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जाने माने वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ वीपी सिंह नही रहे
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डॉ वीपी सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। जाने माने वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ वीपी सिंह (70) नहीं रहे। वह लंबे अरसे से पित्ताशय के कैंसर से जूझ रहे थे। शनिवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
युवराजदत्त विद्यालय में जन्तु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में लंबे अरसे तक सेवाएं देने वाले डॉ वीपी सिंह को वन्यजीवों से बेहद लगाव था। उन्होंने वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण पर काफी काम किया। उनकी सेवाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें राज्य वन्यजीव सलाहकार परिषद का सदस्य मनोनीत किया था।
डॉ सिंह ने तराई कंजरवेशन सोसायटी के माध्यम से वन और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काफी कार्य किया। उनके निधन से वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और वन्यजीव प्रेमियों में शोक है। संवाद
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युवराजदत्त विद्यालय में जन्तु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में लंबे अरसे तक सेवाएं देने वाले डॉ वीपी सिंह को वन्यजीवों से बेहद लगाव था। उन्होंने वन्यजीवों और पर्यावरण के संरक्षण पर काफी काम किया। उनकी सेवाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें राज्य वन्यजीव सलाहकार परिषद का सदस्य मनोनीत किया था।
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डॉ सिंह ने तराई कंजरवेशन सोसायटी के माध्यम से वन और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काफी कार्य किया। उनके निधन से वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और वन्यजीव प्रेमियों में शोक है। संवाद
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