
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पलिया ब्लॉक क्षेत्र में गांव चंदनचौकी समेत 23 थारू जनजाति बाहुल्य गांवों में 331 महिला समूह लंबे समय से कार्य कर रहे हैैं। ये समूह थारू हस्तशिल्प उत्पाद बनाते हैं। इन समूहों को एनआरएलएम द्वारा सहायता मिल पाई है, लेकिन बैंकों से सीसीएल की सुविधा नहीं मिल पाई है। चंदनचौकी में कोआपरेटिव बैंक हैं, जिसमें इन समूहों के खाते खुले हैं। समूहों को 15-15 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड मिलने के बाद सामूहिक निवेश निधि (सीआईएफ) का 1.10 लाख रुपये मिल चुके हैं। इसके बाद बैंक से क्रेडिट लिंकेज होना है, लेकिन कोआपरेटिव बैंक से क्रेडिट लिंकेज का कार्य नहीं हो पा रहा है।
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हालांकि चंदनचौकी में हाल मेें ही स्टेट बैंक की शाखा भी खुली है, लेकिन महिला समूहों का आरोप है कि बैंक अधिकारी समूहों का काम करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे परेशान समूहों ने बीडीओ के माध्यम से थारू क्षेत्र में नोडल बैंक यानी इंडियन बैंक की शाखा खोलने की मांग कई बार की, लेकिन इसमें भी सफलता नहीं मिल पाई है। लिहाजा समूहों ने कोआपरेटिव बैंक में संचालित खातों को पलिया स्थित राष्ट्रीयकृत बैंकों में ट्रांसफर करने की मांग रखी। इसमें भी एलडीएम ने सर्विस एरिया का कारण बताकर खाते ट्रांसफर नहीं कराए और न ही नई शाखा खोली। इससे महिला समूहों को आजीविका संवर्धन के काम में झटका लगा है।
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समूहों ने उपायुक्त से की जल्द समाधान की मांग
थारू क्षेत्र के महिला समूहों को सीसीएल का लाभ न मिलने से परेशान सीएलएफ अध्यक्ष उमा देवी, सचिव फूलन देवी, ग्राम संगठन की अध्यक्ष अनीता, रेनू आदि ने उपायुक्त अजय प्रताप सिंह से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। थारू क्षेत्र में खुली स्टेट बैंक की शाखा द्वारा समूहों का कार्य न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए समूहों ने शाखा प्रबंधक को दिशा-निर्देश देने की मांग की है।
नए महिला समूह बनाने में भी पिछड़े
2021-22 में 3734 महिला समूहों का गठन किया जाना है, लेकिन अभी तक 20 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सका है। जनपद के 13 ब्लॉकों (पलिया और निघासन को छोड़कर) में महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए 3734 महिला समूह बनाने का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 490 समूह गठित हुए हैं। गठित समूहों के खाते बैंकों में खुलवाए हैं, जिनमें एनआरएलएम द्वारा 15-15 हजार रुपये रिवाल्विंग फंड भेजा जाएगा। एनआरएलएम के उपायुक्त अजय प्रताप सिंह ने बताया कि कोविड महामारी के चलते समूहों के गठन का कार्य कई महीने तक बाधित रहा। अब काम में तेजी आएगी।
थारू जनजाति बाहुल्य 23 गांवों के 331 महिला समूहों को बैंक से मदद नहीं मिल पा रही है, जिससे इनका कामकाज प्रभावित हो रहा है। समूहों की मांग है कि कोआपरेटिव बैंक के खातों को इंडियन बैंक पलिया में ट्रांसफर कर दिया जाए या फिर थारू क्षेत्र में नई शाखा खोली जाए। समूहों की समस्या से डीएम को अवगत कराया है। जल्द ही समस्या का हल निकलने की उम्मीद है। - अजय प्रताप सिंह, उपायुक्त, एनआरएलएम